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Maharajganj News: आंख, हड्डी, न दांत के डॉक्टर, 30 किमी दूर जाते हैं मरीज

Mon, 06 Nov 2023 12:49 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Nov 2023 12:49 AM IST
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Doctors for eyes, bones and teeth, patients go 30 km away.
जरूरत पर निजी अस्पताल में महंगे इलाज को मरीज हैं मजबूर, जिम्मेदार समस्याओं से बेखबर
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संवाद न्यूज एजेंसी

निचलौल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी है। जिसके चलते मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल में हड्डी रोग, दंत रोग और नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए 30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पर आना पड़ता है। या फिर कस्बे में निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ता है। लोगों की समस्याओं से जिम्मेदार बेखबर हैं। निचलौल ब्लॉक क्षेत्र की करीब 90 हजार आबादी इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। यहां रोजाना ओपीडी में औसतन करीब 400 मरीज आते हैं। इनमें सभी प्रकार के मरीज शामिल रहते हैं। वहीं अस्पताल में हड्डी रोग, दंत रोग और नेत्र रोग विशेषज्ञों की तैनाती नहीं होने के चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे करीब 30 से 40 मरीजों को प्रत्येक दिन जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
जिसके चलते मरीजों को मजबूरी में इलाज के लिए 30 किलोमीटर दूरी तय कर जिला अस्पताल आना पड़ता है या फिर शहर के किसी निजी अस्पतालों पर पहुंच महंगे दामों में इलाज कराते हैं। इस वजह से मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। लोगों ने विभाग के जिम्मेदारों से अस्पताल में इन बीमारियों के विशेषज्ञ की तैनाती करने की मांग की। खोन्हौली के वीरेंद्र ने बताया कि दांत दर्द हुआ तो निजी अस्पताल में जाकर इलाज कराया। अगर सीएचसी में इलाज की सुविधा रहती है तो मुफ्त में इलाज हो गया होता।
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शीतलापुर के राधेश्याम ने बताया कि अस्पताल में बेहतर इलाज की सुविधा नहीं है। विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। निचलौल कस्बे के राकेश ने बताया कि समस्याओं के समाधान के लिए किसी ने कारगर पहल नहीं की। हड्डी रोग से संबंधित इलाज के लिए निजी अस्पताल का ही सहारा रहता है।
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सीएचसी में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज किया जा रहा है। जिस रोग से संबंधित डॉक्टर नहीं हैं। उसकी जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
डॉ. अंग्रेस सिंह, अधीक्षक, सीएचसी निचलौल
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खराब हो चुकी है डेंटल चेयर
अस्पताल में पहले से डेंटल चेयर थी, लेकिन दंत विशेषज्ञों के अभाव में वह अब खराब हो चुकी है। जब डेंटल चेयर की बात की गई तो बताया गया कि नए डेंटल चेयर की मांग की गई है। जिसके लिए कागजी कार्रवाई चल रही है।

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अस्पताल में इनकी है तैनाती
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. अंग्रेस सिंह ने बताया कि अस्पताल पर वर्तमान में सर्जन, एमडी, एनेस्थेसिया, बाल रोग, महिला चिकित्सक, एलमओ की तैनाती है। ओपीडी में अस्पताल में आने वाले मरीजों को इनके जरिए इलाज किया जा रहा है।
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