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Maharajganj News: हर माह दो हजार से अधिक बिजली के बिल बन रहे गड़बड़
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बैकुंठपुर स्थित पावर हाउस पर बिजली की समस्या लेकर पहुंचे उपभोक्ता।संवाद
-बिजली निगम के चार खंडों में करीब 4.48 लाख उपभोक्ता
-प्रत्येक उपखंडों पर हर रोज 10 से 12 लोग पहुंचते सुधार कराने
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में हर माह दो हजार से अधिक बिजली के बिल गड़बड़ बन रहे हैं। इससे लोगों को सुधार कराने के लिए कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। बिजली निगम के चार खंडों में करीब 4.48 लाख उपभोक्ता हैं। बिल सुधार के लिए उप खंड स्तर पर निगम ने व्यवस्था की है। इन दिनों उपभोक्ता बिजली बिल कई गुना ज्यादा आने से परेशान हैं। उनका आरोप है कि बिजली बिलों में गड़बड़ी की जा रही है। अधिकारी के पास शिकायत लेकर जाते हैं तो वे टरका देते हैं।
बैकुंठपुर पाॅवर हाउस पर हर रोज उपभोक्ता पहुंच रहे हैं। सोमवार को लोग बिजली बिल में गड़बड़ी सुधार कराने पहुंचे थे। बैकुंठपुर पाॅवर स्टेशन परिसर में मिले उपभोक्ताओं ने अपनी पीड़ा सुनाई। छत्रपति साहू जी महराजगंज नगर के सर्वेश चौरसिया ने बताया कि मनमानी रीडिंग दर्ज कर बिल बना दिया जा रहा है। यह लापरवाही या चूक नहीं है, बल्कि जान बूझकर की जा रही है। जिन लोगों के हमेशा चार-पांच सौ रुपये के बिल आते रहे हैं, उनके पास आठ से दो हजार के बिल पहुंच रहे हैं। परिसर में ही बिल ठीक कराने पहुंचे सुरेश यादव ने कहा कि इसके पीछे की वजह यही है कि उपभोक्ता बिल सही कराने के लिए विभाग के चक्कर लगाएं और फिर थक-हार कर सुविधा शुल्क देकर काम कराएं।
एक कर्मी ने बताया कि बिजली निगम की ओर से आउटसोर्सिंग कंपनी को जुर्माना भी समय-समय पर लगाया जाता है, लेकिन इसके बाद भी व्यवस्था में सुधार होता नहीं दिख रहा है। एक अनुमान के अनुसार प्रत्येक उपखंड पर रोज 10 से 12 लोग बिजली बिल सुधार कराने जाते हैं। समस्या दूर नहीं होने पर उनको भटकना पड़ता है।
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पहले बिल ठीक आता था, लेकिन तीन माह से 14068 रुपया बिल आया है। घर पर एक पंखा और लाइट जलता है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन अभी तक बिल ठीक नहीं हो सका है। समझ में नहीं आ रहा कि बिजली का कम उपयोग करने के बाद भी बिल ज्यादा कैसे आ रहा है। ऐसे ही रहा तो समस्या आने वाले दिनों में बढ़ जाएगी।
-वहीदून निशा, बिस्मिल नगर
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बिल इन दिनों सात हजार आ रहा है। कार्यालय में आकर संपर्क किया तो बताया गया कि ठीक हो जाएगा। बिल सही नहीं आने से समस्या हो रही है। ऐसा लग रहा है कि रकम वसूली के चक्कर में बिल गड़बड़ किया जा रहा है। परेशान होने से अच्छा है कि किसी से काम कराया जाए। रोज भागदौड़ करने से जरूरी काम भी प्रभावित होगा।
-धर्मेंद्र कुमार, जयप्रकाश नगर
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बिजली का बिल इन दिनों अधिक आ रहा है। लगभग 4 हजार रुपया अधिक आया है। इसे सुधार कराने के लिए आया हूं। बिल सही रहता तो रकम जमा कर देता। कार्यालय में संपर्क करने में बताया गया है कि इसे ठीक कर दिया जाएगा। बैठकर इंतजार कर रहा हूं। मनमाने ढंग से बिल जारी करने के कारण यह समस्या हो रही है।
-बृजलाल, चैनपुर
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गड़बड़ी की आड़ में वसूली का खेल
सूत्र बताते हैं कि बिजली बिल में गड़बड़ी का खेलकर रकम वसूली की जा रही है। बिल ज्यादा होने पर लोग परेशान होकर इसे ठीक कराने में जुटे हैं। इसका फायदा दलाल उठाते हैं। परेशान लोगों से मिलकर विभाग में सेटिंग बनाकर काम कराने के बाद रकम लेकर किनारे हो जाते हैं। उपभोक्ता को लगता है कि समस्या से किसी तरह से मुक्ति मिली। लोग भी शिकायत नहीं करते हैं, इस वजह से दलालों का धंधा आसानी से चलता रहता है।
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सभी उपखंडों पर सुधार काउंटर बने
जिले में सभी उप खंडों पर बिजली बिल सुधार का काउंटर अलग से बनाया गया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार लोगों को समस्या न हो, इसके लिए यह व्यवस्था की गई है। साफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण बिल में थोड़ी बहुत समस्या होना बताया जा रहा है। हकीकत यह है कि उप खंडों में व्यवस्था बनने के बाद भी लोग इधर-उधर भटकने को विवश हैं। प्रत्येक दिन 10 से 12 लोग उप खंडों में लोग बिल सुधार कराने पहुंच रहे हैं।
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बिल में गड़बड़ी सुधार कराने के लिए काउंटर बनाया गया है। संबंधित कर्मियों को समस्या का समाधान करने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में इस तरह की समस्या हो, इसे ध्यान में रखते हुए जरूरी कार्रवाई की जा रही है। किसी काउंटर पर समस्या होने पर पीड़ित स्वयं शिकायत करे तो कार्रवाई की जाएगी।
-वाईपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम
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-प्रत्येक उपखंडों पर हर रोज 10 से 12 लोग पहुंचते सुधार कराने
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में हर माह दो हजार से अधिक बिजली के बिल गड़बड़ बन रहे हैं। इससे लोगों को सुधार कराने के लिए कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। बिजली निगम के चार खंडों में करीब 4.48 लाख उपभोक्ता हैं। बिल सुधार के लिए उप खंड स्तर पर निगम ने व्यवस्था की है। इन दिनों उपभोक्ता बिजली बिल कई गुना ज्यादा आने से परेशान हैं। उनका आरोप है कि बिजली बिलों में गड़बड़ी की जा रही है। अधिकारी के पास शिकायत लेकर जाते हैं तो वे टरका देते हैं।
बैकुंठपुर पाॅवर हाउस पर हर रोज उपभोक्ता पहुंच रहे हैं। सोमवार को लोग बिजली बिल में गड़बड़ी सुधार कराने पहुंचे थे। बैकुंठपुर पाॅवर स्टेशन परिसर में मिले उपभोक्ताओं ने अपनी पीड़ा सुनाई। छत्रपति साहू जी महराजगंज नगर के सर्वेश चौरसिया ने बताया कि मनमानी रीडिंग दर्ज कर बिल बना दिया जा रहा है। यह लापरवाही या चूक नहीं है, बल्कि जान बूझकर की जा रही है। जिन लोगों के हमेशा चार-पांच सौ रुपये के बिल आते रहे हैं, उनके पास आठ से दो हजार के बिल पहुंच रहे हैं। परिसर में ही बिल ठीक कराने पहुंचे सुरेश यादव ने कहा कि इसके पीछे की वजह यही है कि उपभोक्ता बिल सही कराने के लिए विभाग के चक्कर लगाएं और फिर थक-हार कर सुविधा शुल्क देकर काम कराएं।
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एक कर्मी ने बताया कि बिजली निगम की ओर से आउटसोर्सिंग कंपनी को जुर्माना भी समय-समय पर लगाया जाता है, लेकिन इसके बाद भी व्यवस्था में सुधार होता नहीं दिख रहा है। एक अनुमान के अनुसार प्रत्येक उपखंड पर रोज 10 से 12 लोग बिजली बिल सुधार कराने जाते हैं। समस्या दूर नहीं होने पर उनको भटकना पड़ता है।
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पहले बिल ठीक आता था, लेकिन तीन माह से 14068 रुपया बिल आया है। घर पर एक पंखा और लाइट जलता है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन अभी तक बिल ठीक नहीं हो सका है। समझ में नहीं आ रहा कि बिजली का कम उपयोग करने के बाद भी बिल ज्यादा कैसे आ रहा है। ऐसे ही रहा तो समस्या आने वाले दिनों में बढ़ जाएगी।
-वहीदून निशा, बिस्मिल नगर
बिल इन दिनों सात हजार आ रहा है। कार्यालय में आकर संपर्क किया तो बताया गया कि ठीक हो जाएगा। बिल सही नहीं आने से समस्या हो रही है। ऐसा लग रहा है कि रकम वसूली के चक्कर में बिल गड़बड़ किया जा रहा है। परेशान होने से अच्छा है कि किसी से काम कराया जाए। रोज भागदौड़ करने से जरूरी काम भी प्रभावित होगा।
-धर्मेंद्र कुमार, जयप्रकाश नगर
बिजली का बिल इन दिनों अधिक आ रहा है। लगभग 4 हजार रुपया अधिक आया है। इसे सुधार कराने के लिए आया हूं। बिल सही रहता तो रकम जमा कर देता। कार्यालय में संपर्क करने में बताया गया है कि इसे ठीक कर दिया जाएगा। बैठकर इंतजार कर रहा हूं। मनमाने ढंग से बिल जारी करने के कारण यह समस्या हो रही है।
-बृजलाल, चैनपुर
गड़बड़ी की आड़ में वसूली का खेल
सूत्र बताते हैं कि बिजली बिल में गड़बड़ी का खेलकर रकम वसूली की जा रही है। बिल ज्यादा होने पर लोग परेशान होकर इसे ठीक कराने में जुटे हैं। इसका फायदा दलाल उठाते हैं। परेशान लोगों से मिलकर विभाग में सेटिंग बनाकर काम कराने के बाद रकम लेकर किनारे हो जाते हैं। उपभोक्ता को लगता है कि समस्या से किसी तरह से मुक्ति मिली। लोग भी शिकायत नहीं करते हैं, इस वजह से दलालों का धंधा आसानी से चलता रहता है।
सभी उपखंडों पर सुधार काउंटर बने
जिले में सभी उप खंडों पर बिजली बिल सुधार का काउंटर अलग से बनाया गया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार लोगों को समस्या न हो, इसके लिए यह व्यवस्था की गई है। साफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण बिल में थोड़ी बहुत समस्या होना बताया जा रहा है। हकीकत यह है कि उप खंडों में व्यवस्था बनने के बाद भी लोग इधर-उधर भटकने को विवश हैं। प्रत्येक दिन 10 से 12 लोग उप खंडों में लोग बिल सुधार कराने पहुंच रहे हैं।
बिल में गड़बड़ी सुधार कराने के लिए काउंटर बनाया गया है। संबंधित कर्मियों को समस्या का समाधान करने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में इस तरह की समस्या हो, इसे ध्यान में रखते हुए जरूरी कार्रवाई की जा रही है। किसी काउंटर पर समस्या होने पर पीड़ित स्वयं शिकायत करे तो कार्रवाई की जाएगी।
-वाईपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम