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Maharajganj News: एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
Fri, 09 Feb 2024 05:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 09 Feb 2024 05:48 PM IST
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महराजगंज। शुक्रवार को एंबुलेंस कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अभिषेक चौरसिया ने बताया कि जिले में 108, 102 एंबुलेंस सेवा शासन ने ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विस को दी है। कंपनी लगातार अपने कर्मचारियों पर दबाव बनाकर फर्जी मरीजों की संख्या बढ़ाकर भुगतान ले रही है।
फर्जी आधार संख्या और मोबाइल नंबर दर्ज कर हर महीने करोड़ का भुगतान किया जा रहा है। जो कर्मचारी फर्जी केस करने से मना करता है उसको नौकरी से निकाल दिया जाता है, जिले के अधिकारी कर्मचारियों को केस का टारगेट देते हैं। इस वजह से मरीज को सेवा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर और जीवन रक्षक दवाओं का अभाव है। किसी भी एंबुलेंस में मानक के अनुसार उपकरण मौजूद नहीं है। कर्मचारियों को समय पर डीजल भी नहीं मिल पाता है।
उन्होंने कहा कि नियुक्ति के नाम चालकों से 25 हजार व मेडिकल टेक्नीशियन से 45 हजार रुपये नौकरी के नाम पर लेते हैं। पुराने कर्मचारियों को निकाल कर यह कंपनी हर महीने नए कर्मचारियों की भर्ती करती है। कर्मचारियों को श्रम विभाग के नियमों के विपरीत लगातार 24 घंटे काम कराया जाता है। जिलाध्यक्ष ने उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी की जांच कराने की मांग की।
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फर्जी आधार संख्या और मोबाइल नंबर दर्ज कर हर महीने करोड़ का भुगतान किया जा रहा है। जो कर्मचारी फर्जी केस करने से मना करता है उसको नौकरी से निकाल दिया जाता है, जिले के अधिकारी कर्मचारियों को केस का टारगेट देते हैं। इस वजह से मरीज को सेवा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर और जीवन रक्षक दवाओं का अभाव है। किसी भी एंबुलेंस में मानक के अनुसार उपकरण मौजूद नहीं है। कर्मचारियों को समय पर डीजल भी नहीं मिल पाता है।
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उन्होंने कहा कि नियुक्ति के नाम चालकों से 25 हजार व मेडिकल टेक्नीशियन से 45 हजार रुपये नौकरी के नाम पर लेते हैं। पुराने कर्मचारियों को निकाल कर यह कंपनी हर महीने नए कर्मचारियों की भर्ती करती है। कर्मचारियों को श्रम विभाग के नियमों के विपरीत लगातार 24 घंटे काम कराया जाता है। जिलाध्यक्ष ने उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी की जांच कराने की मांग की।
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