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Maharajganj News: पोर्टल पर मिट्टी भराई मौके पर जलभराव, झाड़ियों के बीच दिखा दी नाला सफाई
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निचलौल ब्लॉक रेंगहिया गांव में राजकुमार के खेत से डबलू के खेत तक भरा पानी।
12 ब्लॉकों में 26 सितंबर को 2865 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज, कई स्थानों पर कार्यों की वास्तविक स्थिति पोर्टल से अलग मिली
चौपरिया में बिना काम शुरू हुए 88 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज, जांच के बाद बीडीओ ने कराया शून्य
महराजगंज। जनपद में 26 सितंबर को बारिश के दौरान वीबी-जी रामजी योजना के तहत कराए गए कार्यों और 2865 श्रमिकों की हाजिरी के मामले में अन्य जगह से अनियमितता के आरोप लग रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में पोर्टल पर मिट्टी भराई का कार्य दर्ज होने के बावजूद खेतों में पानी भरा मिला तो कहीं झाड़-झंखाड़ से पटे रास्तों और खेतों के बीच नाला सफाई के कार्य दिखाया गया है।
वीबी-जी रामजी पोर्टल के अनुसार, 26 सितंबर को पूरे जनपद में 2865 श्रमिकों से कार्य करवाया गया जबकि पूरे दिन बारिश होती रही। लक्ष्मीपुर में दो साल पुराने कार्य को दोबारा दिखाने का आरोप लगा है। वहीं, परतावल के चौपरिया में काम शुरू होने से पहले ही 88 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज कर दी गई। जांच के बाद बीडीओ ने इसे शून्य करा दिया। बारिश के मौसम में वीबी-जी रामजी योजना से जुड़े कार्यों की वास्तविक स्थिति और पोर्टल पर दर्ज हाजिरी के बीच अंतर सामने आने से निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बगही में खेतों में पानी, पोर्टल पर मिट्टी भराई का काम
सिसवा विकासखंड की ग्राम पंचायत बगही में 26 सितंबर को अमृत के खेत से मेन रोड तक दोनों तरफ मिट्टी भराई का कार्य पोर्टल पर दर्ज किया गया। स्थलीय पड़ताल में सड़क के दोनों तरफ धान की फसल और खेतों में पानी भरा मिला। ग्रामीण गंगा के अनुसार करीब 15 दिन पहले सड़क के एक तरफ लगभग 20 मीटर तक घास छीलने का काम हुआ था। बारिश के दौरान यहां मिट्टी भराई नहीं हुई। इसी ग्राम पंचायत में पलटन के खेत से चक रोड तक नाला सफाई का कार्य भी पोर्टल पर दर्ज मिला। मौके पर झाड़ियां और फसलें नजर आईं। ऐसे में नाला सफाई के कार्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 26 सितंबर को सिसवा ब्लॉक में आठ कार्यों पर 267 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई थी।
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रेंगहिया में खेत की मेड़ तक भरा मिला पानी
निचलौल ब्लॉक के रेंगहिया गांव में राजकुमार के खेत से डबलू के खेत तक नाला खुदाई का कार्य पोर्टल पर दर्ज मिला। मौके पर खेत की मेड़ के आसपास जलभराव था। ग्रामीण प्रमोद चौहान का कहना है कि बारिश के मौसम में यहां नाला खुदाई का काम संभव नहीं है। ऐसे में पोर्टल पर दर्ज कार्य की वास्तविकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस दिन निचलौल ब्लॉक में 38 स्थानों पर कार्य और 1088 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज किए गए थे।
सोंधी में दो साल पुराने काम पर फिर दर्ज हुई हाजिरी
लक्ष्मीपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सोंधी में धनपत के खेत से लोकेश के घर तक मिट्टी कार्य दर्ज किया गया। ग्रामीण नेबूलाल के मुताबिक यह काम करीब दो वर्ष पहले ही पूरा हो चुका है। वर्तमान में मौके पर घास और झाड़-झंखाड़ उगे हुए हैं। इसके बावजूद 26 सितंबर को इसी कार्य के नाम पर श्रमिकों की हाजिरी दर्ज किए जाने का आरोप है। लक्ष्मीपुर ब्लॉक में इस दिन 25 स्थानों पर कार्य और 327 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई।
चौपरिया में मौके पर मिले 20 श्रमिक, पोर्टल पर 88
परतावल ब्लॉक की ग्राम सभा चौपरिया में वीबी-जी रामजी के तहत सतीश के खेत से घनश्याम के खेत तक सड़क के दोनों तरफ पटरी निर्माण का कार्य प्रस्तावित था। इसके लिए मस्टररोल भी जारी किया गया था। रविवार को पोर्टल पर 88 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज कर दी गई जबकि सोमवार को स्थलीय निरीक्षण में मौके पर केवल 20 श्रमिक काम करते मिले।श्रमिकों ने अधिकारियों को बताया कि काम सोमवार को ही शुरू हुआ है। इसके बाद खंड विकास अधिकारी कृष्ण कांत शुक्ला, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी उत्कर्ष और तकनीकी सहायक निहाल श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर जांच की। निरीक्षण के दौरान सड़क के दोनों तरफ खेतों में पानी भरा मिला। वहीं, प्रस्तावित मिट्टी कार्य के बजाय मौके पर घास छिलाई का काम कराया जा रहा था। मस्टररोल के सापेक्ष मौके पर केवल 20 श्रमिक मिलने और काम सोमवार को शुरू होने की जानकारी के बाद अधिकारियों ने रविवार को पोर्टल पर दर्ज 88 श्रमिकों की हाजिरी शून्य करा दी।
खंड विकास अधिकारी कृष्ण कांत शुक्ला ने बताया कि स्थलीय निरीक्षण के बाद चौपरिया में रविवार को दर्ज 88 श्रमिकों की हाजिरी शून्य कराई गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
स्पीकअप
26 सितंबर को मूसलाधार बारिश हो रही थी। ऐसे में वीबी-जी रामजी योजना का काम होने का सवाल ही नहीं उठता। अन्य दिनों में भी जितने श्रमिकों की हाजिरी लगाई जाती है, उनमें से आधे लोगों को पड़रहवा ईंट-भट्ठे के पास केवल फोटो खिंचवाने के बाद वापस भेज दिया जाता है।
-संतोष पांडेय, परसौनी कला
अमृत के खेत से मेन रोड तक सड़क के दोनों तरफ धान की फसल लगी है। इसके बावजूद पोर्टल पर मिट्टी भराई का कार्य दर्ज किया गया है। मौके पर स्थिति देखने से स्पष्ट है कि यहां मिट्टी भराई का काम नहीं हुआ है। ऐसे में कार्य के नाम पर दर्ज हाजिरी की जांच की जानी चाहिए।
- गंगा, बगही
पलटन के खेत से चकरोड तक नाला सफाई का कार्य नहीं हुआ है। कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल था। ऐसे में यहां काम होने का सवाल ही नहीं उठता। नाले में बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उगी हुई हैं।
-छोटेलाल, बगही
वर्जन
शिकायत के संबंध में संबंधित बीडीओ से वार्ता कर मामले की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-गौरवेंद्र सिंह, डीसी मनरेगा
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चौपरिया में बिना काम शुरू हुए 88 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज, जांच के बाद बीडीओ ने कराया शून्य
महराजगंज। जनपद में 26 सितंबर को बारिश के दौरान वीबी-जी रामजी योजना के तहत कराए गए कार्यों और 2865 श्रमिकों की हाजिरी के मामले में अन्य जगह से अनियमितता के आरोप लग रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में पोर्टल पर मिट्टी भराई का कार्य दर्ज होने के बावजूद खेतों में पानी भरा मिला तो कहीं झाड़-झंखाड़ से पटे रास्तों और खेतों के बीच नाला सफाई के कार्य दिखाया गया है।
वीबी-जी रामजी पोर्टल के अनुसार, 26 सितंबर को पूरे जनपद में 2865 श्रमिकों से कार्य करवाया गया जबकि पूरे दिन बारिश होती रही। लक्ष्मीपुर में दो साल पुराने कार्य को दोबारा दिखाने का आरोप लगा है। वहीं, परतावल के चौपरिया में काम शुरू होने से पहले ही 88 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज कर दी गई। जांच के बाद बीडीओ ने इसे शून्य करा दिया। बारिश के मौसम में वीबी-जी रामजी योजना से जुड़े कार्यों की वास्तविक स्थिति और पोर्टल पर दर्ज हाजिरी के बीच अंतर सामने आने से निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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बगही में खेतों में पानी, पोर्टल पर मिट्टी भराई का काम
सिसवा विकासखंड की ग्राम पंचायत बगही में 26 सितंबर को अमृत के खेत से मेन रोड तक दोनों तरफ मिट्टी भराई का कार्य पोर्टल पर दर्ज किया गया। स्थलीय पड़ताल में सड़क के दोनों तरफ धान की फसल और खेतों में पानी भरा मिला। ग्रामीण गंगा के अनुसार करीब 15 दिन पहले सड़क के एक तरफ लगभग 20 मीटर तक घास छीलने का काम हुआ था। बारिश के दौरान यहां मिट्टी भराई नहीं हुई। इसी ग्राम पंचायत में पलटन के खेत से चक रोड तक नाला सफाई का कार्य भी पोर्टल पर दर्ज मिला। मौके पर झाड़ियां और फसलें नजर आईं। ऐसे में नाला सफाई के कार्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 26 सितंबर को सिसवा ब्लॉक में आठ कार्यों पर 267 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई थी।
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रेंगहिया में खेत की मेड़ तक भरा मिला पानी
निचलौल ब्लॉक के रेंगहिया गांव में राजकुमार के खेत से डबलू के खेत तक नाला खुदाई का कार्य पोर्टल पर दर्ज मिला। मौके पर खेत की मेड़ के आसपास जलभराव था। ग्रामीण प्रमोद चौहान का कहना है कि बारिश के मौसम में यहां नाला खुदाई का काम संभव नहीं है। ऐसे में पोर्टल पर दर्ज कार्य की वास्तविकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस दिन निचलौल ब्लॉक में 38 स्थानों पर कार्य और 1088 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज किए गए थे।
सोंधी में दो साल पुराने काम पर फिर दर्ज हुई हाजिरी
लक्ष्मीपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सोंधी में धनपत के खेत से लोकेश के घर तक मिट्टी कार्य दर्ज किया गया। ग्रामीण नेबूलाल के मुताबिक यह काम करीब दो वर्ष पहले ही पूरा हो चुका है। वर्तमान में मौके पर घास और झाड़-झंखाड़ उगे हुए हैं। इसके बावजूद 26 सितंबर को इसी कार्य के नाम पर श्रमिकों की हाजिरी दर्ज किए जाने का आरोप है। लक्ष्मीपुर ब्लॉक में इस दिन 25 स्थानों पर कार्य और 327 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई।
चौपरिया में मौके पर मिले 20 श्रमिक, पोर्टल पर 88
परतावल ब्लॉक की ग्राम सभा चौपरिया में वीबी-जी रामजी के तहत सतीश के खेत से घनश्याम के खेत तक सड़क के दोनों तरफ पटरी निर्माण का कार्य प्रस्तावित था। इसके लिए मस्टररोल भी जारी किया गया था। रविवार को पोर्टल पर 88 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज कर दी गई जबकि सोमवार को स्थलीय निरीक्षण में मौके पर केवल 20 श्रमिक काम करते मिले।श्रमिकों ने अधिकारियों को बताया कि काम सोमवार को ही शुरू हुआ है। इसके बाद खंड विकास अधिकारी कृष्ण कांत शुक्ला, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी उत्कर्ष और तकनीकी सहायक निहाल श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर जांच की। निरीक्षण के दौरान सड़क के दोनों तरफ खेतों में पानी भरा मिला। वहीं, प्रस्तावित मिट्टी कार्य के बजाय मौके पर घास छिलाई का काम कराया जा रहा था। मस्टररोल के सापेक्ष मौके पर केवल 20 श्रमिक मिलने और काम सोमवार को शुरू होने की जानकारी के बाद अधिकारियों ने रविवार को पोर्टल पर दर्ज 88 श्रमिकों की हाजिरी शून्य करा दी।
खंड विकास अधिकारी कृष्ण कांत शुक्ला ने बताया कि स्थलीय निरीक्षण के बाद चौपरिया में रविवार को दर्ज 88 श्रमिकों की हाजिरी शून्य कराई गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
स्पीकअप
26 सितंबर को मूसलाधार बारिश हो रही थी। ऐसे में वीबी-जी रामजी योजना का काम होने का सवाल ही नहीं उठता। अन्य दिनों में भी जितने श्रमिकों की हाजिरी लगाई जाती है, उनमें से आधे लोगों को पड़रहवा ईंट-भट्ठे के पास केवल फोटो खिंचवाने के बाद वापस भेज दिया जाता है।
-संतोष पांडेय, परसौनी कला
अमृत के खेत से मेन रोड तक सड़क के दोनों तरफ धान की फसल लगी है। इसके बावजूद पोर्टल पर मिट्टी भराई का कार्य दर्ज किया गया है। मौके पर स्थिति देखने से स्पष्ट है कि यहां मिट्टी भराई का काम नहीं हुआ है। ऐसे में कार्य के नाम पर दर्ज हाजिरी की जांच की जानी चाहिए।
- गंगा, बगही
पलटन के खेत से चकरोड तक नाला सफाई का कार्य नहीं हुआ है। कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल था। ऐसे में यहां काम होने का सवाल ही नहीं उठता। नाले में बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उगी हुई हैं।
-छोटेलाल, बगही
वर्जन
शिकायत के संबंध में संबंधित बीडीओ से वार्ता कर मामले की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-गौरवेंद्र सिंह, डीसी मनरेगा