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चालीस हजार की आबादी पानी की कमी से जूझ रही
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Mon, 23 Apr 2018 12:33 AM IST
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चालीस हजार की आबादी पानी की कमी से जूझ रही
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। तीखी धूप के साथ प्रचंड गर्मी शुरू हो गई है। इस बीच भूगर्भ जल स्तर भी नीचे जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। भूगर्भ साधारण हैंडपंप जवाब देने लगे हैं, ऐसे में शुद्ध पेयजल से प्यास बुझाने के लिए लोग परेशान हैं। खास कर उन छह ग्राम पंचायतों के लोग जिन्हें शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 17.49 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत समूह पेयजल योजना के तहत पानी उपलब्ध कराने की योजना है। मगर, इन गांवों की पेयजल परियोजनाएं इस प्रचंड गर्मी में भी अधर में पड़ी हुई हैं।
स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल निगम की तरफ से ग्राम पंचायत समूह पेयजल परियोजना के तहत शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए जिन आधा दर्जन ग्राम पंचायतों का चयन किया है, उनमें करमहा, बांसपार बैजौली, बेलवा बुजुर्ग, चौक, सिन्दुरियां तथा बड़हरामीर शामिल हैं। इस परियोजना के तहत इन सभी गांवों का चयन दो साल पहले ही हुआ था लेकिन अभी तक किसी भी परियोजना का काम पूरा नहीं हो सका है। इससे चलते संबंधित गांवों के लोग स्वच्छ पेयजल के लिए परेशान हैं। इसमें सांसद आदर्श गांव बड़हरामीर की पेयजल परियोजना कई महीनों तक भूमि विवाद में लटकी रही, वहीं सिन्दुरियां की परियोजना इस क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य द्वारा गुणवत्ता को लेकर दर्ज कराई गई शिकायत के बाद से ठप पड़ी है। इसी प्रकार बांसपार बैजौली में भी कई महीनों तक भूमि विवाद के चलते ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। अन्य जगहों पर भी इस योजना के तहत काम धनाभाव के कारण धीमी गति से चल रही है। इससे इस गर्मी में काम पूरा हो पाने की कम ही उम्मीद है।
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स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल निगम की तरफ से ग्राम पंचायत समूह पेयजल परियोजना के तहत शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए जिन आधा दर्जन ग्राम पंचायतों का चयन किया है, उनमें करमहा, बांसपार बैजौली, बेलवा बुजुर्ग, चौक, सिन्दुरियां तथा बड़हरामीर शामिल हैं। इस परियोजना के तहत इन सभी गांवों का चयन दो साल पहले ही हुआ था लेकिन अभी तक किसी भी परियोजना का काम पूरा नहीं हो सका है। इससे चलते संबंधित गांवों के लोग स्वच्छ पेयजल के लिए परेशान हैं। इसमें सांसद आदर्श गांव बड़हरामीर की पेयजल परियोजना कई महीनों तक भूमि विवाद में लटकी रही, वहीं सिन्दुरियां की परियोजना इस क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य द्वारा गुणवत्ता को लेकर दर्ज कराई गई शिकायत के बाद से ठप पड़ी है। इसी प्रकार बांसपार बैजौली में भी कई महीनों तक भूमि विवाद के चलते ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। अन्य जगहों पर भी इस योजना के तहत काम धनाभाव के कारण धीमी गति से चल रही है। इससे इस गर्मी में काम पूरा हो पाने की कम ही उम्मीद है।
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