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Maharajganj News: जोड़ों के दर्द पर मरहम लगाने को तीमारदार ढूंढ रहे डॉक्टर
Sat, 14 Dec 2024 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 14 Dec 2024 11:43 PM IST
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घुघली। तीन लाख से अधिक आबादी वाले घुघली क्षेत्र में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से मरीजों को निजी चिकित्सालयों में महंगे दाम पर इलाज कराना पड़ रहा है। ठंड के समय में जोड़ों में दर्द के अलावा हड्डी से जुड़ी बीमारियों के लिए यहां डॉक्टर नहीं हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी हो रही है, लेकिन जिम्मेदार इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
सीएचसी घुघली का शिलान्यास वर्ष 2009 में हुआ था। इसको बनने में 11 वर्ष लग गए। अस्पताल का संचालन शुरू होने में दो वर्ष गुजर गए। उसके बाद डाॅक्टर की तैनाती हुई। लगभग तीन लाख के करीब की आबादी है, जिन्हें स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी इस आधे-अधूरे सीएचसी के कंधे पर है। बीमारी के इलाज के लिए ब्लॉक क्षेत्र में पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है।
लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। इसके लिए सीएससी पर तैनात डाॅक्टर परिश्रम करते हैं, लेकिन यहां पर हड्डी रोग विशेषज्ञ पद पर कोई तैनाती नहीं है, जिससे अगर किसी भी व्यक्ति को हड्डी की बीमारी, जोड़ों में दर्द, फैक्चर जैसी समस्या हो तो इलाज के लिए उसे निजी चिकित्सालय का सहारा लेना पड़ता है। घुघली निवासी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया की विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं रहने के कारण इलाज में परेशानी होती है।
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राजाराम ने बताया कि घुटने में दर्द है। सीएचसी गया था इलाज नहीं होने से निजी डॉक्टर से परामर्श लेकर दवा का सेवन कर रहा हूं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अमित विक्रम ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिक्त पदों की सूचना उच्च अधिकारियों को है। वैसे भी डॉक्टर की तैनाती निदेशालय की ओर से किया जाता है।
यहां इनकी है तैनाती
प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. अमित बिक्रम, डाॅ. वीरेश गुप्ता, डाॅ. अंकिता भाटिया, डाॅ. नरेंद्र कुमार, डाॅ. राजेश मोहन आदि की तैनाती है।
यह पद खाली है
मेडिसिन आर्थोपेडिक्स, सर्जरी, दंत चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग, स्किन रोग विशेषज्ञ आदि का पद रिक्त है।
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सीएचसी घुघली का शिलान्यास वर्ष 2009 में हुआ था। इसको बनने में 11 वर्ष लग गए। अस्पताल का संचालन शुरू होने में दो वर्ष गुजर गए। उसके बाद डाॅक्टर की तैनाती हुई। लगभग तीन लाख के करीब की आबादी है, जिन्हें स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी इस आधे-अधूरे सीएचसी के कंधे पर है। बीमारी के इलाज के लिए ब्लॉक क्षेत्र में पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है।
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लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। इसके लिए सीएससी पर तैनात डाॅक्टर परिश्रम करते हैं, लेकिन यहां पर हड्डी रोग विशेषज्ञ पद पर कोई तैनाती नहीं है, जिससे अगर किसी भी व्यक्ति को हड्डी की बीमारी, जोड़ों में दर्द, फैक्चर जैसी समस्या हो तो इलाज के लिए उसे निजी चिकित्सालय का सहारा लेना पड़ता है। घुघली निवासी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया की विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं रहने के कारण इलाज में परेशानी होती है।
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राजाराम ने बताया कि घुटने में दर्द है। सीएचसी गया था इलाज नहीं होने से निजी डॉक्टर से परामर्श लेकर दवा का सेवन कर रहा हूं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अमित विक्रम ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिक्त पदों की सूचना उच्च अधिकारियों को है। वैसे भी डॉक्टर की तैनाती निदेशालय की ओर से किया जाता है।
यहां इनकी है तैनाती
प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. अमित बिक्रम, डाॅ. वीरेश गुप्ता, डाॅ. अंकिता भाटिया, डाॅ. नरेंद्र कुमार, डाॅ. राजेश मोहन आदि की तैनाती है।
यह पद खाली है
मेडिसिन आर्थोपेडिक्स, सर्जरी, दंत चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग, स्किन रोग विशेषज्ञ आदि का पद रिक्त है।