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नेपाल के रहने वाले कैदी की जिला कारागार में मौत
महराजगंज/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 May 2017 11:18 PM IST
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रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला कारागर में बंद एक कैदी की मौत रविवार को हो गई। वह नेपाल का रहने वाला था। जेल प्रशासन कैदी की मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना बता रहा है। वहीं मृत कैदी के बेटे ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कैदी की मौत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उसके घर वाले जिला अस्पताल में रोते बिलखते रहे।
पड़ोसी मुल्क नेपाल के नवल परासी जिले के हरदी गांव का रहने वाला सुलेमान पुत्र सुनी, उम्र 45 साल साइकिल चोरी के मामले में जेल बंद हुआ था। करीब 3 माह पहले वह जेल गया था। बताया गया कि वह रविवार को वह बैरेक में खामोश बैठा था, अचानक वहीं गिर पड़ा। साथ के कैदियों ने इसकी जानकारी जेल प्रशासन को दी तो उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौत की सूचना पाकर मृत कैदी का बेटा सद्दाम अपनी मां के साथ पहुंचा। दोनों बिलख रहे थे। आस-पास खडे़ लोगों ने दोनों का ढांढस बंधाया। मृत कैदी के बेटे सद्दाम ने आरोप लगाया कि मौत जेल प्रशासन की लापरवाही से हुई है। अगर तत्काल इलाज कराया गया होता, तो जान सकती थी। उधर जेल अधीक्षक एके राय का कहना है कि कैदी की मौत हार्ट अटैक से हुई है। जेल प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। कैदी का तत्काल इलाज कराया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
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पड़ोसी मुल्क नेपाल के नवल परासी जिले के हरदी गांव का रहने वाला सुलेमान पुत्र सुनी, उम्र 45 साल साइकिल चोरी के मामले में जेल बंद हुआ था। करीब 3 माह पहले वह जेल गया था। बताया गया कि वह रविवार को वह बैरेक में खामोश बैठा था, अचानक वहीं गिर पड़ा। साथ के कैदियों ने इसकी जानकारी जेल प्रशासन को दी तो उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौत की सूचना पाकर मृत कैदी का बेटा सद्दाम अपनी मां के साथ पहुंचा। दोनों बिलख रहे थे। आस-पास खडे़ लोगों ने दोनों का ढांढस बंधाया। मृत कैदी के बेटे सद्दाम ने आरोप लगाया कि मौत जेल प्रशासन की लापरवाही से हुई है। अगर तत्काल इलाज कराया गया होता, तो जान सकती थी। उधर जेल अधीक्षक एके राय का कहना है कि कैदी की मौत हार्ट अटैक से हुई है। जेल प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। कैदी का तत्काल इलाज कराया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
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