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Maharajganj News: मियावाकी पद्धति से आबोहवा सुधारने की कवायद, 96 लाख अवमुक्त

Sun, 22 Mar 2026 12:57 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:57 AM IST
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Efforts to improve the climate using the Miyawaki method, 96 lakh rupees released
जापानी की मशहूर मियावाकी पद्धति से विकसित किया जाएगा ग्रीन बेल्ट
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नगर पालिका परिषद ने सुभाष नगर वार्ड में चिह्नित किया एक एकड़ भूभाग
महराजगंज। कल पूरा विश्व मौसम विज्ञान दिवस मनाएगा। हाल के दिनों में जलवायु परिवर्तन के दौर में मौसम के प्रति न सिर्फ लोगों की बल्कि शासन-प्रशासन की जागरूकता भी बढ़ी है। इस परिप्रेक्ष्य में नगरीय क्षेत्रों में ग्रीन बेल्ट (उपवन) विकास पर जोर दिया जा रहा है।
नगर पालिका परिषद महराजगंज ऐसे ही एक उपवन को विकसित करने में जुटा है जो न सिर्फ नगर क्षेत्र की आबोहवा में सुधार करेगा बल्कि गर्मी के दिनों में धूप की तपिश के बीच नगर वासियों को ठंडी छांव देगा। नगर निकाय के प्रस्ताव पर शासन ने स्वीकृति देते हुए 96 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी है। सुभाष नगर वार्ड में नगर पालिका मियावाकी पद्धति से उपवन विकसित करने जा रहा है। एक निश्चित दायरे के भीतर ऐसे पौध रोपित किए जाएंगे जो आबोहवा को दुरुस्त रखने के लिए ख्यातिलब्ध हों। यह पौधे दो से तीन वर्ष में ही इतने विकसित हो जाएंगे कि घनी छांव से धूप में राहत दिलाएंगे। इसके लिए नगर पालिका की तरफ से मौजूदा वित्तीय सत्र के अक्तूबर 2025 में सुभाष नगर वार्ड में एक एकड़ भूमि चिह्नित करते हुए नगर विकास विभाग को प्रस्ताव भेजा है। मार्च 2026 में शासन ने एक करोड़ के इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 96 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी है।
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उपवन में यह होंगे प्रबंध
सुभाष नगर वार्ड में ग्रीन बेल्ट उपवन में चारों तरफ चहारदीवारी, बैठने के लिए कलात्मक टेबल, रोशनी के लिए एलईडी लाइट लगेगी। साथ ही साथ बोगनविलिया, स्नेक प्लांट, एलोवेरा, नीम, पीपल, बरगद, आंवला, अमलतास, अर्जुन, स्पाइडर पौधे लगाए जाएंगे। यह तेजी से बढ़ने व भरपूर आक्सीजन देने के लिए जाने जाते हैं।
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क्या है मियावाकी पद्धति
मियावाकी पद्धति जापान की मशहूर विधि है। इससे तेजी से पौधे घनत्व के साथ विकास करते हैं। इसके तहत पौधे घनत्व के साथ लगाए जाते हैं। इससे कम क्षेत्र में अधिक पौधे उगते व बढ़ते हैं। कुछ ही वर्षों में घना हरित क्षेत्र विकसित होता है। आक्सीजन उत्पादन बढ़ाने और जैव विविधता के लिए इस जापानी पद्धति को महत्वपूर्ण स्थान हासिल है।
पौधों से जुड़ा है जीवन
डाॅ. हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि पेड़ पौधों का महत्व सीधे जीवन से जुड़ता है क्योंकि पौधे पर्यावरण के लिए एक प्यूरीफायर की तरह काम करते हैं। भरपूर ऑक्सीजन देकर यह हानिकारक तत्वों को नष्ट कर देते हैं। आबादी के आसपास पेड़-पौधों को लगाकर वायु की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
सैरगाह साबित होगा उपवन
नगर पालिका निवासी राकेश गुप्ता ने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में उपवन विकास एक बड़ी सहूलियत नगर निवासियों के लिए साबित होगी। सुबह की सैर से लेकर धूप से बचाने के लिए भी यह उपयोगी होंगे।

वर्जन
नगर पालिका परिषद के सुभाष नगर वार्ड में ग्रीन बेल्ट (उपवन) विकसित करने के लिए 96 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं। शीघ्र ही इसे विकसित करने का काम शुरू होगा।
-आलोक कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद
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