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Maharajganj News: सभी ग्राम पंचायतों में अनिवार्य तौर पर लगाए जाएंगे फार्मर रजिस्ट्री शिविर

Wed, 12 Nov 2025 01:57 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Nov 2025 01:57 AM IST
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Farmer registry camps will be organised compulsorily in all Gram Panchayats.
महराजगंज। जिले के सभी ग्राम पंचायतों में किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने किसानों के व्यापक हित में इस प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है।
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जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पंजीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को इससे वंचित नहीं रहना चाहिए, क्योंकि पंजीकरण न कराने पर कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ रुक सकता है। एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर) योजना के तहत किसानों का पंजीकरण आवश्यक है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जहां किसान अपने दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर पंजीकरण करा सकेंगे। इन शिविरों में कृषि, राजस्व, पंचायत, गन्ना, उद्यान और ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारी मौजूद रहेंगे।
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इसके अलावा सहज जनसेवा केंद्र के प्रभारी, बीसी सखी और कृषि सखियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण के लिए किसानों को खतौनी, आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लाना होगा।पंजीकरण की प्रक्रिया ओटीपी के माध्यम से ऑनलाइन पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो किसान रजिस्ट्री नहीं कराएंगे, उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की दिसंबर के बाद की किस्त से वंचित होना पड़ सकता है। साथ ही कृषि विभाग की अन्य योजनाओं जैसे बीज, खाद, कृषि यंत्रों पर अनुदान, कृषक दुर्घटना बीमा योजना, सूखा-बाढ़ राहत अनुदान और गन्ना सट्टा अनुदान का लाभ प्राप्त करने में भी दिक्कतें आएंगी।
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रजिस्ट्री में दर्ज होंगे ये विवरण
फार्मर रजिस्ट्री में किसान का नाम, पिता का नाम, गाटा संख्या, खातेदारी अंश, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, ई-केवाईसी विवरण आदि दर्ज किया जाएगा। यदि किसी भूमि का स्वामित्व परिवर्तन, विरासत या बैनामा होता है तो उसी अनुसार रजिस्ट्री में बदलाव किया जाएगा। इसमें किसान द्वारा दो सत्रों में बोई जाने वाली फसलों का विवरण भी शामिल किया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादन से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा।
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