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पूर्व मंत्री की पेंशन बनी गांव के बुजुर्गो का सहारा
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पूर्व मंत्री की पेंशन बनी गांव के बुजुर्गों का सहारा
फरेंदा (महराजगंज)। क्षेत्र के हरपुर गांव के रहने वाले पूर्व मंत्री श्यामनारायण त्रिपाठी ने करीब डेढ़ साल से अपनी पेंशन गांव के बुजुर्गों को भेंट कर रहे हैं। गांव के 145 बुजुर्गों के लिए यह पेंशन सहारा बनी है। उनके इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है। वर्तमान राजनीतिक परिवेश में उनका यह प्रयास उम्र के अंतिम पड़ाव में खड़े लोगों का संबल बना है।
राजनीतिक जीवन में समाज के गरीबों, दलितों व पिछड़ों की मदद करने वाले जीवन के अंतिम पायदान पर पहुंचे पूर्व मंत्री श्यामनारायण तिवारी अभी भी समाज की सेवा के लिए तत्पर हैं। सरकार द्वारा बुढ़ापे के सहारा के लिए मिलने वाली पेंशन 53000 रुपये की राशि को गांव के 145 लोगों में 300 प्रति माह पेंशन के रूप में बांट रहे हैं।
गांव के तिलकधारी ने बताया कि पूर्व मंत्री का प्रयास काफी सराहनीय है। जीवन जीने के लिए सहारा मिल रहा है जिससे परिवार का भरण-पोषण हो जाता है। बरसाती देवी ने कहा कि बुढ़ापा में तीन सौ रुपये का सहारा बहुत बड़ा होता है जिससे परिवार चलाने में मदद मिलता है। असगर अली ने बताया कि पूर्व मंत्री ने 3 सौ रुपये पेंशन देकर बेहद राहत भरा कार्य किया है। इससे दवा कराने में भी मदद मिल जाती है। सूरजमन वर्मा ने बताया कि तीन सौ रुपये पेंशन तीन हजार के बराबर है, जो बुढ़ापा का सहारा बन गया है। संवाद
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वर्ष 1977 में बने थे पहली बार विधायक
पूर्व मंत्री पंडित श्यामनारायण तिवारी (92) ने अपनी राजनीतिक शुरूआत काफी संघर्षकाल में किया था। जनता के सहयोग की बदौलत 1977 में कम्युनिस्ट पार्टी से पहली बार फरेंदा से विधायक बने। उसके बाद 1980 में भी कम्युनिस्ट पार्टी से दोबारा विधायक बने। फिर 1989 व 1991 में कांग्रेस पार्टी से तीसरी व चौथी बार विधायक बनने का मौका मिला। फिर तीसरी बार 2002 में भी कांग्रेस व बसपा गठबंधन में श्यामनारायण विधानसभा में पहुंचे और यूपी सरकार सरकार में विकलांग कल्याण राज्य मंत्री बनने का मौका मिला।
पेंशन की राशि को 145 गरीबों में प्रति माह तीन सौ रुपये के हिसाब से बांट देता हूं। साथ ही जरूरतमंद गरीबों की लड़कियों की शादी में भी करीब 25 हजार रुपये मदद के रूप में देता हूं। छात्र जीवन से आज तक अन्याय के खिलाफ हमेशा संघर्ष करने का कार्य किया।
-श्यामनारायण तिवारी, पूर्व मंत्री
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फरेंदा (महराजगंज)। क्षेत्र के हरपुर गांव के रहने वाले पूर्व मंत्री श्यामनारायण त्रिपाठी ने करीब डेढ़ साल से अपनी पेंशन गांव के बुजुर्गों को भेंट कर रहे हैं। गांव के 145 बुजुर्गों के लिए यह पेंशन सहारा बनी है। उनके इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है। वर्तमान राजनीतिक परिवेश में उनका यह प्रयास उम्र के अंतिम पड़ाव में खड़े लोगों का संबल बना है।
राजनीतिक जीवन में समाज के गरीबों, दलितों व पिछड़ों की मदद करने वाले जीवन के अंतिम पायदान पर पहुंचे पूर्व मंत्री श्यामनारायण तिवारी अभी भी समाज की सेवा के लिए तत्पर हैं। सरकार द्वारा बुढ़ापे के सहारा के लिए मिलने वाली पेंशन 53000 रुपये की राशि को गांव के 145 लोगों में 300 प्रति माह पेंशन के रूप में बांट रहे हैं।
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गांव के तिलकधारी ने बताया कि पूर्व मंत्री का प्रयास काफी सराहनीय है। जीवन जीने के लिए सहारा मिल रहा है जिससे परिवार का भरण-पोषण हो जाता है। बरसाती देवी ने कहा कि बुढ़ापा में तीन सौ रुपये का सहारा बहुत बड़ा होता है जिससे परिवार चलाने में मदद मिलता है। असगर अली ने बताया कि पूर्व मंत्री ने 3 सौ रुपये पेंशन देकर बेहद राहत भरा कार्य किया है। इससे दवा कराने में भी मदद मिल जाती है। सूरजमन वर्मा ने बताया कि तीन सौ रुपये पेंशन तीन हजार के बराबर है, जो बुढ़ापा का सहारा बन गया है। संवाद
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वर्ष 1977 में बने थे पहली बार विधायक
पूर्व मंत्री पंडित श्यामनारायण तिवारी (92) ने अपनी राजनीतिक शुरूआत काफी संघर्षकाल में किया था। जनता के सहयोग की बदौलत 1977 में कम्युनिस्ट पार्टी से पहली बार फरेंदा से विधायक बने। उसके बाद 1980 में भी कम्युनिस्ट पार्टी से दोबारा विधायक बने। फिर 1989 व 1991 में कांग्रेस पार्टी से तीसरी व चौथी बार विधायक बनने का मौका मिला। फिर तीसरी बार 2002 में भी कांग्रेस व बसपा गठबंधन में श्यामनारायण विधानसभा में पहुंचे और यूपी सरकार सरकार में विकलांग कल्याण राज्य मंत्री बनने का मौका मिला।
पेंशन की राशि को 145 गरीबों में प्रति माह तीन सौ रुपये के हिसाब से बांट देता हूं। साथ ही जरूरतमंद गरीबों की लड़कियों की शादी में भी करीब 25 हजार रुपये मदद के रूप में देता हूं। छात्र जीवन से आज तक अन्याय के खिलाफ हमेशा संघर्ष करने का कार्य किया।
-श्यामनारायण तिवारी, पूर्व मंत्री