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Maharajganj News: नहीं ठीक हुई डिजिटल एक्स रे मशीन, अनुबंध निरस्त करने की चेतावनी
Sat, 02 Mar 2024 09:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 02 Mar 2024 09:17 PM IST
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महराजगंज। जिला अस्पताल की डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब हुए दो माह से ज्यादा हो गया। अब महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की ओर से कंपनी को पत्र भेजकर चेतावनी दी गई है कि जल्द मशीन ठीक नहीं हुई तो अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा। दूसरी ओर शनिवार को मैनुअल मशीन भी खराब हो गई। मरीजों को बाहर जाकर जांच कराना पड़ा।
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे मशीन बीते दो माह से खराब है, लेकिन इसे बनवाने में कार्यदायी संस्था की ओर से विशेष रुचि नहीं ली जा रही है। हालत ये है कि मैनुअल एक्स-रे के भरोसे काम चल रहा है। शनिवार को मैनुअल एक्स-रे खराब हो गया, दोपहर बाद करीब 30 मरीजों को बाहर जाकर एक्स-रे कराना पड़ा। इसे ठीक करने में कर्मी जुटे रहे। तकनीकी दिक्कतों के चलते एक्स-रे नहीं बन पा रही है।
जिला हॉस्पिटल में जहां डिजिटल एक्सरे फ्री में होता है। वहीं निजी सेंटरों पर भारी भरकर फीस देकर जांच करवानी पड़ती है। 300 रुपये से लेकर 400 रुपये तक निजी सेंटरों पर डिजिटल एक्सरे होता है। अस्पताल आए वीरेंद्र नागबंशी ने बताया कि ऐसा लगा रहा है कि जान बुझकर सिस्टम खराब किया जाता है। एक माह पहले भी एक रिश्तेदार के साथ आया तो डिजिटल एक्स रे नहीं हो सका था, आज भी वही दशा है। पता नहीं कौन सा पार्टस मंगाया जा रहा की अब तक नहीं आ सका। इसी तरह से अन्य लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि कंपनी को पत्र जारी हुआ है। खराब पार्ट्स को बदलने के लिए
निर्देशित किया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैनुअल मशीन ठीक करा दी गई है। मरीजों को बेहतर सुबिधा देने की कोशिश की जा रही है। समस्याओं के बारे में स्वाथ्य महानिदेशक को पत्र भेजकर अवगत कराया गया था, इस वजह से कंपनी को चेतावनी पत्र जारी हुआ है।
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जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे मशीन बीते दो माह से खराब है, लेकिन इसे बनवाने में कार्यदायी संस्था की ओर से विशेष रुचि नहीं ली जा रही है। हालत ये है कि मैनुअल एक्स-रे के भरोसे काम चल रहा है। शनिवार को मैनुअल एक्स-रे खराब हो गया, दोपहर बाद करीब 30 मरीजों को बाहर जाकर एक्स-रे कराना पड़ा। इसे ठीक करने में कर्मी जुटे रहे। तकनीकी दिक्कतों के चलते एक्स-रे नहीं बन पा रही है।
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जिला हॉस्पिटल में जहां डिजिटल एक्सरे फ्री में होता है। वहीं निजी सेंटरों पर भारी भरकर फीस देकर जांच करवानी पड़ती है। 300 रुपये से लेकर 400 रुपये तक निजी सेंटरों पर डिजिटल एक्सरे होता है। अस्पताल आए वीरेंद्र नागबंशी ने बताया कि ऐसा लगा रहा है कि जान बुझकर सिस्टम खराब किया जाता है। एक माह पहले भी एक रिश्तेदार के साथ आया तो डिजिटल एक्स रे नहीं हो सका था, आज भी वही दशा है। पता नहीं कौन सा पार्टस मंगाया जा रहा की अब तक नहीं आ सका। इसी तरह से अन्य लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि कंपनी को पत्र जारी हुआ है। खराब पार्ट्स को बदलने के लिए
निर्देशित किया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैनुअल मशीन ठीक करा दी गई है। मरीजों को बेहतर सुबिधा देने की कोशिश की जा रही है। समस्याओं के बारे में स्वाथ्य महानिदेशक को पत्र भेजकर अवगत कराया गया था, इस वजह से कंपनी को चेतावनी पत्र जारी हुआ है।