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Maharajganj News: युवा<bha>--</bha>-डिजिटल लाइब्रेरी बनी प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए मददगार

Sat, 20 Apr 2024 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sat, 20 Apr 2024 02:17 AM IST
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Digital library becomes helpful for competitive candidates
-मुख्यालय पर चल रही हैं एक दर्जन डिजिटल लाइब्रेरियां, प्रति घंटा शुल्क देकर बच्चे बिना ट्यूटर के करते हैं तैयारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। शहर में डिजिटल लाइब्रेरी युवाओं की पसंद बन चुकी है। ऑनलाइन परीक्षा संबंध तथ्यों को पढ़ने के लिए मिल जाता है। डिजिटल लाइब्रेरी में पढ़ाई का बेहतर माहौल मिल रहा है। किताबों को रखने का झंझट भी नहीं है। कोई मेडिकल सेक्टर में प्रवेश के लिए तो कोई जेई मेंस का नोट आनलाइन तैयार कर रहा है। लाइब्रेरी में तैयारी करके युवा अपने सपने को साकार करने में जुट गए हैं।
शहर में संचालित हाईटेक लाइब्रेरी में अलग-अलग शिफ्टों में विद्यार्थियों पढ़ रहे रहे हैं। कंप्यूटर और नई सहित अन्य व्यवस्था से लैस हो चुकी मॉडल लाइब्रेरी में एक साथ 100 युवा बैठकर पढ़ाई कर सकते है। पढ़ाई का ट्रेंड नये दौर में तेजी से बदल गया है। बच्चे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हों अब उन्हें हर टीचर की लिखी अलग- अलग किताबों को खरीदने की जहमत नहीं उठानी है, और न ही घर पर परिवार के बीच बैठक अपने अध्ययन को पूरा करना है।
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विद्यार्थियों के लिए यह दायित्व मुख्यालय की डिजिटल लाइब्रेरियां उठा रही हैं। एक दर्जन से अधिक की संख्या में डिजिटल लाइब्रेरी कस्बे में संचालित हो रही है। लाइब्रेरी में फ्री वाई-फाई सुविधा तो है ही एक साथ तैयारी करने वाले बच्चों का हुजूम उमड़ता है, जिससे बच्चे पढ़ने के साथ ही कुछ जरूरी जानकारी एक दूसरे से शेयर कर सकते हैं या पूछ सकते हैं। सबसे खास बात यह कि लाइब्रेरी में 100 रुपये प्रति घंटे का शुल्क जरूर लिया जाता है, लेकिन पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक नहीं रहता। सिर्फ देखभाल करने व बच्चों को जलपान देने के लिए स्टाफ होता है जो सिर्फ सुविधा देने के लिहाज से अपनी सेवा देते हैं।
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शुक्रवार को एक लाइब्रेरी की पड़ताल में 70 से अधिक बच्चे एक शिफ्ट में अपनी अपनी तैयारी करते दिखे। अधिकतर बच्चे बीएड, बीए के इंट्रेंस तो बाकी एसएससी परीक्षा की तैयारी करते मिले। अल्ताफ, हेमंत यादव, भजन कुमार, अनुराग ने बताया कि घर पर बेहतर माहौल न मिलने के कारण लाइब्रेरी पढ़ने आते हैं। रेग्युलर पढ़ने वालों से एक घंटे का 50 रुपया ही चार्ज लिया जाता है। संचालक वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि अब महीने भर बच्चों को पढ़ाने व शुल्क लेने का इंतजार नहीं करना पड़ता। बच्चे डिजिटल पढ़ाई के लिए हर घंटे का शुल्क देकर खुद ही पढ़ते और नोट्स तैयार करते हैं।
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पढ़ाई में होती है आसानी
नीट की तैयारी करने वाले नीतिश ने कहा डिजिटल लाइब्रेरी में एक साथ कई बच्चे तैयारी क्षेत्र के मिल जाते हैं जिससे पढ़ाई में मन लगता है।
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ममता प्रजापति ने कहा कि अब कोचिंग पढ़ने से फुर्सत है। आपको जो नोट्स बनाने हैं उसमें डिजिटल लाइब्रेरी मदद करती है। यह अच्छा प्लेटफार्म है।
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रुक्मिणी कहती हैं कि उनके साथ लगभग 20 बच्चे यूपीएससी की तैयारी करने वाले डिजिटल लाइब्रेरी में ही मिल गये। हम अपने नोट्स भी एक दूसरे से शेयर कर लेते हैं।

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नीट की तैयारी कर रहे अमन ने बताया कि एक साथ एक ही प्रतियोगिता की तैयारी करने वाले डिजिटल लाइब्रेरी में ही मिल सकते हैं। बेहतर सुविधा से लोगों का रुझान इस तरफ बढ़ रहा है।
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