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Maharajganj News: बोर्ड परीक्षा की तरह ही कड़ी निगरानी में मूल्यांकन भी
Mon, 17 Mar 2025 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 17 Mar 2025 01:00 AM IST
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महराजगंज। यूपी बोर्ड की परीक्षा सकुशल संपन्न कराने के बाद विभाग 19 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में जुटेगा। इसके लिए जनपद में तीन केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब चार लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच सीसीटीवी की निगरानी में होगी।
इसके लिए विभिन्न पद सृजित किए गए हैं। मुख्य नियंत्रक की जिम्मेदारी डीआईओएस प्रदीप कुमार शर्मा खुद संभालेंगे। यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में काफी बदलाव किए गए हैं। इस बार कक्ष प्रभारी की जिम्मेदारी विशेष होगी और विषयवार कक्ष प्रभारी तैनात होंगे।
111 प्रधान परीक्षक, 222 उप प्रधान विषय परीक्षक, 333 उप प्रधान परीक्षक, उप प्रधान जांच अधिकारी सहित कुल 1900 शिक्षकों को मूल्यांकन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी का प्रशिक्षण 18 मार्च को जिला मुख्यालय पर होगा।
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इंटर में 45 तो हाईस्कूल में 50 कॉपियों का होगा मूल्यांकन : बीते वर्ष तक बोर्ड परीक्षा की कॉपी जांचने के लिए शिक्षकों में होड़ रहती थी। ऐसे में कॉपी गलत जांचने की भी संभावना रहती थी। इस बार नियमों में बदलाव किया गया है। परीक्षकों को हाईस्कूल की 50 तथा इंटर की 45 कॉपियां ही दी जाएंगी। जिले के तीन केंद्रों पर सुबह आठ से शाम चार बजे तक मूल्यांकन होगा। तैयारियों को अंतिम रूप देने में विभाग जुटा है। इस बार की परीक्षा के लिए 72600 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिन्होंने 111 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दी। मूल्यांकन 19 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा।
देनी होगी पहले पृष्ठ पर जानकारी : प्रत्येक परीक्षक को मूल्यांकन पूर्ण करने के बाद एक प्रारूप भरना होगा, जिसमें वह बताएंगे कि कितनी उत्तर पुस्तिका उन्होंने जांची। कितनों को फेल व कितने पास किए गए। न्यूनतम व अधिकतम कितना अंक दिया। अगर एक ही प्रश्न के कई जवाब दिए गए हों तो पहला जवाब सही मानते हुए जांच करेंगे।
परीक्षक जेल पेन या स्टेज से मूल्यांकन नहीं करेंगे। जांच के पहले उन्हें विभाग की तरफ से ही लाल पेन दी जाएगी। आखिरी पृष्ठ पर गोले में पूर्णांक व प्राप्तांक दिखाना होगा। उत्तर पुस्तिका के पहले पन्ने पर बने कालम में भी नंबर दर्ज करना होगा।
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इसके लिए विभिन्न पद सृजित किए गए हैं। मुख्य नियंत्रक की जिम्मेदारी डीआईओएस प्रदीप कुमार शर्मा खुद संभालेंगे। यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में काफी बदलाव किए गए हैं। इस बार कक्ष प्रभारी की जिम्मेदारी विशेष होगी और विषयवार कक्ष प्रभारी तैनात होंगे।
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111 प्रधान परीक्षक, 222 उप प्रधान विषय परीक्षक, 333 उप प्रधान परीक्षक, उप प्रधान जांच अधिकारी सहित कुल 1900 शिक्षकों को मूल्यांकन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी का प्रशिक्षण 18 मार्च को जिला मुख्यालय पर होगा।
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इंटर में 45 तो हाईस्कूल में 50 कॉपियों का होगा मूल्यांकन : बीते वर्ष तक बोर्ड परीक्षा की कॉपी जांचने के लिए शिक्षकों में होड़ रहती थी। ऐसे में कॉपी गलत जांचने की भी संभावना रहती थी। इस बार नियमों में बदलाव किया गया है। परीक्षकों को हाईस्कूल की 50 तथा इंटर की 45 कॉपियां ही दी जाएंगी। जिले के तीन केंद्रों पर सुबह आठ से शाम चार बजे तक मूल्यांकन होगा। तैयारियों को अंतिम रूप देने में विभाग जुटा है। इस बार की परीक्षा के लिए 72600 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिन्होंने 111 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दी। मूल्यांकन 19 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा।
देनी होगी पहले पृष्ठ पर जानकारी : प्रत्येक परीक्षक को मूल्यांकन पूर्ण करने के बाद एक प्रारूप भरना होगा, जिसमें वह बताएंगे कि कितनी उत्तर पुस्तिका उन्होंने जांची। कितनों को फेल व कितने पास किए गए। न्यूनतम व अधिकतम कितना अंक दिया। अगर एक ही प्रश्न के कई जवाब दिए गए हों तो पहला जवाब सही मानते हुए जांच करेंगे।
परीक्षक जेल पेन या स्टेज से मूल्यांकन नहीं करेंगे। जांच के पहले उन्हें विभाग की तरफ से ही लाल पेन दी जाएगी। आखिरी पृष्ठ पर गोले में पूर्णांक व प्राप्तांक दिखाना होगा। उत्तर पुस्तिका के पहले पन्ने पर बने कालम में भी नंबर दर्ज करना होगा।