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Maharajganj News: चालकों की कमी से सात से आठ बसें हर रोज डिपो में रहती खड़ीं
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महराजगंज। परिवहन विभाग की तरफ से महराजगंज डिपो में लगातार बसों की संख्या में इजाफा किया जा रहा, बावजूद डिपो में सात से आठ बसें हर रोज डिपो में ही खड़ी रहती है। विभिन्न रूटों पर बसों की किल्लत के बीच सात से आठ बसों का संचालन न होने से यात्रियों को असुविधा भी झेलनी पड़ती है।
महराजगंज डिपो के पार्क 2025 तक महज 67 बसें थीं, लेकिन बीते पांच माह में बसों की संख्या बढ़कर 76 हो चुकी है। इसमें अनुबंधित बसें भी शामिल हैं। डिपो में बसों की संख्या तो बढ़ी, लेकिन चालकों की संख्या यथावत बनी हुई है। डिपो सेवा योजन व ग्राम प्रधानों से संपर्क कर कई बार संविदा चालकों की भर्ती के लिए लगभग आठ से 10 बार शिविर लगा चुका है, बावजूद चालकों की संख्या सिर्फ 90 तक ही पहुंच सकी।
डिपो की तरफ से लगभग 10 बसें कानपुर- दिल्ली रूट पर तो अन्य वाराणसी- प्रयाग रूट पर संचालित की जाती हैं। लंबी दूरी की बसों के साथ दो चालक भेजने पड़ते हैं।
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ऐसे में उपलब्ध चालकों के भरोसे ही लोकल रूट संचालित हो रहीं बाहर जाने वाले चालकों के बाद संख्या और घट जाती है जिससे बसों की उपलब्धता के बाद भी लोकल रूट पर सीमित रोडवेज बसें ही डिपो से चल रही हैं।
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महराजगंज डिपो के पार्क 2025 तक महज 67 बसें थीं, लेकिन बीते पांच माह में बसों की संख्या बढ़कर 76 हो चुकी है। इसमें अनुबंधित बसें भी शामिल हैं। डिपो में बसों की संख्या तो बढ़ी, लेकिन चालकों की संख्या यथावत बनी हुई है। डिपो सेवा योजन व ग्राम प्रधानों से संपर्क कर कई बार संविदा चालकों की भर्ती के लिए लगभग आठ से 10 बार शिविर लगा चुका है, बावजूद चालकों की संख्या सिर्फ 90 तक ही पहुंच सकी।
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डिपो की तरफ से लगभग 10 बसें कानपुर- दिल्ली रूट पर तो अन्य वाराणसी- प्रयाग रूट पर संचालित की जाती हैं। लंबी दूरी की बसों के साथ दो चालक भेजने पड़ते हैं।
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ऐसे में उपलब्ध चालकों के भरोसे ही लोकल रूट संचालित हो रहीं बाहर जाने वाले चालकों के बाद संख्या और घट जाती है जिससे बसों की उपलब्धता के बाद भी लोकल रूट पर सीमित रोडवेज बसें ही डिपो से चल रही हैं।