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किसानों ने गन्ना अधिकारी कार्यालय में जड़ा ताला
Sat, 02 Feb 2019 12:48 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 02 Feb 2019 12:48 AM IST
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किसानों ने गन्ना अधिकारी कार्यालय में जड़ा ताला
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। सदर विकास खंड के सिसवां अमहवां केंद्र से जुड़े गन्ना किसानों ने शुक्रवार को जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के गेट पर ताला लगाकर घेराव किया। किसानों ने वहां नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया। कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा समझाने पर किसानों ने प्रदर्शन बंद किया।
किसानों का आरोप था कि दरहटा व सिसवां अमहवां केंद्र पर उनके गन्ने की तौल नहीं की जा रही है। किसान अभिषेक पटेल ने आरोप लगया कि सिसवां में जाने वाले किसानों को मिल गेट पर पर्ची भी नहीं दी जा रही है। किसान अगर इसकी शिकायत करते हैं तो केवल आश्वासन दिया जा रहा है। अगर किसी किसान की पर्ची आ रही है तो सिसवां मिल के कर्मचारियों की उस पर मुहर नहीं लगाई जाती है। मुहर न लगने से तौल केंद्र पर किसानों का गन्ना लेने से इंकार कर दिया जाता है। किसानों ने आरोप लगाया है कि फरेंदा गन्ना सचिव का व्यवहार ठीक नहीं है। वह किसानों की समस्याएं नहीं सुनते हैं। किसानों का कहना था कि गन्ना अधिकारी द्वारा 10 दिन पहले कहा गया था कि सात दिन के अंदर उनकी समस्याओं का निस्तारण कर किसानों को पर्ची दी जाएगी, लेकिन अब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। क्षेत्र के किसान परेशान होकर अपने गन्ने को औने-पौने दाम पर क्रेशर पर बेचने को विवश हो रहे हैं। इस मौके पर महेंद्र सिंह, विनोद गुप्ता, राम दयाल, मिथलेश, वंश बहादुर, विश्वनाथ, काशीनाथ, पारस आदि किसान मौजूद रहे।
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किसानों का आरोप था कि दरहटा व सिसवां अमहवां केंद्र पर उनके गन्ने की तौल नहीं की जा रही है। किसान अभिषेक पटेल ने आरोप लगया कि सिसवां में जाने वाले किसानों को मिल गेट पर पर्ची भी नहीं दी जा रही है। किसान अगर इसकी शिकायत करते हैं तो केवल आश्वासन दिया जा रहा है। अगर किसी किसान की पर्ची आ रही है तो सिसवां मिल के कर्मचारियों की उस पर मुहर नहीं लगाई जाती है। मुहर न लगने से तौल केंद्र पर किसानों का गन्ना लेने से इंकार कर दिया जाता है। किसानों ने आरोप लगाया है कि फरेंदा गन्ना सचिव का व्यवहार ठीक नहीं है। वह किसानों की समस्याएं नहीं सुनते हैं। किसानों का कहना था कि गन्ना अधिकारी द्वारा 10 दिन पहले कहा गया था कि सात दिन के अंदर उनकी समस्याओं का निस्तारण कर किसानों को पर्ची दी जाएगी, लेकिन अब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। क्षेत्र के किसान परेशान होकर अपने गन्ने को औने-पौने दाम पर क्रेशर पर बेचने को विवश हो रहे हैं। इस मौके पर महेंद्र सिंह, विनोद गुप्ता, राम दयाल, मिथलेश, वंश बहादुर, विश्वनाथ, काशीनाथ, पारस आदि किसान मौजूद रहे।
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