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आंगनबाड़ी केंद्रों की हकीकत

Sun, 10 Oct 2021 11:31 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 11:31 PM IST
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Expand in Bulding but not road
भवन बनाकर खर्च किए लाखों, पहुंचने का रास्ता नहीं
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महराजगंज। आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में विकसित करने की योजना है। लेकिन हालत देखकर नहीं लगता है कि इस योजनाओं को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकता है। लाखों खर्च कर जैसे-तैसे भवन तो बना दिया गया। लेकिन, उसके रखरखाव को लेकर गंभीरता नहीं बरती गई। हालत यह है कि भवन बदहाल होते चले गए। बने भवन में कुछ का तो अब तक ताला ही नहीं खुला है, कहीं अंदर कबाड़ भरा है तो कहीं पहुंचने का रास्ता नहीं है।
घुघली ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों की पड़ताल में घुघली बुजुर्ग गांव में टीम पहुंची तो वहां वर्ष 2012-13 में बना हुआ एक भवन मिला। वह भी बदहाल हो गया है। खिड़की फाटक ठीक हालत में नहीं है। यह जबसे बना तबसे खुला ही नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव में एक खाली घर में बच्चों को पढ़ाती हैं। गांव में चार केंद्र है। तीन प्राइमरी स्कूल में चलता है।
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बिरैचा गांव में तो हैरान कर देने वाली तस्वीर दिखी। यहां वर्ष 2015-16 में चार भवन बने हैं। पहले भवन तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है। वर्तमान सामने जलभराव है। दूसरे भवन में चौकी पर मच्छरदानी लगाकर एक व्यक्ति सोया हुआ मिला। यहां फर्श भी नहीं बना है। तीसरा भवन भी ठीक हालत में नहीं है। फर्श, खिड़की, फाटक नहीं है। तीन केंद्र प्राइमरी स्कूल में संचालित होते हैं। यहां एक अलग कमरा बना है। चौथा केंद्र आंगनबाड़ी शशि के घर के संचालित होता है।
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भुवना गांव में भी यही हालत है। यहां वर्ष 2012-13 में एक भवन बना, जिसमें इन दिनों कबाड़ रखा जाता है। वह हमेशा बंद रहता है। गांव में तीन केंद्र हैं। सभी में प्राइमरी स्कूल संचालित होता है।
घुघली क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र एक नजर में
आंगनबाड़ी केंद्र-275
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-217
सहायिका --------------210
मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-43
अतिकुपोषित बच्चे--375
सुपरवाइजर---------3
छह से तीन साल के बच्चे-12910
तीन से छह साल के बच्चे--11344
केंद्र पर पंजीकृत बच्चों को मिलती सामग्री
ग्राम सभा घुघली बुजुर्ग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमलावती देवी ने बताया कि केंद्र पर 90 बच्चे पंजीकृत हैं। मकसूदा खातून ने बताया कि 80 बच्चे पंजीकृत हैं। सबिता मद्धेशिया ने बताया कि 75 बच्चे पंजीकृत हैं। मनोरमा ने बताया कि 95 बच्चे पंजीकृत हैं। बिरैचा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कामिनी ने बताया कि 48 बच्चे पंजीकृत हैं। शशि प्रभा ने बताया कि 52 बच्चे पंजीकृत हैं। सीता देवी ने बताया कि 60 बच्चे पंजीकृत हैं। सीमा ने बताया कि 45 बच्चे पंजीकृत है। ग्राम सभा भुवना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शीला सिंह ने बताया कि 90 बच्चे पंजीकृत हैं। अनिता कन्नौजिया ने बताया कि 80 बच्चे पंजीकृत हैं। मीरा सिंह ने बताया कि 65 बच्चे पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पंजीकृत बच्चों को चना समेत अन्य सामग्री दी जाती है। गांव के योगेंद्र पांडेय, धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र पर आने वाली सभी सामग्री बच्चों को मिलती है।

क्षेत्र में सभी केंद्र का संचालन बेहतर ढंग से हो रहा है। जहां भवनों की खराब स्थिति है, उसके बारे में सूचना उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। केंद्र पर पंजीकृत बच्चों को विभाग की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।
-विनीता वर्मा, प्रभारी सीडीपीओ, घुघली
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