फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Fagging in Week of one time

संसाधनों की कमी से जूझ रही पालिका, कैसे हो नियमित फागिंग

Sun, 15 May 2022 12:39 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 15 May 2022 12:39 AM IST
विज्ञापन
Fagging in Week of one time
सप्ताह में चार के बजाए एक ही बार
विज्ञापन

हो रही फॉगिंग, कैसे कम हों मच्छर
महराजगंज। नगर पालिका के जिम्मेदारों के मुताबिक मच्छरों के प्रकोप को कम करने के लिए सप्ताह में कम से कम तीन से चार बार फॉगिंग होनी चाहिए। इसके विपरीत नगर पालिका एक वार्ड में सप्ताह में मुश्किल से एक बार फॉगिंग करा रही है। पालिका का दावा है कि फॉगिंग पर वह प्रतिमाह करीब साढ़े चार लाख रुपये खर्च कर रही है। दूसरी तरफ, शहर के लोग मच्छरों के प्रकोप से बेहद परेशान हैं। मच्छरों की वजह से लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं।
फॉगिंग कम कराने के पीछे नगर पालिका के जिम्मेदार संसाधनों की कमी को मुख्य वजह बताते हैं। शहर में पालिका के अधीन 25 वार्ड आते हैं। इनमें फॉगिंग के लिए पालिका के पास तीन फॉगिंग मशीनें व वाहन हैं। ऐसे में यदि नगर पालिका नियमित फॉगिंग कराए भी तो एक वार्ड का नंबर आठवें दिन आता है। उधर, मच्छरों की आबादी हर रोज बढ़ती है। जाहिर है कि यदि हर वार्ड में प्रतिदिन फॉगिंग करानी है, तो पालिका को इसके लिए मशीनों और वाहनों की व्यवस्था करनी होगी। नियमित फॉगिंग नहीं होने से सप्ताह में एक बार जो फॉगिंग होती है उसका भी कोई असर नहीं होता है।
विज्ञापन

दरअसल, गर्मी का मौसम शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगता है। मच्छरों के काटने से तमाम तरह की बीमारियां होती हैं। इसके अलावा मच्छर लोगों को सोने भी नहीं देते हैं। मच्छरों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए नगर पालिका गर्मी शुरू होते ही फॉगिंग कराती है। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। नालियों की सफाई के साथ ही उसमें जले हुए मोबिल ऑयल का छिड़काव किया जाता है। मच्छररोधी दवा का सप्ताह में एक बार छिड़काव जरूरी होता है। शहर के अधिकतर लोगों का कहना है कि न तो समय पर फॉगिंग कराई जाती है न ही नालियों आदि की सफाई होती है। मच्छररोधी दवा का छिड़काव तो शायद ही किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------------
छह सप्ताह में पालिका ने फॉगिंग पर खर्चे सात लाख
प्रतिदिन कराई जाने वाली फॉगिंग में लगभग 90 लीटर डीजल, 15 लीटर पेट्रोल और तीन लीटर मैलाथियान लिक्विड का घोल बनाया जाता है। इसके बाद छिड़काव किया जाता है। इस तरह पालिका का प्रतिमाह फॉगिंग पर लगभग साढ़े चार लाख रुपये खर्च हो जाता है। चालू वित्तीय वर्ष के छह सप्ताह में अब तक लगभग सात लाख रुपये से अधिक की धनराशि फॉगिंग पर खर्च हो चुकी है। इस तरह करीब सवा लाख रुपये हर हफ्ते नगर पालिका फॉगिंग पर खर्च कर रही है।
----------------
प्रत्येक वार्ड मेें माह में चार बार फॉगिंग
उपलब्ध संसाधनों के मुताबिक प्रतिमाह एक वार्ड में अधिकतम चार बार फॉगिंग हो रही है। एक अप्रैल से 14 मई के बीच अधिकतम पांच से छह बार तक फॉगिंग हो सकी है। साथ ही नालियों में मैलाथियान, चूना व ब्लीचिंग का छिड़काव भी किया जा रहा है।
----------------
फॉगिंग का नियम
नगर पालिका के जिम्मेदारों के मुताबिक मच्छरों के प्रकोप को कम करने के लिए सप्ताह में कम से कम तीन से चार बार फॉगिंग करनी चाहिए। जब तक ऐसा नहीं किया जाएगा मच्छरों के प्रकोप को कम नहीं किया जा सकता है।
--------------------
नगर पालिका में उपलब्ध संसाधनों से नगर में फॉगिंग कराई जा रही है। वार्ड के मुताबिक मशीन व वाहन कम हैं। इनकी संख्या बढ़ाते हुए सुधार की दिशा में पहल होगी।
- कृष्ण गोपाल जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष
---
मच्छरों से बचाव के लिए ये उपाय करें
मलेरिया से बचाव का सबसे बेहतर उपाय है कि पूरी बांह का कपड़ा पहनें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, मच्छररोधी क्रीम लगाएं, घर में मच्छररोधी अगरबत्ती का इस्तेमाल करें। घर में किटनाशकों का छिड़काव करें, खुली नालियों में मिट्टी का तेल डालें, ताकि मच्छरों के लार्वा न पनपने पाएं, मच्छरों के काटने के समय शाम और रात को घर के दरवाजों और खिड़कियों को बंद रखें।

---------------------
मच्छर काटने से मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, फाइलेरिया, जेईएईएस जैसी बीमारियां प्रमुख रूप से होती हैं। पंद्रह दिन के अंदर दो बार मच्छररोधी दवा का छिड़काव होना चाहिए। इससे मच्छरों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
- त्रिभुवन चौधरी, जिला मलेरिया अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed