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डीएफओ की पत्नी के हाथ से ग्लूकोज पी स्वस्थ हो रहा तेंदुआ
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:24 AM IST
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डीएफओ की पत्नी के हाथ से ग्लूकोज पी स्वस्थ हो रहा तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। चार दिन पहले मरणासन्न मिला तेंदुआ देखभाल के बाद अब तेजी से स्वस्थ होने लगा है। बुधवार को वह अपने पिंजरें में टहला। बकरे का मीट खाया और ग्लूकोज पिया। तेंदुए की देखभाल डीएफओ मनीष सिंह की पत्नी वैशाली विशेष रूप से कर रही हैं। दो दिन तक चम्मच से पानी पिलाने के बाद आज उसको बोतल से ग्लूकोज पिलाया। तेंदुए के स्वास्थ्य में सुधार होते देख वैशाली समेत वन विभाग के लोग उसी तरह प्रसन्न हैं, जैसे परिवार के किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा हो।
तेंदुए के इलाज के लिए वन विभाग स्थानीय विशेषज्ञों के अलावा कानपुर चिड़ियाघर के डाक्टर से सलाह ले रहा है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि तेंदुआ को बुधवार को बकरे का मीट खिलाया गया। इससे पहले वनकर्मियों ने तेंदुए को मुर्गे का मीट दिया लेकिन उसे नहीं खाया। बकरे का मीट खाने के बाद तेंदुआ पिंजरे में टहला तथा उसने अपने पंजे व नाखून भी चाटे। उसके स्वास्थ्य में सुधार के लिए डीएफओ कानपुर चिड़ियाघर के चिकित्सक डॉक्टर आरबी सिंह से संपर्क बनाए हुए हैं। उन्हीं की सलाह पर बीमार तेंदुए को ग्लूकोज मिश्रित पानी पिलाया जा रहा है। तेंदुआ ग्लूकोज मिला पानी केवल डीएफओ की पत्नी के हाथ से पी रहा है। अन्य वनकर्मी अगर पिंजरे में पानी रखने जाते हैं तो उन पर गुर्राने लगता है। बीते रविवार को दक्षिणी चौक रेंज के नाथनगर बीट के पोटहा नाले के पास तेंदुआ बेहद बीमार हाल में मिला था। प्राथमिक उपचार के बाद सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग तेंदुए का चेतना वन केंद्र में पिंजड़े मेें रखकर इलाज करा रहा है।
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तेंदुए के इलाज के लिए वन विभाग स्थानीय विशेषज्ञों के अलावा कानपुर चिड़ियाघर के डाक्टर से सलाह ले रहा है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि तेंदुआ को बुधवार को बकरे का मीट खिलाया गया। इससे पहले वनकर्मियों ने तेंदुए को मुर्गे का मीट दिया लेकिन उसे नहीं खाया। बकरे का मीट खाने के बाद तेंदुआ पिंजरे में टहला तथा उसने अपने पंजे व नाखून भी चाटे। उसके स्वास्थ्य में सुधार के लिए डीएफओ कानपुर चिड़ियाघर के चिकित्सक डॉक्टर आरबी सिंह से संपर्क बनाए हुए हैं। उन्हीं की सलाह पर बीमार तेंदुए को ग्लूकोज मिश्रित पानी पिलाया जा रहा है। तेंदुआ ग्लूकोज मिला पानी केवल डीएफओ की पत्नी के हाथ से पी रहा है। अन्य वनकर्मी अगर पिंजरे में पानी रखने जाते हैं तो उन पर गुर्राने लगता है। बीते रविवार को दक्षिणी चौक रेंज के नाथनगर बीट के पोटहा नाले के पास तेंदुआ बेहद बीमार हाल में मिला था। प्राथमिक उपचार के बाद सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग तेंदुए का चेतना वन केंद्र में पिंजड़े मेें रखकर इलाज करा रहा है।
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