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Maharajganj News: मुआवजा निर्धारण अवार्ड में देरी से असमंजस में 14 गांवों के किसान
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ओवरब्रिज निर्माण के लिए टेस्टिंग पाइलिंग करते हुए रेल कर्मी।
महराजगंज। घुघली से आनंदनगर तक 52.70 किमी तक प्रस्तावित नई रेल लाइन निर्माण परियोजना के दूसरे चरण में जमीन अधिग्रहण को लेकर जरूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
अंतिम गजट अधिसूचना जारी हुए तीन माह से अधिक समय बीतने के बाद भी भूमि अध्याप्ति विभाग और रेलवे प्रशासन की ओर से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए अवार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। मुआवजा मिलने में हो रही देरी से प्रभावित 14 गांवों के किसान असमंजस में हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले में नई रेल लाइन का निर्माण कार्य दो चरणों में प्रस्तावित है। पहले फेज में 29 और जबकि दूसरे फेज में 23 गांवों को शामिल किया गया है। पहले चरण में रेल लाइन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसमें 4,52,68,08,151 रुपये का मुआवजा वितरित किया गया है। जबकि शेष मुआवजा वितरित किया जा रहा है। वहीं दूसरे चरण में 9 गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। अब तक कुल 1,52,28,10,745 रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है।
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इसके अलावा शेष 14 गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और रेलवे प्रशासन की ओर से प्रभावित किसानों के खेतों को चिह्नित भी किया जा चुका है। रेलवे की ओर से भूमि अधिग्रहण के लिए फाइनल अधिसूचना जारी हुए करीब तीन माह से अधिक समय बीत गया है। लेकिन अभी तक प्रभावित किसानों को जमीन के बदले मुआवजा देने के लिए अभी तक अवार्ड नहीं बनाया गया है।
इससे रेल लाइन का निर्माण कार्य की गति धीमी हो गई है। भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय की ओर से राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और अन्य संबंधित अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों के अभिलेखों का सत्यापन कर रहे हैं।
भूमि अध्याप्ति विभाग का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की ओर चिह्नित किए गए जमीनों का मूल्यांकन किया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि कौन सी जमीन चकरोड पर या लिंक रोड पर है। ऐसे जमीनों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मुआवजा की राशि निर्धारण किया जाएगा।
इन गांवों में खजुरिया, महदेवा, गोबिंदपुर, गोपालापुर, खनुआ, परसिया बुजुर्ग, देउरवा, जंगल जोगिया बारी, अलहदिया महदेवा, गोपालापुर और कम्हरिया बुजुर्ग, सेमरादाड़ी, मथुरानगर और सिधवारी शामिल हैं।
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अंतिम गजट अधिसूचना जारी हुए तीन माह से अधिक समय बीतने के बाद भी भूमि अध्याप्ति विभाग और रेलवे प्रशासन की ओर से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए अवार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। मुआवजा मिलने में हो रही देरी से प्रभावित 14 गांवों के किसान असमंजस में हैं।
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जानकारी के अनुसार, जिले में नई रेल लाइन का निर्माण कार्य दो चरणों में प्रस्तावित है। पहले फेज में 29 और जबकि दूसरे फेज में 23 गांवों को शामिल किया गया है। पहले चरण में रेल लाइन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसमें 4,52,68,08,151 रुपये का मुआवजा वितरित किया गया है। जबकि शेष मुआवजा वितरित किया जा रहा है। वहीं दूसरे चरण में 9 गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। अब तक कुल 1,52,28,10,745 रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है।
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इसके अलावा शेष 14 गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और रेलवे प्रशासन की ओर से प्रभावित किसानों के खेतों को चिह्नित भी किया जा चुका है। रेलवे की ओर से भूमि अधिग्रहण के लिए फाइनल अधिसूचना जारी हुए करीब तीन माह से अधिक समय बीत गया है। लेकिन अभी तक प्रभावित किसानों को जमीन के बदले मुआवजा देने के लिए अभी तक अवार्ड नहीं बनाया गया है।
इससे रेल लाइन का निर्माण कार्य की गति धीमी हो गई है। भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय की ओर से राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और अन्य संबंधित अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों के अभिलेखों का सत्यापन कर रहे हैं।
भूमि अध्याप्ति विभाग का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की ओर चिह्नित किए गए जमीनों का मूल्यांकन किया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि कौन सी जमीन चकरोड पर या लिंक रोड पर है। ऐसे जमीनों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मुआवजा की राशि निर्धारण किया जाएगा।
इन गांवों में खजुरिया, महदेवा, गोबिंदपुर, गोपालापुर, खनुआ, परसिया बुजुर्ग, देउरवा, जंगल जोगिया बारी, अलहदिया महदेवा, गोपालापुर और कम्हरिया बुजुर्ग, सेमरादाड़ी, मथुरानगर और सिधवारी शामिल हैं।