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आयुष्मान भारत का लाभ दिलाने की मांग
Sun, 23 Dec 2018 12:21 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sun, 23 Dec 2018 12:21 AM IST
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आयुष्मान भारत का लाभ दिलाने की मांग
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। वनटांगिया विकास समिति की जिला इकाई के पदाधिकारियों ने शनिवार को डीएम, सीडीओ को ज्ञापन सौंपकर आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी वनग्रामों में रहने वालों को लाभ दिलाने की मांग की।
वनग्राम निवासी जयराम प्रसाद ने बताया कि जिले में 18 वनटागिया गांव है। सभी लोगों को योजना का लाभ दिलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से चलाए जा रहे आयुष्मान भारत योजना का लाभ वनटांगिया परिवारों को नहीं मिल पा रहा है। केवल वनटांगिया कम्पार्ट संख्या 28 मिठौरा विकास खंड के 65 लोगों को ही योजना का लाभ मिल रहा है। जबकि वहां पर करीब 350 परिवार रहते हैं। उन्होंने कहा कि जिले के 18 वन ग्रामों के सभी परिवारों इस योजना के तहत पात्र हंै। मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया है कि सरकार की सभी लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरे वनटांगिया समुदाय को मिलना चाहिए। लेकिन इसका लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। इसी क्रम में वनटांगिया विकास समिति के पदाधिकारियों ने पंचायती राज आयुक्त को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर वन ग्रामों को अलग स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि महराजगंज व गोरखपुर में कुल 23 वनटांगिया गांव हैं। जिनकों वनाधिकार अधिनियम के तहत संबंधित नियमावली में राजस्व ग्राम का दर्जा भी मिल गया है। लेकिन इन गांवों को बगल के ग्राम पंचायतों में समायोजित कर दिया गया है। इससे वनटांगिया गांवों का संपूर्ण विकास होना संभव नहीं है। वनटांगिया गांवों को अलग ग्राम पंचायत बनाने की मांग की। इस दौरान रामजी, नूर मुहम्मद, रामानंद शर्मा, रमाशंकर निषाद, राजाराम आदि मौजूद रहे।
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वनग्राम निवासी जयराम प्रसाद ने बताया कि जिले में 18 वनटागिया गांव है। सभी लोगों को योजना का लाभ दिलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से चलाए जा रहे आयुष्मान भारत योजना का लाभ वनटांगिया परिवारों को नहीं मिल पा रहा है। केवल वनटांगिया कम्पार्ट संख्या 28 मिठौरा विकास खंड के 65 लोगों को ही योजना का लाभ मिल रहा है। जबकि वहां पर करीब 350 परिवार रहते हैं। उन्होंने कहा कि जिले के 18 वन ग्रामों के सभी परिवारों इस योजना के तहत पात्र हंै। मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया है कि सरकार की सभी लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरे वनटांगिया समुदाय को मिलना चाहिए। लेकिन इसका लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। इसी क्रम में वनटांगिया विकास समिति के पदाधिकारियों ने पंचायती राज आयुक्त को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर वन ग्रामों को अलग स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि महराजगंज व गोरखपुर में कुल 23 वनटांगिया गांव हैं। जिनकों वनाधिकार अधिनियम के तहत संबंधित नियमावली में राजस्व ग्राम का दर्जा भी मिल गया है। लेकिन इन गांवों को बगल के ग्राम पंचायतों में समायोजित कर दिया गया है। इससे वनटांगिया गांवों का संपूर्ण विकास होना संभव नहीं है। वनटांगिया गांवों को अलग ग्राम पंचायत बनाने की मांग की। इस दौरान रामजी, नूर मुहम्मद, रामानंद शर्मा, रमाशंकर निषाद, राजाराम आदि मौजूद रहे।
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