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Maharajganj News: सीएचसी-पीएचसी पर लगाए जाएंगे फिटल मॉनिटर
Tue, 13 May 2025 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 13 May 2025 12:36 AM IST
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महराजगंज। गर्भवती महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। गर्भ में पल रहे शिशु की ह्रदय गति की जांच के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फिटल माॅनिटर लगाएं जाएंगे।
इस उपकरण की मदद से चिकित्सक गर्भ में पल रहे शिशु की ह्रदय गति और उसकी शारीरिक गतिविधियों की निगरानी कर सकेंगे। इससे न केवल मां और शिशु दोनों की सेहत का बेहतर मूल्यांकन हो सकेगा, बल्कि प्रसव से पूर्व किसी भी जटिलता को समय रहते पहचाना जा सकता है।
जानकारी के अनुसार, जिले में 17 सीएचसी, 40 पीएचसी और एक नगरीय पीएचसी संचालित होती है। गर्भवतियों को बेहतर जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नई व्यवस्था की शुरुआत की गई है। प्रत्येक केंद्रों पर फिटल माॅनिटर के साथ अब पल्स ऑक्सीमीटर भी रहेगी। पल्स ऑक्सीमीटर से एक मिनट के भीतर ऑक्सीजन की मात्रा और बीपी की जानकारी हो सकेगी।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ, श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि सीएचसी और पीएचसी पर इन उपकरणों को चरणबद्ध व्यवस्थित कराया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य की पहुंच और गुणवक्ता दोनों में सुधार होगा। इससे गर्भवती महिलाओं को बेहतर जांच की सुविधा मिलेगी।
फिटल मॉनिटर एक ऐसा उपकरण है जो मां के गर्भाशय में बच्चे की हृदय गति और उसकी गतिविधि को ट्रैक करता है। यह उपकरण गर्भवती महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान निगरानी और देखभाल के लिए आवश्यक है।
फिटल माॅनिटर लगने से गर्भवती महिलाओं के लिए बेहतर निगरानी और देखभाल की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं का पता लगाने और बेहतर इलाज में मदद मिलेगी। सीएचसी और पीएचसी में सुविधा मिलने से गर्भवतियों को काफी राहत मिलेगी।
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इस उपकरण की मदद से चिकित्सक गर्भ में पल रहे शिशु की ह्रदय गति और उसकी शारीरिक गतिविधियों की निगरानी कर सकेंगे। इससे न केवल मां और शिशु दोनों की सेहत का बेहतर मूल्यांकन हो सकेगा, बल्कि प्रसव से पूर्व किसी भी जटिलता को समय रहते पहचाना जा सकता है।
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जानकारी के अनुसार, जिले में 17 सीएचसी, 40 पीएचसी और एक नगरीय पीएचसी संचालित होती है। गर्भवतियों को बेहतर जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नई व्यवस्था की शुरुआत की गई है। प्रत्येक केंद्रों पर फिटल माॅनिटर के साथ अब पल्स ऑक्सीमीटर भी रहेगी। पल्स ऑक्सीमीटर से एक मिनट के भीतर ऑक्सीजन की मात्रा और बीपी की जानकारी हो सकेगी।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ, श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि सीएचसी और पीएचसी पर इन उपकरणों को चरणबद्ध व्यवस्थित कराया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य की पहुंच और गुणवक्ता दोनों में सुधार होगा। इससे गर्भवती महिलाओं को बेहतर जांच की सुविधा मिलेगी।
फिटल मॉनिटर एक ऐसा उपकरण है जो मां के गर्भाशय में बच्चे की हृदय गति और उसकी गतिविधि को ट्रैक करता है। यह उपकरण गर्भवती महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान निगरानी और देखभाल के लिए आवश्यक है।
फिटल माॅनिटर लगने से गर्भवती महिलाओं के लिए बेहतर निगरानी और देखभाल की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं का पता लगाने और बेहतर इलाज में मदद मिलेगी। सीएचसी और पीएचसी में सुविधा मिलने से गर्भवतियों को काफी राहत मिलेगी।