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नेपाली जनप्रतिनिधियों ने सीमा विवाद को आपस में सुलझाने पर दिया जोर
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नेपाली जनप्रतिनिधियों ने सीमा विवाद को आपस में सुलझाने पर दिया जोर
बोले, नेपाली अवाम भारत से सदियों पुरानी मित्रता में खटास नहीं चाहती
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा विवाद को लेकर यूपी के सीएम एवं नेपाल के प्रधानमंत्री के बयान में भले ही तल्खी हो, लेकिन नेपाली अवाम भारत की सदियों पुरानी मित्रता के बीच खटास नहीं आने देना चाहती है। चाहे नेता हो, या फिर सामाजिक कार्यकर्ता, सभी गोरक्षपीठ को नेपाल की धर्म, संस्कृृति और आस्था का केंद्र मानते हैं। सभी ने श्री गुरु गोरक्षनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा प्रकट करते हुए विवाद को आपस में सुलझाने पर जोर दिया।
पूर्व मंत्री एवं नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी के प्रदेश कमेटी सदस्य गुलजारी यादव ने कहा कि सीमा विवाद अपनी जगह है। इसमें जो भी समझौता होना है, वह दोनों देश मिलकर उचित निर्णय लें। नेपाल और भारत सरकार अपना काम कर रही है। किसी के इशारे पर कोई देश नहीं चलता। भारत और नेपाल के बीच जो सदियों पुरानी मित्रता है, उसमें खटास नहीं आनी चाहिए।
रूपनदेही जिले के बेलहिया गांव समाज के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश थापा ने बताया कि हम लोग हिन्दू हैं। गोरक्षनाथ पीठ में हम लोगों की आस्था है। इससे हटने का कोई प्रश्न ही नहीं है। गोरक्षनाथ पीठ हमारी रीति रिवाज, धर्म, संस्कृत के आस्था का केंद्र है।
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नेपाल में राष्ट्रीय जनता पार्टी रूपनदेही के जिलाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि यह कोई बड़ा मुददा नहीं है, जिस पर बहस की जाए। भारत के साथ हमारा रोटी बेटी का संबंध है। हम लोगों की संस्कृति, धर्म एक समान है। नेपाल के लोगों का गोरक्षनाथ पीठ में बहुत आस्था है। श्री गुरु गोरखनाथ हम लोगों के हृदय में रहते हैं।
शिव सेना रूपनदेही के जिलाध्यक्ष विपिन मलिक ने बताया कि सीमा विवाद हर एक देश के साथ है। भारत और नेपाल इसे आपस में मिलजुल के हल कर लेंगे। गोरक्षनाथ पीठ आज से नहीं जब नेपाल में राजतंत्र था, तब से नेपाल के लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। गोरक्षनाथ मंदिर से नेपाली नागरिकों का बहुत पुराना संबंध है।
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बोले, नेपाली अवाम भारत से सदियों पुरानी मित्रता में खटास नहीं चाहती
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा विवाद को लेकर यूपी के सीएम एवं नेपाल के प्रधानमंत्री के बयान में भले ही तल्खी हो, लेकिन नेपाली अवाम भारत की सदियों पुरानी मित्रता के बीच खटास नहीं आने देना चाहती है। चाहे नेता हो, या फिर सामाजिक कार्यकर्ता, सभी गोरक्षपीठ को नेपाल की धर्म, संस्कृृति और आस्था का केंद्र मानते हैं। सभी ने श्री गुरु गोरक्षनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा प्रकट करते हुए विवाद को आपस में सुलझाने पर जोर दिया।
पूर्व मंत्री एवं नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी के प्रदेश कमेटी सदस्य गुलजारी यादव ने कहा कि सीमा विवाद अपनी जगह है। इसमें जो भी समझौता होना है, वह दोनों देश मिलकर उचित निर्णय लें। नेपाल और भारत सरकार अपना काम कर रही है। किसी के इशारे पर कोई देश नहीं चलता। भारत और नेपाल के बीच जो सदियों पुरानी मित्रता है, उसमें खटास नहीं आनी चाहिए।
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रूपनदेही जिले के बेलहिया गांव समाज के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश थापा ने बताया कि हम लोग हिन्दू हैं। गोरक्षनाथ पीठ में हम लोगों की आस्था है। इससे हटने का कोई प्रश्न ही नहीं है। गोरक्षनाथ पीठ हमारी रीति रिवाज, धर्म, संस्कृत के आस्था का केंद्र है।
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नेपाल में राष्ट्रीय जनता पार्टी रूपनदेही के जिलाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि यह कोई बड़ा मुददा नहीं है, जिस पर बहस की जाए। भारत के साथ हमारा रोटी बेटी का संबंध है। हम लोगों की संस्कृति, धर्म एक समान है। नेपाल के लोगों का गोरक्षनाथ पीठ में बहुत आस्था है। श्री गुरु गोरखनाथ हम लोगों के हृदय में रहते हैं।
शिव सेना रूपनदेही के जिलाध्यक्ष विपिन मलिक ने बताया कि सीमा विवाद हर एक देश के साथ है। भारत और नेपाल इसे आपस में मिलजुल के हल कर लेंगे। गोरक्षनाथ पीठ आज से नहीं जब नेपाल में राजतंत्र था, तब से नेपाल के लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। गोरक्षनाथ मंदिर से नेपाली नागरिकों का बहुत पुराना संबंध है।