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Maharajganj News: प्रशिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बताए गए फायदे
Tue, 29 Oct 2024 02:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 29 Oct 2024 02:53 AM IST
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महराजगंज। राज्य शिक्षण व प्रशिक्षण परिषद की ओर से डायट में चल रहे परिषदीय शिक्षक प्रशिक्षण में सोमवार को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लाभ, हानि और उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण प्रभारी सुजीत कुमार चौहान ने फायदा बताते हुए कहा कि इसका उपयोग सुव्यवस्थित करने, समय की बचत करने, पक्षपात को खत्म करने और दोहराए जाने वाले कार्यों को स्वचालित किया जा सकता है। इसके प्रयोग में सावधानी की जरूरत होती है।
प्रशिक्षण में बताया कि पहला बड़ा लाभ यह है कि इससे मानवीय त्रुटि कम हो जातीं हैं, साथ ही मनुष्यों के लिए जोखिम भी कम हो जाता है। प्रशिक्षण में संदर्भ दाता प्रवीण कुमार ने कंप्यूटर का परिचय, विकास, अवधारणा को स्पष्ट किया। कठिन या खतरनाक कार्यों को पूरा करने के लिए एआई का उपयोग बताते हुए कहा कि इसका उपयोग करने से मनुष्यों को चोट या नुकसान के जोखिम को रोकने में मदद मिल सकती है। मनुष्यों के स्थान पर एआई की ओर से जोखिम उठाने का एक उदाहरण उच्च विकिरण वाले क्षेत्रों में उपयोग किए जाने वाले रोबोट होंगे। मनुष्य विकिरण से गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं या मर सकते हैं, लेकिन रोबोट अप्रभावित रहेंगे। यदि कोई घातक त्रुटि होती है, तो रोबोट को फिर से बनाया जा सकता है। कृष्ण कुमार मौर्य ने एमएस एक्सल, कंप्यूटेशनल थिंकिंग, लाॅजिकल थिंकिंग, पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे जानकारी प्रदान की। बलराम यादव ने स्क्रैच प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, डिजिटल लिट्रेसी कोडिंग, डिजिटल उपकरण उपयोग की चुनौतियां, कोडिंग के माध्यम से रोजगार के अवसर व संभावना के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण में नौतनवा, परतावल व सदर ब्लाॅक के चिह्नित शिक्षक मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण में बताया कि पहला बड़ा लाभ यह है कि इससे मानवीय त्रुटि कम हो जातीं हैं, साथ ही मनुष्यों के लिए जोखिम भी कम हो जाता है। प्रशिक्षण में संदर्भ दाता प्रवीण कुमार ने कंप्यूटर का परिचय, विकास, अवधारणा को स्पष्ट किया। कठिन या खतरनाक कार्यों को पूरा करने के लिए एआई का उपयोग बताते हुए कहा कि इसका उपयोग करने से मनुष्यों को चोट या नुकसान के जोखिम को रोकने में मदद मिल सकती है। मनुष्यों के स्थान पर एआई की ओर से जोखिम उठाने का एक उदाहरण उच्च विकिरण वाले क्षेत्रों में उपयोग किए जाने वाले रोबोट होंगे। मनुष्य विकिरण से गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं या मर सकते हैं, लेकिन रोबोट अप्रभावित रहेंगे। यदि कोई घातक त्रुटि होती है, तो रोबोट को फिर से बनाया जा सकता है। कृष्ण कुमार मौर्य ने एमएस एक्सल, कंप्यूटेशनल थिंकिंग, लाॅजिकल थिंकिंग, पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे जानकारी प्रदान की। बलराम यादव ने स्क्रैच प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, डिजिटल लिट्रेसी कोडिंग, डिजिटल उपकरण उपयोग की चुनौतियां, कोडिंग के माध्यम से रोजगार के अवसर व संभावना के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण में नौतनवा, परतावल व सदर ब्लाॅक के चिह्नित शिक्षक मौजूद रहे।
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