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Maharajganj News: रकम ले जाने व भंसार की सुविधा में संशोधन की मांग
Tue, 27 Feb 2024 04:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 27 Feb 2024 04:54 PM IST
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महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा से सटे रूपनदेही जिले में लुंबिनी प्रदेश के होटल व्यवसायियों ने मंगलवार को बैठक की। पुलिस प्रशासन और सरकार से भारतीय पर्यटकों के साथ सहजता और सम्मानपूर्वक व्यवहार करने की मांग की। साथ ही 25 हजार रुपये मुद्रा लाने के नियम और सीमावर्ती नगर पालिका तक मिलने वाले भारतीय वाहनों के पांच किमी के भंसार सुविधा में संशोधन करने की मांग की।
नेपाली होटलियर्स एसोसिएशन लुंबिनी के अध्यक्ष प्रवीण बहादुर पाठक ने बताया कि भारतीय पर्यटकों का आगमन उत्साहजनक नहीं है। क्योंकि, सरकारी नीतियां और नियम पर्यटकों के अनुकूल नहीं हैं। सरकार को भारतीय पर्यटकों को जितना चाहे उतना पैसा लाने की अनुमति देने की नीति के लिए भारत सरकार से पहल करनी चाहिए, क्योंकि इस नियम के कारण कि भारतीय पर्यटक केवल 25,000 ही ला सकते हैं। इसके कारण व्यवसाय नहीं चल पा रहा है। चर्चा हुई कि नेपाल के पर्यटन व्यवसाय के फलने-फूलने का एक आधार दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले पड़ोसी देश भारत के पर्यटक हैं। इसलिए अव्यवहारिक और जटिल नीति नियमों को संशोधित किया जाए और पर्यटकों के अनुकूल बनाया जाए।
उन्होंने बताया कि भारतीय पर्यटकों को ले जाने वाले वाहनों की जांच के नाम पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा अनुचित और अनावश्यक उत्पीड़न की प्रथा ने नेपाल पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। इसे रोका जाना चाहिए। व्यवसायियों की मांग है कि भारतीय पर्यटकों को ले जाने वाले वाहनों को सीमा पार से सात किमी दूर नेपाल की ओर आने और भारत की सीमा से जुड़े जिलों के उत्तर की ओर अंतिम सीमा क्षेत्र तक आने की अनुमति दी जाए।
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नेपाली होटलियर्स एसोसिएशन लुंबिनी के अध्यक्ष प्रवीण बहादुर पाठक ने बताया कि भारतीय पर्यटकों का आगमन उत्साहजनक नहीं है। क्योंकि, सरकारी नीतियां और नियम पर्यटकों के अनुकूल नहीं हैं। सरकार को भारतीय पर्यटकों को जितना चाहे उतना पैसा लाने की अनुमति देने की नीति के लिए भारत सरकार से पहल करनी चाहिए, क्योंकि इस नियम के कारण कि भारतीय पर्यटक केवल 25,000 ही ला सकते हैं। इसके कारण व्यवसाय नहीं चल पा रहा है। चर्चा हुई कि नेपाल के पर्यटन व्यवसाय के फलने-फूलने का एक आधार दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले पड़ोसी देश भारत के पर्यटक हैं। इसलिए अव्यवहारिक और जटिल नीति नियमों को संशोधित किया जाए और पर्यटकों के अनुकूल बनाया जाए।
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उन्होंने बताया कि भारतीय पर्यटकों को ले जाने वाले वाहनों की जांच के नाम पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा अनुचित और अनावश्यक उत्पीड़न की प्रथा ने नेपाल पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। इसे रोका जाना चाहिए। व्यवसायियों की मांग है कि भारतीय पर्यटकों को ले जाने वाले वाहनों को सीमा पार से सात किमी दूर नेपाल की ओर आने और भारत की सीमा से जुड़े जिलों के उत्तर की ओर अंतिम सीमा क्षेत्र तक आने की अनुमति दी जाए।
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