{"_id":"5b58cc2d4f1c1b61508b5464","slug":"filing-a-claim-for-getting-children-from-the-family","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘बच्चों से भरण-पोषण पाने को वाद दाखिल करें बुजुर्ग’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘बच्चों से भरण-पोषण पाने को वाद दाखिल करें बुजुर्ग’
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
‘बच्चों से भरण-पोषण पाने को वाद दाखिल करें बुजुर्ग’
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में बुधवार को प्राथमिक विद्यालय उदितपुर प्रथम के निकट रेलवे स्टेशन लोक विद्यापीठ नगर फरेंदा में विधिक साक्षरता शिविर आयोजन किया गया। वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों को लेकर आयोजित शिविर में प्राधिकरण के सचिव रामकिशोर ने कहा कि अपने बच्चों से भरण पोषण पाने के लिए बूढ़े माता-पिता को न्यायालय में वाद दाखिल करना होगा।
उन्होंने कहा कि वाद दाखिल किए जाने पर न्यायालय की तरफ से उनके भरण पोषण के लिए धनराशि दिलवाई जाएगी। इसके अलावा 60 या इससे अधिक आयु वर्ग के नागरिकों से रेलवे ट्रेन से यात्रा पर आधा किराया लेता है। अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सेवाओं में छूट दी जाती है। एलआईसी कराने पर उन्हें जो रकम मिलता है, उस पर आयकर भी नहीं देना पड़ता है। तहसीलदार फरेंदा अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि पहले लोग पंचायतों के माध्यम से बड़े से बड़े मामलों को हल कर लेते थे। उन्होंने लोगों से कहा कि कोई भी समस्या आए तो धैर्य से काम लें। समझ बूझकर मामले का हल निकालने की कोशिश करें। अधिवक्ता राजेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि पहले भाईचारगी हुआ करती थी। अब समय बदल गया है। लोग छोटी-छोटी बातों पर थानों व कोर्ट में पहुंच जाते हैं। इससे लोगों का पैसा व समय दोनों बर्बाद होता है। इस दौरान ग्राम प्रधान भागीरथी प्रसाद, पीडब्ल्यूडी के एई सोहन कुुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वाद दाखिल किए जाने पर न्यायालय की तरफ से उनके भरण पोषण के लिए धनराशि दिलवाई जाएगी। इसके अलावा 60 या इससे अधिक आयु वर्ग के नागरिकों से रेलवे ट्रेन से यात्रा पर आधा किराया लेता है। अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सेवाओं में छूट दी जाती है। एलआईसी कराने पर उन्हें जो रकम मिलता है, उस पर आयकर भी नहीं देना पड़ता है। तहसीलदार फरेंदा अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि पहले लोग पंचायतों के माध्यम से बड़े से बड़े मामलों को हल कर लेते थे। उन्होंने लोगों से कहा कि कोई भी समस्या आए तो धैर्य से काम लें। समझ बूझकर मामले का हल निकालने की कोशिश करें। अधिवक्ता राजेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि पहले भाईचारगी हुआ करती थी। अब समय बदल गया है। लोग छोटी-छोटी बातों पर थानों व कोर्ट में पहुंच जाते हैं। इससे लोगों का पैसा व समय दोनों बर्बाद होता है। इस दौरान ग्राम प्रधान भागीरथी प्रसाद, पीडब्ल्यूडी के एई सोहन कुुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन