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डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिले के अस्पताल
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Fri, 12 Oct 2018 12:14 AM IST
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डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिले के अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिले में स्थिति चिकित्सालयों में डाक्टरों की कमी है। पीएचसी, सीएचसी, महिला अस्पताल व टीबी क्लीनिक में अब भी 44 डॉक्टरों की कमी है। इसके चलते मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उधर स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जो व्यवस्था है, उसी में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में कुल 14 सीएचसी, 4 ब्लॉक स्तरीय पीएचसी, 34 न्यू पीएचसी के अलावा दो महिला चिकित्सालय व एक टीबी क्लीनिक है। सभी अस्पतालों में कुल 175 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में जिले में केवल 131 डॉक्टर ही विभिन्न चिकित्सालयों में तैनात हैं। इन चिकित्सालयों में डॉक्टरों के 44 पद रिक्त चल रहे हैं। इसके चलते संबंधित अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लोगों का यह भी कहना है कि कुछ अस्पतालों में तैनात डॉक्टर भी समय से नहीं आते। इसके चलते अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी होती है। बेहतर इलाज न मिलने के कारण मरीज निजी अस्पताल या झोला छाप के चक्कर में धन व समय बर्बाद करते हैं और स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ने पर वह जिला अस्पताल के बाद गोरखपुर रेफर हो जाते हैं। सीएमओ डॉक्टर क्षमा शंकर पांडेय ने कहा कि डाक्टरों के खाली पदों पर शासन स्तर से तैनाती की जाती है। उनका कहना है कि डॉक्टरों की तैनाती के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है।
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सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में कुल 14 सीएचसी, 4 ब्लॉक स्तरीय पीएचसी, 34 न्यू पीएचसी के अलावा दो महिला चिकित्सालय व एक टीबी क्लीनिक है। सभी अस्पतालों में कुल 175 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में जिले में केवल 131 डॉक्टर ही विभिन्न चिकित्सालयों में तैनात हैं। इन चिकित्सालयों में डॉक्टरों के 44 पद रिक्त चल रहे हैं। इसके चलते संबंधित अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लोगों का यह भी कहना है कि कुछ अस्पतालों में तैनात डॉक्टर भी समय से नहीं आते। इसके चलते अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी होती है। बेहतर इलाज न मिलने के कारण मरीज निजी अस्पताल या झोला छाप के चक्कर में धन व समय बर्बाद करते हैं और स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ने पर वह जिला अस्पताल के बाद गोरखपुर रेफर हो जाते हैं। सीएमओ डॉक्टर क्षमा शंकर पांडेय ने कहा कि डाक्टरों के खाली पदों पर शासन स्तर से तैनाती की जाती है। उनका कहना है कि डॉक्टरों की तैनाती के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है।
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