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डेंगू से निपटने के लिए जिला अस्पताल मुस्तैद
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जिला अस्पताल में बना डेंगू वार्ड।
- फोटो : MAHARAJGANJ
डेंगू से निपटने के लिए जिला अस्पताल मुस्तैद
वर्ष में अब तक आठ मामले आने से अस्पतालों में बढ़ी सतर्कता
डेंगू जांच के लिए 125 रैपिड किट उपलब्ध
महराजगंज। डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जिला अस्पताल में डेंगू से निपटने के लिए जहां अलग से छह बेड का वार्ड तैयार किया गया है वहीं, डेंगू जांच के लिए 125 रैपिड किट भी उपलब्ध है। वहीं, इस साल अब तक डेंगू के आठ केस सामने आ चुके हैं। हालांकि इलाज के बाद सभी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं फिर भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल सहित सभी अस्पतालों को मुस्तैद कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, जिले के 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रत्येक पर दो-दो बेड अलग सुरक्षित रखे गए हैं। यहां डेंगू की जांच के लिए 100 से 150 जांच किट उपलब्ध हैं। अब तक जो मरीज मिले हैं, उनमें सिर्फ तीन मरीज ही जिले में डेंगू पीड़ित मिले हैं, जबकि पांच बाहर से डेंगू से पीड़ित होकर आए। इन सबका इलाज लखनऊ, गोरखपुर एवं जिले के अस्पतालों में हुआ। ऐसे में डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है।
रोकथाम के लिए टीम भी गठित है। टीम द्वारा जन सामान्य को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। घरों में कूलर, फ्रीज, गमलों आदि में इकट्ठा पानी को साफ कराया जाता है। लोगों को पीने का पानी उबाल कर प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति सचेत कर रही हैं। जरूरत के अनुसार फॉगिंग, मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी में डेंगू से इलाज की सुविधा मौजूद है।
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डेंगू बुखार को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं
डॉक्टरों के अनुसार डेंगू एक मच्छर जनित वायरल इंफेक्शन या डिजीज है। डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते आदि निकल आते हैं। डेंगू बुखार को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं। एडीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है।
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डेंगू से बचाव के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। जिले में बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध है। अस्पतालों में भर्ती करने के लिए बेड आरक्षित कर दिया गया है।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
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जिला अस्पताल में छह बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। जांच की सुविधा भी उपलब्ध है। रैपिड टेस्ट के लिए किट उपलब्ध है। बीमारी से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
-डॉ. एके द्विवेदी, प्रभारी सीएमएस
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डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। डेंगू की रोकथाम के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। धनात्मक लार्वा एवं लार्वा के स्रोत को खोजने के लिए मलेरिया विभाग की टीमें लगी हैं।
-त्रिभुवन चौधरी, जिला मलेरिया अधिकारी
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वर्ष में अब तक आठ मामले आने से अस्पतालों में बढ़ी सतर्कता
डेंगू जांच के लिए 125 रैपिड किट उपलब्ध
महराजगंज। डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जिला अस्पताल में डेंगू से निपटने के लिए जहां अलग से छह बेड का वार्ड तैयार किया गया है वहीं, डेंगू जांच के लिए 125 रैपिड किट भी उपलब्ध है। वहीं, इस साल अब तक डेंगू के आठ केस सामने आ चुके हैं। हालांकि इलाज के बाद सभी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं फिर भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल सहित सभी अस्पतालों को मुस्तैद कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, जिले के 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रत्येक पर दो-दो बेड अलग सुरक्षित रखे गए हैं। यहां डेंगू की जांच के लिए 100 से 150 जांच किट उपलब्ध हैं। अब तक जो मरीज मिले हैं, उनमें सिर्फ तीन मरीज ही जिले में डेंगू पीड़ित मिले हैं, जबकि पांच बाहर से डेंगू से पीड़ित होकर आए। इन सबका इलाज लखनऊ, गोरखपुर एवं जिले के अस्पतालों में हुआ। ऐसे में डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है।
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रोकथाम के लिए टीम भी गठित है। टीम द्वारा जन सामान्य को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। घरों में कूलर, फ्रीज, गमलों आदि में इकट्ठा पानी को साफ कराया जाता है। लोगों को पीने का पानी उबाल कर प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति सचेत कर रही हैं। जरूरत के अनुसार फॉगिंग, मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी में डेंगू से इलाज की सुविधा मौजूद है।
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डेंगू बुखार को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं
डॉक्टरों के अनुसार डेंगू एक मच्छर जनित वायरल इंफेक्शन या डिजीज है। डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते आदि निकल आते हैं। डेंगू बुखार को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं। एडीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है।
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डेंगू से बचाव के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। जिले में बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध है। अस्पतालों में भर्ती करने के लिए बेड आरक्षित कर दिया गया है।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
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जिला अस्पताल में छह बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। जांच की सुविधा भी उपलब्ध है। रैपिड टेस्ट के लिए किट उपलब्ध है। बीमारी से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
-डॉ. एके द्विवेदी, प्रभारी सीएमएस
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डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। डेंगू की रोकथाम के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। धनात्मक लार्वा एवं लार्वा के स्रोत को खोजने के लिए मलेरिया विभाग की टीमें लगी हैं।
-त्रिभुवन चौधरी, जिला मलेरिया अधिकारी