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Maharajganj News: पहले शौक, अब तस्करों के लिए पहन रहे सोना

Fri, 15 Nov 2024 02:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Fri, 15 Nov 2024 02:49 AM IST
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First a hobby, now wearing gold for smugglers
महराजगंज। सरहद पर तस्करी के तरीके बदल रहे हैं। चाहे इस पार हो या फिर उस पार, जहां भी सामान का रेट बढ़ता है, तस्करी शुरू हो जाती है। यही वजह है कि नेपाल में सोने का भाव बढ़ने पर तस्करों ने सामान्य लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
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यह तो पहले भी होता था कि लोग सोने-चांदी के जेवर पहनकर जाते थे, लेकिन तब अपने शौक को पूरा करने के लिए लोग जेवर ले जाते थे। अब यह तस्करों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। ऐसा करने से किसी को शक भी नहीं होता है। इसमें कैरियर समेत मुख्य सरगना मोटी रकम आसानी से मिल जाती है।
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सूत्रों की मानें तो सरहद पर सोना तस्कर सक्रिय हैं। आम जरूरतमंदों के बीच सोना की भारी मांग एवं लगातार नेपाल में सोना के दामों में उछाल के बाद भारतीय क्षेत्र के सोना तस्करों की सक्रियता बॉर्डर पर बढ़ती जा रही है। सूत्रों की मानें तो करोड़ों रुपये के गोल्ड इधर-उधर कर दिए जा रहे हैं। इस बीच कैरियरों को लगभग पांच लाख का फायदा रोजाना होना बताया जा रहा है।
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पर्यटक के रूप में जाने वाले कैरियर कुछ सोने के गहने तो कुछ 10 ग्राम से लेकर 50 ग्राम के सिक्के आसानी से सीमा पार पहुंचा दे रहे हैं। इसमें प्रति दस ग्राम सोना नेपाल पहुंचाने पर दस हजार का लाभ हो रहा है।
बॉर्डर से सटे भारतीय सरहदी क्षेत्र में करीब 12 किमी के लगभग क्षेत्र में नेपाली और भारतीय सोने की मांग रहती है। वहीं नेपाल में सोना के भाव में उछाल आते ही भारतीय क्षेत्र के सोना तस्कर अपना काम शुरू कर देते हैं। सूत्रों की मानें तो छोटे-बड़े कैरियर मिलाकर प्रतिदिन करीब 5 किलो सोने को सीमा पार करा रहे हैं। इसके एवज में छोटे कैरियरों को लगभग दो लाख एवं बड़े कैरियरों को करीब तीन लाख कमीशन का लाभ हो रहा है। जानकारों ने यह भी बताया कि भारतीय सोना को नेपाल के भैरहवा (मिलनचौक) गल्लामंडी स्थित एक प्रमुख कारोबारी के शह पर बुटवल, परासी, बेथरी लुम्बिनी, मणिग्राम, भलवारी जैसे कस्बों में सप्लाई कर दिया जाता है।
खुली सीमा का लाभ उठा रहे तस्कर : सीमावर्ती क्षेत्र के युवा नेपाल में सोना के दाम में बढ़ोतरी के बाद एक नया ट्रेंड बनाया है। 10 ग्राम का 10,000 रुपये शुद्ध मुनाफा को लेकर नौतनवा और सोनौली के चार से पांच की संख्या में युवक प्रतिदिन नेपाल कैसीनो जाने के नाम पर स्कूटी, मोटरसाइकिल और साइकिल से तस्करी शुरू हुई है।

युवक गले में सोने की मोटी चेन अंगूठी और कड़ा लगा कर आसानी से नेपाल जाते देखे जा सकता है। वापसी में उनके पास वह समान नहीं होता।
नेपाल और भारत में सोना के दामों में काफी अंतर : नेपाल भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि भारतीय मुद्रा की कमी की बड़ी वजह लोग सोने की तस्करी को भी माना जा रहा है। भारत में 10 ग्राम सोना नेपाल के रेट से 11,500 भारतीय रुपये अधिक है। इसके कारण भारत से सोने की तस्करी हो रही है। वहीं सूत्रों का कहना है कि भारत से सोने की नेपाल में तस्करी की जा रही है। तस्करों को पेमेंट नेपाली करेंसी में हो रहा है और तस्कर उसे भारतीय मुद्रा बनाने के लिए किसी भी मुद्रा परिवर्तन दर पर ले रहे हैं।
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