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बदलते मौसम में से बढ़ रही बीमारी
maharaganj
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:38 AM IST
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स्वास्थ्य
- फोटो : amar ujala
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महराजगंज। इन दिनों मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। बदलता मौसम बच्चों और बुजुर्गों को बीमार बना रहा है। तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच वायरल और एलर्जिक ब्रांकाइटिस (सांस फूलने की बामारी) का खतरा बढ़ रहा है। बच्चे निमोनिया की जद में है तो बुजुर्ग सांस फूलने की दिक्कत से परेशान है।
मार्च के पहले हफ्ते से ही मौसम में गर्मी आ गई है। पारा बढ़ने लगा तो लोगों के शरीर से गर्म कपड़े भी उतरने लगे। सुबह और शाम के तापमान में गिरावट जारी है। मौसम के सर्द गर्म के इस खेल में लोग बीमार पड़ रहे है। बच्चे बीमारी की जद में हैं। बच्चों पर वायरल ब्रांको निमोनिया का खतरा बढ़ गया है। वहीं बुजुर्गों को एलर्जिक ब्रांकाइटिस ने अपने चपेट में ले लिया है। इसके कारण बुजुर्गों की सांस फूलने की बामारी इस मौसम में बढ़ी है। ऐसे में बदलते मौसम में जरा सी लापरवाही बड़ा खतरा बन सकती है।
एलर्जिक ब्रांकाइटिस का खतरा बढ़ा
जिला अस्पताल के डॉ. एमएम भाष्कर ने कहा कि इस मौसम में एलर्जिक ब्रांकाइटिस का खतरा बढ़ गया है। इसमें मरीज को पहले बुखार होता है। फिर खांसी और सांस की परेशानी होने लगती हैं। फेफडे़ की नली में सूजन आ जाती है, जो मरीज की सेहत के लिए खतरनाक होता है।
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बच्चों का विशेष ख्याल रखें
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने कहा कि बदलते मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इस मौसम में वायरल इन्फेक्शन का खतरा अधिक होता है। बच्चों में वायरल फीवर, निमोनिया, सर्दी, खांसी, जुकाम आदि की शिकायत होती है।
डॉक्टरों की सलाह
सीएमएस डॉ. आरबी राम ने कहा कि बच्चों को पंखे के नीचे न सुलाएं, गर्म कपड़े पहनाकर रखें, ठंडा पानी न पिलाएं, ताजा और गर्म खाना खिलाएं, दिक्कत महसूस होने पर तुरंत डाक्टर की सलाह लें। सर्द गर्म से बचे, बच्चों को गंदी जगहों पर घमने से बचाएं।
अस्तपाल में मरीजों की संख्या पर एक नजर
27 फरवरी- 720 मरीज
28 फरवरी- 940 मरीज
3 मार्च- 713 मरीज
5 मार्च- 1820 मरीज
6 मार्च- 1110 मरीज
मार्च के पहले हफ्ते से ही मौसम में गर्मी आ गई है। पारा बढ़ने लगा तो लोगों के शरीर से गर्म कपड़े भी उतरने लगे। सुबह और शाम के तापमान में गिरावट जारी है। मौसम के सर्द गर्म के इस खेल में लोग बीमार पड़ रहे है। बच्चे बीमारी की जद में हैं। बच्चों पर वायरल ब्रांको निमोनिया का खतरा बढ़ गया है। वहीं बुजुर्गों को एलर्जिक ब्रांकाइटिस ने अपने चपेट में ले लिया है। इसके कारण बुजुर्गों की सांस फूलने की बामारी इस मौसम में बढ़ी है। ऐसे में बदलते मौसम में जरा सी लापरवाही बड़ा खतरा बन सकती है।
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एलर्जिक ब्रांकाइटिस का खतरा बढ़ा
जिला अस्पताल के डॉ. एमएम भाष्कर ने कहा कि इस मौसम में एलर्जिक ब्रांकाइटिस का खतरा बढ़ गया है। इसमें मरीज को पहले बुखार होता है। फिर खांसी और सांस की परेशानी होने लगती हैं। फेफडे़ की नली में सूजन आ जाती है, जो मरीज की सेहत के लिए खतरनाक होता है।
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बच्चों का विशेष ख्याल रखें
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने कहा कि बदलते मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इस मौसम में वायरल इन्फेक्शन का खतरा अधिक होता है। बच्चों में वायरल फीवर, निमोनिया, सर्दी, खांसी, जुकाम आदि की शिकायत होती है।
डॉक्टरों की सलाह
सीएमएस डॉ. आरबी राम ने कहा कि बच्चों को पंखे के नीचे न सुलाएं, गर्म कपड़े पहनाकर रखें, ठंडा पानी न पिलाएं, ताजा और गर्म खाना खिलाएं, दिक्कत महसूस होने पर तुरंत डाक्टर की सलाह लें। सर्द गर्म से बचे, बच्चों को गंदी जगहों पर घमने से बचाएं।
अस्तपाल में मरीजों की संख्या पर एक नजर
27 फरवरी- 720 मरीज
28 फरवरी- 940 मरीज
3 मार्च- 713 मरीज
5 मार्च- 1820 मरीज
6 मार्च- 1110 मरीज