{"_id":"656f787d59c8833dc0015899","slug":"difficulties-now-journey-to-nepal-border-will-become-easy-after-some-time-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-11014-2023-12-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: अभी दुश्वारियां, कुछ समय बाद आसान होगा नेपाल बॉर्डर तक का सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: अभी दुश्वारियां, कुछ समय बाद आसान होगा नेपाल बॉर्डर तक का सफर
Wed, 06 Dec 2023 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 06 Dec 2023 12:52 AM IST
विज्ञापन
संपतिहा निर्माणाधीन फ्लाई ओवर के छत लगाने के लिए बना अधूरा ढांचा ।
महराजगंज। जंगल कौड़िया से नेपाल बाॅर्डर तक नेशनल हाईवे का चौड़ीकरण हो रहा है। कहीं ओवरब्रिज बन रहा है तो कहीं सर्विस लेन। इससे लोगों को आवागमन में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। आने वाले दिनों में नेपाल बाॅर्डर तक वाहन फर्राटा भरेंगे। अभी बाॅर्डर तक जाने में दो से तीन घंटे का वक्त लग रहा है। सड़क बनने के बाद एक से डेढ़ घंटे में दूरी तय हो जाएगी। पर्यटक समेत कारोबारियों को विशेष सहूलित होगी।
भैया फरेंदा के पास सड़क के दायरे में आने वाले मकान-दुकान अभी तोड़े नहीं गए हैं। इसके आगे बढ़ने पर सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले मकान टूट चुके हैं। कार्यदायी संस्था के कर्मी काम करने में जुटे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अभी तो दुश्वारियां हैं, लेकिन आने वाले दिनों में आवागमन सुगम हो जाएगा।
मंगलवार को मनकौरा में ओवरब्रिज निर्माण के लिए ढलाई हो रही थी। रानीपुर में दोनों तरफ से दीवार बन गए हैं। पिलर भी लग चुके हैं। पुरंदरपुर में ओवरब्रिज का काम लगभग पूरा होने वाला है। छत तक का कार्य हो चुका है। भैया फरेंदा में ओवरब्रिज के लिए अभी कार्य नहीं शुरू हो सका है। विभाग की लापरवाही के कारण कुछ लोगों को मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। भैया फरेंदा के रमेश, राकेश ने कहा कि मुआवजा मिलने के बाद कुछ दिन का समय दिया जाए, जिससे लोग अपना नया मकान बनवा सकें। रानीपुर क्षेत्र के मोहम्मद अशफाक का कहना है कि कार्य धीमी गति से होने के कारण राजगीरों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। फरेंदा से आगे बनकटी बाजारडीह में कार्य हो रहा है। छह किलोमीटर कोल्हुई बाईपास, गुलरिहा, एकसडवा चौराहा, संपतिहा चौराहा, छपवा, बनैलिया मंदिर के सामने और कुनसेरवा बाईपास पर फ्लाईओवर बन रहा है।
विज्ञापन
मंगलवार को दोपहर 12:30 बजे गुलरिहा के पास कोल्हुई बाईपास का फ्लाईओवर के पास डंपर से मिट्टी भरा जा रहा था। जबकि बाईपास पर मशीन खड़ी थी। चालक बृजेश यादव ने बताया कि लगभग छह किलोमीटर लंबे बाईपास निर्माण में बीच मे सिर्फ 100 मीटर काम रूका है। मिट्टी भरान का कार्य चल रहा है। पीएनसी के इंजीनियर अजय चौरसिया ने बताया कि निर्माण कार्य प्रगति पर है। एकसडवा चौराहा पर लोग स्वयं मकान तोड़ रहे थे।
सुमेर ने बताया गया कि पीएनसी के बुलडोजर से घंटा भर पहले मकान तोड़ा गया है। हमीउद्दीन ने बताया कि मुआवजा नहीं मिला। एकसडवा गांव के पास निर्माणाधीन पुल का बेसमेंट बन रहा है। दो मजदूर सरिया लगा रहे थे। जोगियाबारी के पास डूडी नदी में नए पुल की नींव में सरिया लगाया जा रहा था। कुरहवा गांव के सामने निर्माणाधीन पुल के ह्यूमपाइप डालकर जाम किया जा रहा था। संपतिहा में फ्लाईओवर पुल तक सडक के दोनों किनारे मशीनरी से मिट्टी भरने और दबाने का काम हो रहा था। जेसीबी, रोलर आदि से सर्विस लेन का काम हो रहा था। इंजीनियर जितेंद्र सिंह ने कहा कि जमीन में पेच की वजह से सर्विस लेन का काम भी बाधित है, जिससे पुल का स्लैब बनाने में बाधा आ रही है। जमीन खाली कराई जा रही है।
जंगल कौड़िया से नेपाल बॉर्डर तक हो रहा नेशनल हाईवे का चौड़ीकरण
गोरखपुर जिले के जंगल कौड़िया से नेपाल बॉर्डर तक 80 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण चल है। 2700 करोड़ की लागत से बनने वाली इस सड़क से आने वाले दिनों में बॉर्डर तक आवागमन सुगम होगा। इसके अलावा बौद्ध स्थलों को जोड़ने के लिए यह सड़क महत्वपूर्ण साबित होगी। सीमावर्ती क्षेत्र में कारोबार का अवरोध भी दूर होगा। फोरलेन निर्माण के लिए 150 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। फोरलेन में 19 स्थानों पर अंडरपास, कैंपियरगंज में फ्लाईओवर, महराजगंज के मोहनापुर ढाला पर ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है।
पर्यटकों को होगी सहूलियत
पर्यटन के लिहाज से भारी संख्या में लोग नेपाल जाते हैं और नेपाल से यहां आते हैं। ऐसे में यह मार्ग पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराएगा। कम समय में अधिक से अधिक जगहों को घूमा जा सकेगा। नेपाल से सटे महराजगंज के देवदह में गौतमबुद्ध का ननिहाल है। जहां पर वर्तमान समय में खुदाई का काम चल रहा है। इसके साथ ही सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, श्रावस्ती में भी गौतम बुद्ध से संबंधित स्थान हैं, जहां प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में विदेशी पर्यटक भी आते हैं। ऐसे में इस मार्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। गोरखपुर से सोनौली मार्ग बहुत महत्वपूर्ण है। एक तो यह मार्ग दो देशों को जोड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर गोरखपुर के खाद कारखाने से होने वाले निर्यात के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह बौद्ध स्थलों को जोड़ता है। इस मार्ग से बौद्ध स्थलों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
बेघर हो गए, लेकिन नहीं मिला मुआवजा
गोरखपुर सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग का हो रहे चौड़ीकरण में आ रही बाधा को देखते हुए तहसील प्रशासन ने एनएचआई द्वारा अधिगृहीत भूमि से अतिक्रमण को हटवा दिया। जिसमें कुछ ऐसे लोग हैं जिनके मकान और भूमि का मुआवजा नहीं मिला उसके बाद भी उनका मकान जेसीबी मशीन से गिरा दिया गया और लोग बेघर हो गए। अधिगृहीत भूमि से हमीउद्दीन का मकान तोड़ा जा रहा था। उन्होंने बताया कि मकान और भूमि का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। मसिउद्दीन ने बताया कि उनका भी घर बगैर मुआवजा दिए जेसीबी मशीन से तोड़ दिया गया। एकसड़वा गांव में ग्यासुद्दीन, लियाकत, सलामुद्दीन, हदीश खान और शैलेश ने बताया कि मुआवजा नहीं मिला।
विज्ञापन
भैया फरेंदा के पास सड़क के दायरे में आने वाले मकान-दुकान अभी तोड़े नहीं गए हैं। इसके आगे बढ़ने पर सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले मकान टूट चुके हैं। कार्यदायी संस्था के कर्मी काम करने में जुटे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अभी तो दुश्वारियां हैं, लेकिन आने वाले दिनों में आवागमन सुगम हो जाएगा।
विज्ञापन
मंगलवार को मनकौरा में ओवरब्रिज निर्माण के लिए ढलाई हो रही थी। रानीपुर में दोनों तरफ से दीवार बन गए हैं। पिलर भी लग चुके हैं। पुरंदरपुर में ओवरब्रिज का काम लगभग पूरा होने वाला है। छत तक का कार्य हो चुका है। भैया फरेंदा में ओवरब्रिज के लिए अभी कार्य नहीं शुरू हो सका है। विभाग की लापरवाही के कारण कुछ लोगों को मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। भैया फरेंदा के रमेश, राकेश ने कहा कि मुआवजा मिलने के बाद कुछ दिन का समय दिया जाए, जिससे लोग अपना नया मकान बनवा सकें। रानीपुर क्षेत्र के मोहम्मद अशफाक का कहना है कि कार्य धीमी गति से होने के कारण राजगीरों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। फरेंदा से आगे बनकटी बाजारडीह में कार्य हो रहा है। छह किलोमीटर कोल्हुई बाईपास, गुलरिहा, एकसडवा चौराहा, संपतिहा चौराहा, छपवा, बनैलिया मंदिर के सामने और कुनसेरवा बाईपास पर फ्लाईओवर बन रहा है।
विज्ञापन
मंगलवार को दोपहर 12:30 बजे गुलरिहा के पास कोल्हुई बाईपास का फ्लाईओवर के पास डंपर से मिट्टी भरा जा रहा था। जबकि बाईपास पर मशीन खड़ी थी। चालक बृजेश यादव ने बताया कि लगभग छह किलोमीटर लंबे बाईपास निर्माण में बीच मे सिर्फ 100 मीटर काम रूका है। मिट्टी भरान का कार्य चल रहा है। पीएनसी के इंजीनियर अजय चौरसिया ने बताया कि निर्माण कार्य प्रगति पर है। एकसडवा चौराहा पर लोग स्वयं मकान तोड़ रहे थे।
सुमेर ने बताया गया कि पीएनसी के बुलडोजर से घंटा भर पहले मकान तोड़ा गया है। हमीउद्दीन ने बताया कि मुआवजा नहीं मिला। एकसडवा गांव के पास निर्माणाधीन पुल का बेसमेंट बन रहा है। दो मजदूर सरिया लगा रहे थे। जोगियाबारी के पास डूडी नदी में नए पुल की नींव में सरिया लगाया जा रहा था। कुरहवा गांव के सामने निर्माणाधीन पुल के ह्यूमपाइप डालकर जाम किया जा रहा था। संपतिहा में फ्लाईओवर पुल तक सडक के दोनों किनारे मशीनरी से मिट्टी भरने और दबाने का काम हो रहा था। जेसीबी, रोलर आदि से सर्विस लेन का काम हो रहा था। इंजीनियर जितेंद्र सिंह ने कहा कि जमीन में पेच की वजह से सर्विस लेन का काम भी बाधित है, जिससे पुल का स्लैब बनाने में बाधा आ रही है। जमीन खाली कराई जा रही है।
जंगल कौड़िया से नेपाल बॉर्डर तक हो रहा नेशनल हाईवे का चौड़ीकरण
गोरखपुर जिले के जंगल कौड़िया से नेपाल बॉर्डर तक 80 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण चल है। 2700 करोड़ की लागत से बनने वाली इस सड़क से आने वाले दिनों में बॉर्डर तक आवागमन सुगम होगा। इसके अलावा बौद्ध स्थलों को जोड़ने के लिए यह सड़क महत्वपूर्ण साबित होगी। सीमावर्ती क्षेत्र में कारोबार का अवरोध भी दूर होगा। फोरलेन निर्माण के लिए 150 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। फोरलेन में 19 स्थानों पर अंडरपास, कैंपियरगंज में फ्लाईओवर, महराजगंज के मोहनापुर ढाला पर ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है।
पर्यटकों को होगी सहूलियत
पर्यटन के लिहाज से भारी संख्या में लोग नेपाल जाते हैं और नेपाल से यहां आते हैं। ऐसे में यह मार्ग पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराएगा। कम समय में अधिक से अधिक जगहों को घूमा जा सकेगा। नेपाल से सटे महराजगंज के देवदह में गौतमबुद्ध का ननिहाल है। जहां पर वर्तमान समय में खुदाई का काम चल रहा है। इसके साथ ही सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, श्रावस्ती में भी गौतम बुद्ध से संबंधित स्थान हैं, जहां प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में विदेशी पर्यटक भी आते हैं। ऐसे में इस मार्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। गोरखपुर से सोनौली मार्ग बहुत महत्वपूर्ण है। एक तो यह मार्ग दो देशों को जोड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर गोरखपुर के खाद कारखाने से होने वाले निर्यात के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह बौद्ध स्थलों को जोड़ता है। इस मार्ग से बौद्ध स्थलों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
बेघर हो गए, लेकिन नहीं मिला मुआवजा
गोरखपुर सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग का हो रहे चौड़ीकरण में आ रही बाधा को देखते हुए तहसील प्रशासन ने एनएचआई द्वारा अधिगृहीत भूमि से अतिक्रमण को हटवा दिया। जिसमें कुछ ऐसे लोग हैं जिनके मकान और भूमि का मुआवजा नहीं मिला उसके बाद भी उनका मकान जेसीबी मशीन से गिरा दिया गया और लोग बेघर हो गए। अधिगृहीत भूमि से हमीउद्दीन का मकान तोड़ा जा रहा था। उन्होंने बताया कि मकान और भूमि का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। मसिउद्दीन ने बताया कि उनका भी घर बगैर मुआवजा दिए जेसीबी मशीन से तोड़ दिया गया। एकसड़वा गांव में ग्यासुद्दीन, लियाकत, सलामुद्दीन, हदीश खान और शैलेश ने बताया कि मुआवजा नहीं मिला।