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Maharajganj News: नैक के मूल्यांकन के लिए सातो पैरामीटर्स पर विस्तारपूर्वक की चर्चा
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फरेंदा। लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पीजी कॉलेज आनंदनगर में नैक विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षा की गुणवत्ता व अन्य कार्यक्रम को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रबंधक डॉ. बलराम भट्ट, प्राचार्य डॉ. राम पांडेय एवं विशिष्ट अतिथि प्रो. दिग्विजय नाथ पांडेय ने की।
मुख्य अतिथि प्रो. डीएन पांडेय ने नैक के मूल्यांकन के लिए सातो पैरामीटर्स पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। कहा कि नैक मूल्यांकित संस्थाओं को यूजीसी एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा द्वारा शिक्षकों के लिए शोध प्रोजेक्ट एवं सेमिनार के लिए अनुदान के साथ-साथ संबंधित कॉलेज को स्वायत्तशासी संस्था का दर्जा दिया जा सकता हैं। नैक के लिए पहला महत्वपूर्ण कार्य डॉक्यूमेंटेशन हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को अपने पर्सनल प्रोफाइल को अद्यतन करने एवं विभागीय स्तर समय सारिणी, व्याख्यानमाला एवं समय-समय पर संगोष्ठी का आयोजन करने पर जोर दिया। महाविद्यालय स्तर पर प्रवेश समिति, नियंता मंडल, महिला उत्पीड़न निवारण समिति, खेल समिति, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति आदि को अपने दायित्व के निर्वहन करने के साथ-साथ सक्रिय होकर कार्य करने की सलाह दी। एनएसएस द्वारा प्रतिवर्ष एक मलिन बस्ती का चयन करके स्वच्छता कार्यक्रम के आलावा सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करें। हमें छात्र केंद्रित गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहिए। जिसमें निबंध प्रतियोगिता, वादविवाद प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता एवं रंगोली प्रतियोगिता का समय-समय पर आयोजन करें। संचालन डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने किया। इस अवसर पर डॉ. तृप्ति त्रिपाठी, डॉ. अखिलेश मिश्र, राज बहादुर सिंह, डॉ. महिप पांडेय, डॉ. डीके चौबे, डॉ. शिव प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि प्रो. डीएन पांडेय ने नैक के मूल्यांकन के लिए सातो पैरामीटर्स पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। कहा कि नैक मूल्यांकित संस्थाओं को यूजीसी एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा द्वारा शिक्षकों के लिए शोध प्रोजेक्ट एवं सेमिनार के लिए अनुदान के साथ-साथ संबंधित कॉलेज को स्वायत्तशासी संस्था का दर्जा दिया जा सकता हैं। नैक के लिए पहला महत्वपूर्ण कार्य डॉक्यूमेंटेशन हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को अपने पर्सनल प्रोफाइल को अद्यतन करने एवं विभागीय स्तर समय सारिणी, व्याख्यानमाला एवं समय-समय पर संगोष्ठी का आयोजन करने पर जोर दिया। महाविद्यालय स्तर पर प्रवेश समिति, नियंता मंडल, महिला उत्पीड़न निवारण समिति, खेल समिति, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति आदि को अपने दायित्व के निर्वहन करने के साथ-साथ सक्रिय होकर कार्य करने की सलाह दी। एनएसएस द्वारा प्रतिवर्ष एक मलिन बस्ती का चयन करके स्वच्छता कार्यक्रम के आलावा सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करें। हमें छात्र केंद्रित गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहिए। जिसमें निबंध प्रतियोगिता, वादविवाद प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता एवं रंगोली प्रतियोगिता का समय-समय पर आयोजन करें। संचालन डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने किया। इस अवसर पर डॉ. तृप्ति त्रिपाठी, डॉ. अखिलेश मिश्र, राज बहादुर सिंह, डॉ. महिप पांडेय, डॉ. डीके चौबे, डॉ. शिव प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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