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Maharajganj News: विस्तारित क्षेत्रों में पहले नए निर्माण पर लगाते हैं रोक, चढ़ावा चढ़ाते ही मिल जाती खुली छूट
Sun, 18 Jun 2023 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 18 Jun 2023 01:41 AM IST
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महायोजना 2021 में चिह्नित क्षेत्र में धड़ल्ले से बन रहे मकान, महायोजना 2031 प्रक्रिया में, मंजूरी मिलने का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। महायोजना 2031 को शासन से अभी मंजूरी नहीं मिली है, प्रक्रिया में है। इस बीच बहुत सारे लोगों ने जमीनें खरीद लीं और अब घर बनवाने की जोड़-तोड़ कर रहे हैं। जैसे ही निर्माण कार्य शुरू हो रहा है, विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता और कर्मचारी काम को रुकवा दे रहे हैं।
कर्मियों के अनुसार भवन का मानचित्र पास कराना जरूरी है, लेकिन आवेदन करने पर नक्शा नहीं बन रहा है। इसके इतर तमाम ऐसे भी लोग हैं, जो चढ़ावा के बल पर निर्माण कार्य करा रहे हैं। इसके प्रमाण हैं चिह्नित किए गए नए एरिया में महायोजना पास होने से पहले बन रहे मकान। बहरहाल, डर सभी के मन में हैं कि बिना नक्शा पास हुए कहीं घर बनवा लिए और बुलडोजर चल गया तो उनकी गाढ़ी कमाई डूब जाएगी।
नगर के विस्तार में शामिल नए गांवों-मुहल्लों में निर्माण कार्य के लिए नक्शा बनवाना जरूरी है, लेकिन ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पा रहा है। कार्यालय में जाने पर कर्मचारी सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। अधिकतर लोगों को यही सलाह दी जा रही है कि आप अवर अभियंता से बात करके काम शुरू कराइए। बाद में देखा जाएगा।
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नगर पालिका क्षेत्र के विस्मिल नगर के मुहल्ले के रहने वाले रामकोमल को नोटिस मिली है। 27 अप्रैल को नोटिस देकर धारा छह का उल्लंघन कर निर्माण करने का आरोप है। नोटिस में लिखा गया है कि अवर अभियंता की जांच आख्या के आधार बिना मानचित्र स्वीकृत कराए भूतल पर भवन निर्माण करा चुके हैं। 11 मई 2024 को उप जिलाधिकारी न्यायालय में पेश होने का आदेश दिया गया था। नोटिस के बाद वह इधर-उधर भटक रहे हैं। रामकोमल ने आरोप लगाया कि पहले दो हजार रुपये की मांग की गई। बाद में पांच हजार की मांग की जाने लगी। रकम नहीं दिया तो नोटिस थमा दिया गया। फाइल जमा है, लेकिन नक्शा पास नहीं हो रहा है। इन्हीं की तरह से तमाम ऐसे लोग हैं जो नक्शा पास कराने के लिए भटक रहे हैं। चढावा मिल जाने पर नियम कानून दरकिनार कर अनुमति दे दी जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि ग्रीन बेल्ट में धड़ाधड़ निर्माण हुए हैं, लेकिन उसे रोकने में विनयमित क्षेत्र ने कोई रुचि नहीं दिखाई। दो मंजिला मकान व दुकान ग्रीन बेल्ट में ही बने हैं। महायोजना 2021 में चिह्नित ग्रीन बेल्ट में कंकरीट की इमारतें खड़ी हो चुकी हैं।
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महायोजना में तय होगा लैंडयूज, इसलिए रोका जा रहा निर्माण
अधिकारियों का कहना है कि कई इलाकों में लैंड यूज महायोजना 2031 लागू होने के बाद ही तय हो पाएगा। इसलिए, इन क्षेत्रों में नए निर्माण कार्य पर रोक लगाई जा रही है। जिन जगहों पर पहले से आबादी है, वहां पर निर्माण में कोई दिक्कत नहीं है। हाईवे के किनारे, बाग या कृषि योग्य भूमि पर नया निर्माण कराने पर रोक लगाई जा रही है।
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दो माह से कार्यालय में लटका नक्शा
पिपरपाती गांव के रहने वाले आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि नगर क्षेत्र में शामिल गांव तरकुलवा में जमीन लिया हूं और मकान बनवा रहा हूं। नक्शे के लिए विनियमित क्षेत्र कार्यालय में चक्कर लगाते हुए करीब दो महीने से ज्यादा हो गया है, लेकिन नक्शा पास नहीं हो पा रहा है। ऐसे में काम लटका हुआ है। विभाग का कहना है कि अभी यह गांव महायोजना में पास नहीं हुआ है। जो लोग चढ़ावा दे रहे हैं, उनका काम पल भर हो रहा है। पता नहीं की कारणों से नक्शा लटका दिया गया है। अब तो ज्यादा समस्या हो रही हैं। ईट, बालू और गिट्टी वाले को नकद भुगतान कर चुका हूं। निर्माण भी ठप है। कुछ समझ में नहीं हा रहा है कि क्या करूं।
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नक्शा नहीं बनने की बात कर लौटा दे रहे
दीक्षा मणि त्रिपाठी की जमीन भी तरकलुवा में हैं। वह विनयमित क्षेत्र के कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश हैं। नक्शे के लिए विभाग में मानचित्र जमा किया हैं, लेकिन विभाग ने अब तक नक्शा पास नहीं किया गया हैं। विभाग का चक्कर लगा लगाकर थक चुके हूं। हर बार यही कहा जा रहा है कि महायोजना में अभी गांव नहीं आया हैं। नक्शा पास नहीं होगा तो बैंक से लोन नहीं मिल पाएगा। मकान कैसे बनेगा, इसकी चिंता सता रही है। बेवजह फाइल लटका दी गई है। अब तो वक्त का इंतजार किया जा रहा है। देखना है कि आने वाले दिनों में क्या होता है।
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तीन माह से नहीं पास हो रहा नक्शा
शास्त्री नगर के रहने वाले उपेंद्र भी परेशान हैं। विभाग की कारस्तानी बयां करते हुए उन्होंने गुस्से का इजहार किया। उन्होंने कहा कि तीन माह गुजर गया, लेकिन नक्शा पास नहीं हुआ। यह वार्ड महायोजना में पहले से शामिल हैं। कार्यालय जाने पर इतने नियम-कानून बता दिए जाते हैं कि समझ में नहीं आता है। बार-बार कार्यालय जाकर थक चुका हूं। तमाम लोगों का नक्शा पास हो रहा है। उनके लिए नियम-कानून कहां है।
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कोट
नियमानुसार बने नक्शे को पास किया जा रहा है। वही नक्शे पास नहीं हुए होंगे जो नियमानुसार नहीं बने होंगे। नियम के विपरित निर्माण होने पर नोटिस देकर निर्माण रोकवा दिया जाता है। तमाम लोगों को नोटिस दिया गया है। रकम लेने का आरोप बेबुनियाद है। नियम का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। ग्रीन बेल्ट में मकान बनवाने वालों को नोटिस दिया जा रहा है।
केके दूबे, अवर अभियंता, विनियमित क्षेत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। महायोजना 2031 को शासन से अभी मंजूरी नहीं मिली है, प्रक्रिया में है। इस बीच बहुत सारे लोगों ने जमीनें खरीद लीं और अब घर बनवाने की जोड़-तोड़ कर रहे हैं। जैसे ही निर्माण कार्य शुरू हो रहा है, विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता और कर्मचारी काम को रुकवा दे रहे हैं।
कर्मियों के अनुसार भवन का मानचित्र पास कराना जरूरी है, लेकिन आवेदन करने पर नक्शा नहीं बन रहा है। इसके इतर तमाम ऐसे भी लोग हैं, जो चढ़ावा के बल पर निर्माण कार्य करा रहे हैं। इसके प्रमाण हैं चिह्नित किए गए नए एरिया में महायोजना पास होने से पहले बन रहे मकान। बहरहाल, डर सभी के मन में हैं कि बिना नक्शा पास हुए कहीं घर बनवा लिए और बुलडोजर चल गया तो उनकी गाढ़ी कमाई डूब जाएगी।
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नगर के विस्तार में शामिल नए गांवों-मुहल्लों में निर्माण कार्य के लिए नक्शा बनवाना जरूरी है, लेकिन ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पा रहा है। कार्यालय में जाने पर कर्मचारी सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। अधिकतर लोगों को यही सलाह दी जा रही है कि आप अवर अभियंता से बात करके काम शुरू कराइए। बाद में देखा जाएगा।
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नगर पालिका क्षेत्र के विस्मिल नगर के मुहल्ले के रहने वाले रामकोमल को नोटिस मिली है। 27 अप्रैल को नोटिस देकर धारा छह का उल्लंघन कर निर्माण करने का आरोप है। नोटिस में लिखा गया है कि अवर अभियंता की जांच आख्या के आधार बिना मानचित्र स्वीकृत कराए भूतल पर भवन निर्माण करा चुके हैं। 11 मई 2024 को उप जिलाधिकारी न्यायालय में पेश होने का आदेश दिया गया था। नोटिस के बाद वह इधर-उधर भटक रहे हैं। रामकोमल ने आरोप लगाया कि पहले दो हजार रुपये की मांग की गई। बाद में पांच हजार की मांग की जाने लगी। रकम नहीं दिया तो नोटिस थमा दिया गया। फाइल जमा है, लेकिन नक्शा पास नहीं हो रहा है। इन्हीं की तरह से तमाम ऐसे लोग हैं जो नक्शा पास कराने के लिए भटक रहे हैं। चढावा मिल जाने पर नियम कानून दरकिनार कर अनुमति दे दी जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि ग्रीन बेल्ट में धड़ाधड़ निर्माण हुए हैं, लेकिन उसे रोकने में विनयमित क्षेत्र ने कोई रुचि नहीं दिखाई। दो मंजिला मकान व दुकान ग्रीन बेल्ट में ही बने हैं। महायोजना 2021 में चिह्नित ग्रीन बेल्ट में कंकरीट की इमारतें खड़ी हो चुकी हैं।
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महायोजना में तय होगा लैंडयूज, इसलिए रोका जा रहा निर्माण
अधिकारियों का कहना है कि कई इलाकों में लैंड यूज महायोजना 2031 लागू होने के बाद ही तय हो पाएगा। इसलिए, इन क्षेत्रों में नए निर्माण कार्य पर रोक लगाई जा रही है। जिन जगहों पर पहले से आबादी है, वहां पर निर्माण में कोई दिक्कत नहीं है। हाईवे के किनारे, बाग या कृषि योग्य भूमि पर नया निर्माण कराने पर रोक लगाई जा रही है।
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दो माह से कार्यालय में लटका नक्शा
पिपरपाती गांव के रहने वाले आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि नगर क्षेत्र में शामिल गांव तरकुलवा में जमीन लिया हूं और मकान बनवा रहा हूं। नक्शे के लिए विनियमित क्षेत्र कार्यालय में चक्कर लगाते हुए करीब दो महीने से ज्यादा हो गया है, लेकिन नक्शा पास नहीं हो पा रहा है। ऐसे में काम लटका हुआ है। विभाग का कहना है कि अभी यह गांव महायोजना में पास नहीं हुआ है। जो लोग चढ़ावा दे रहे हैं, उनका काम पल भर हो रहा है। पता नहीं की कारणों से नक्शा लटका दिया गया है। अब तो ज्यादा समस्या हो रही हैं। ईट, बालू और गिट्टी वाले को नकद भुगतान कर चुका हूं। निर्माण भी ठप है। कुछ समझ में नहीं हा रहा है कि क्या करूं।
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नक्शा नहीं बनने की बात कर लौटा दे रहे
दीक्षा मणि त्रिपाठी की जमीन भी तरकलुवा में हैं। वह विनयमित क्षेत्र के कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश हैं। नक्शे के लिए विभाग में मानचित्र जमा किया हैं, लेकिन विभाग ने अब तक नक्शा पास नहीं किया गया हैं। विभाग का चक्कर लगा लगाकर थक चुके हूं। हर बार यही कहा जा रहा है कि महायोजना में अभी गांव नहीं आया हैं। नक्शा पास नहीं होगा तो बैंक से लोन नहीं मिल पाएगा। मकान कैसे बनेगा, इसकी चिंता सता रही है। बेवजह फाइल लटका दी गई है। अब तो वक्त का इंतजार किया जा रहा है। देखना है कि आने वाले दिनों में क्या होता है।
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तीन माह से नहीं पास हो रहा नक्शा
शास्त्री नगर के रहने वाले उपेंद्र भी परेशान हैं। विभाग की कारस्तानी बयां करते हुए उन्होंने गुस्से का इजहार किया। उन्होंने कहा कि तीन माह गुजर गया, लेकिन नक्शा पास नहीं हुआ। यह वार्ड महायोजना में पहले से शामिल हैं। कार्यालय जाने पर इतने नियम-कानून बता दिए जाते हैं कि समझ में नहीं आता है। बार-बार कार्यालय जाकर थक चुका हूं। तमाम लोगों का नक्शा पास हो रहा है। उनके लिए नियम-कानून कहां है।
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कोट
नियमानुसार बने नक्शे को पास किया जा रहा है। वही नक्शे पास नहीं हुए होंगे जो नियमानुसार नहीं बने होंगे। नियम के विपरित निर्माण होने पर नोटिस देकर निर्माण रोकवा दिया जाता है। तमाम लोगों को नोटिस दिया गया है। रकम लेने का आरोप बेबुनियाद है। नियम का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। ग्रीन बेल्ट में मकान बनवाने वालों को नोटिस दिया जा रहा है।
केके दूबे, अवर अभियंता, विनियमित क्षेत्र