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मौसम का तेवर देख फसल सहेजने में जुटे किसान
Maharajganj
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:11 AM IST
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कंबाइन से गेहूं कटवाते किसान
- फोटो : amarujala
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महराजगंज। मौसम के बदलते तेवर से किसान परेशान हैं। बीते दिनों आई तेज आंधी पानी ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। उन्हें डर है कि कहीं फिर से मौसम का मिजाज बदला, तो परेशानी बढ़ेगी। जिले में एक लाख 49 हजार 385 हेक्टेयर में खेती की गई है, जो पूरी तरह से कटने के लिए तैयार है।
जिले में विभिन्न स्थानों पर गेहूं की कटाई तेज हो गई है। किसान सिवान में रतजगा कर खेत की कटाई करने के साथ ही पशुओं के चारा का भी इंतजाम कर रहे हैं। तैयार हो चुकी फसल की कटाई के लिए कंबाइन मशीनें भी सिवानों में पहुंचने लगी है। पीछे-पीछे भूसा बनाने वाली मशीन भी साथ चल रही है। कारण अगर मौसम का मिजाज बदलता है तो फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगी।
पिछले सप्ताह पड़े थे ओले
बीते सप्ताह आई आंधी, पानी के बीच ओले भी पड़े थे। जिससे कुछ फसलें जमीन पकड़ ली। जिसकी कटाई को लेकर किसानों के समक्ष समस्या पैदा हो गई है। कारण यह है कि जमीन पकड़ लेने वाली फसलों की कटाई अब हाथ से करना पड़ रहा है। इसके कारण किसान गेहूं की फसल को जल्द से जल्द कटवा लेना चाह रहा है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार यादव ने कहा कि मौसम को देखते हुए किसानों को चाहिए कि वह जल्द से जल्द अपने गेहूं की कटाई करा लें तथा ही भूसा भी बनवा लें। किसान डंठल को कत्तई न जलाएं। डंठल जलाने से खेत की उर्वरा शक्ति का क्षरण तो होता ही है। साथ ही किसानों के मित्र कीट भी मर जाते हैं।
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कटाई के साथ भूसा भी बनवा रहे किसान
गेहूं की फसल की कटाई के साथ ही किसान भूसा भी बनवाने लगे हैं। कारण कि एक तो डंठल जलाने वालों के विरुद्ध प्रशासन की सख्ती दूसरे मौसम के बदलते तेवर से जल्द से जल्द भूसा भी बनवाना उचित समझ रहे हैं। कारण कि अगर पूरी तरह सूखे डंठल का भूसा नहीं बनवा पाया तो आगे परेशानी होगी।
फोटो:-
मौसम को देख कर लग रहा डर
पनियरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत हेमछापर के किसान राजेंद्र चौरसिया ने कहा कि बीते सप्ताह आई आंधी पानी व ओलावृष्टि को देखकर अब डर लगने लगा है कि खेत में खड़ी फसल कहीं बर्बाद न हो जाए। कारण कि कब मौसम खराब हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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फोटो:-
खेत में पड़ी है छह माह की कमाई
पनियरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कमासिन खुर्द निवासी रामअधार तिवारी ने बताया कि अभी भी छह माह की कमाई खेतों में पड़ी है। मौसम भी कब बदल जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे में अब फसल को सहेजने का प्रयास तेज कर दिया गया है।
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जिले में विभिन्न स्थानों पर गेहूं की कटाई तेज हो गई है। किसान सिवान में रतजगा कर खेत की कटाई करने के साथ ही पशुओं के चारा का भी इंतजाम कर रहे हैं। तैयार हो चुकी फसल की कटाई के लिए कंबाइन मशीनें भी सिवानों में पहुंचने लगी है। पीछे-पीछे भूसा बनाने वाली मशीन भी साथ चल रही है। कारण अगर मौसम का मिजाज बदलता है तो फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगी।
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पिछले सप्ताह पड़े थे ओले
बीते सप्ताह आई आंधी, पानी के बीच ओले भी पड़े थे। जिससे कुछ फसलें जमीन पकड़ ली। जिसकी कटाई को लेकर किसानों के समक्ष समस्या पैदा हो गई है। कारण यह है कि जमीन पकड़ लेने वाली फसलों की कटाई अब हाथ से करना पड़ रहा है। इसके कारण किसान गेहूं की फसल को जल्द से जल्द कटवा लेना चाह रहा है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार यादव ने कहा कि मौसम को देखते हुए किसानों को चाहिए कि वह जल्द से जल्द अपने गेहूं की कटाई करा लें तथा ही भूसा भी बनवा लें। किसान डंठल को कत्तई न जलाएं। डंठल जलाने से खेत की उर्वरा शक्ति का क्षरण तो होता ही है। साथ ही किसानों के मित्र कीट भी मर जाते हैं।
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कटाई के साथ भूसा भी बनवा रहे किसान
गेहूं की फसल की कटाई के साथ ही किसान भूसा भी बनवाने लगे हैं। कारण कि एक तो डंठल जलाने वालों के विरुद्ध प्रशासन की सख्ती दूसरे मौसम के बदलते तेवर से जल्द से जल्द भूसा भी बनवाना उचित समझ रहे हैं। कारण कि अगर पूरी तरह सूखे डंठल का भूसा नहीं बनवा पाया तो आगे परेशानी होगी।
फोटो:-
मौसम को देख कर लग रहा डर
पनियरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत हेमछापर के किसान राजेंद्र चौरसिया ने कहा कि बीते सप्ताह आई आंधी पानी व ओलावृष्टि को देखकर अब डर लगने लगा है कि खेत में खड़ी फसल कहीं बर्बाद न हो जाए। कारण कि कब मौसम खराब हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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फोटो:-
खेत में पड़ी है छह माह की कमाई
पनियरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कमासिन खुर्द निवासी रामअधार तिवारी ने बताया कि अभी भी छह माह की कमाई खेतों में पड़ी है। मौसम भी कब बदल जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे में अब फसल को सहेजने का प्रयास तेज कर दिया गया है।