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Maharajganj News: दिव्यांगों के कान बनेंगी आंखें, सुनकर होगी पढ़ाई की राह आसान
Sat, 03 May 2025 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 03 May 2025 12:44 AM IST
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यूनीसेफ की मदद से दृष्टिबाधितों के लिए की गई टाॅकिंग टैबलेट की व्यवस्था
वृत्तिका स्टाइपेंड की मदद से छात्राओं को दो हजार की धनराशि
महराजगंज। दिव्यांग विद्यार्थियों की पढ़ाई आसान हो सके, इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में अब एक नई पहल की गई है। दिव्यांगों के कान ही उनकी आंखें बनेंगे। कानों से सुनकर उनकी पढ़ाई पूरी होगी और उन्हें पढ़ाई में आंखों की कमी नहीं महसूस होगी। पूरी तरह दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए यूनीसेफ की मदद से टाॅकिंग टैब की व्यवस्था की जा रही है। यह टैब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस होगा, जिसका स्पीकर दृष्टिबाधित विद्यार्थी की आवाज से संचालित होगा। इसके लिए प्रदेश के 14 जनपदों का चयन किया गया है, जिसमें महराजगंज भी शामिल है।
बेसिक शिक्षा विभाग में अब दृष्टिबाधित दिव्यांग भी बिना किसी मुश्किल के अध्ययन करेंगे। समग्र व समेकित शिक्षा ने यूनीसेफ की मदद से ऐसा टैबलेट विकसित कराया है जो टाॅकिंग टैब की तरह काम करते हुए आवाज के सहारे एआई की मदद से ऑपरेट होगा। इसकी मदद से विद्यार्थी हर उस प्रश्न का जवाब सुनकर जानेंगे और इसे जानकारी को कंठस्थ कर परीक्षा के समय बोलकर ही पूछे गए प्रश्नों का जवाब भी दे सकेंगे। इतना ही नहीं दिव्यांग छात्राओं के लिए संचालित वृत्तिका स्टाइपेंड योजना का दायरा 100 से बढ़ाकर 200 कर दिया गया है। दिव्यांग बालिकाएं 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर 200 रुपये मासिक सहायता 10 माह तक पातीं हैं। 2024 तक इसका लाभ सिर्फ 100 बालिकाओं को मिला, लेकिन नए सत्र में 200 बालिकाएं लाभ ले सकेंगी।
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दृष्टिबाधित दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बेसिक शिक्षा व यूनीसेफ ने टाकिंग टैबलेट की योजना प्रभावी की है। महराजगंज भी योजना में शामिल है। यहां के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को इसकी उपलब्धता होगी। शिक्षण सामग्री एससीईआरटी अपलोड करके उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा वृत्तिका स्टाइपेंड का दायरा भी दोगुना किया गया है। यह प्रयास निश्चित ही दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
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- रिद्धि पांडेय, बीएसए
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वृत्तिका स्टाइपेंड की मदद से छात्राओं को दो हजार की धनराशि
महराजगंज। दिव्यांग विद्यार्थियों की पढ़ाई आसान हो सके, इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में अब एक नई पहल की गई है। दिव्यांगों के कान ही उनकी आंखें बनेंगे। कानों से सुनकर उनकी पढ़ाई पूरी होगी और उन्हें पढ़ाई में आंखों की कमी नहीं महसूस होगी। पूरी तरह दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए यूनीसेफ की मदद से टाॅकिंग टैब की व्यवस्था की जा रही है। यह टैब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस होगा, जिसका स्पीकर दृष्टिबाधित विद्यार्थी की आवाज से संचालित होगा। इसके लिए प्रदेश के 14 जनपदों का चयन किया गया है, जिसमें महराजगंज भी शामिल है।
बेसिक शिक्षा विभाग में अब दृष्टिबाधित दिव्यांग भी बिना किसी मुश्किल के अध्ययन करेंगे। समग्र व समेकित शिक्षा ने यूनीसेफ की मदद से ऐसा टैबलेट विकसित कराया है जो टाॅकिंग टैब की तरह काम करते हुए आवाज के सहारे एआई की मदद से ऑपरेट होगा। इसकी मदद से विद्यार्थी हर उस प्रश्न का जवाब सुनकर जानेंगे और इसे जानकारी को कंठस्थ कर परीक्षा के समय बोलकर ही पूछे गए प्रश्नों का जवाब भी दे सकेंगे। इतना ही नहीं दिव्यांग छात्राओं के लिए संचालित वृत्तिका स्टाइपेंड योजना का दायरा 100 से बढ़ाकर 200 कर दिया गया है। दिव्यांग बालिकाएं 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर 200 रुपये मासिक सहायता 10 माह तक पातीं हैं। 2024 तक इसका लाभ सिर्फ 100 बालिकाओं को मिला, लेकिन नए सत्र में 200 बालिकाएं लाभ ले सकेंगी।
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दृष्टिबाधित दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बेसिक शिक्षा व यूनीसेफ ने टाकिंग टैबलेट की योजना प्रभावी की है। महराजगंज भी योजना में शामिल है। यहां के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को इसकी उपलब्धता होगी। शिक्षण सामग्री एससीईआरटी अपलोड करके उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा वृत्तिका स्टाइपेंड का दायरा भी दोगुना किया गया है। यह प्रयास निश्चित ही दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
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- रिद्धि पांडेय, बीएसए