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Maharajganj News: मछली मारने निकले युवक का छह दिन बाद मिला शव
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निचलौल। थाना क्षेत्र के तेरह चार नहर पुल के धोबहा श्मशान घाट के पास नहर में शुक्रवार को कुछ लोगों ने एक व्यक्ति का शव जाल में फंसा देखा। कुछ ही देर में शव देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। इसी बीच सूचना पाकर पुलिस पहुंच गई।
पुलिस ने मछुआरों की मदद से जाल में फंसे शव को बाहर निकलवाया और पहचान कराने में जुट गई। कुछ देर बाद शव की पहचान पांच दिन पहले मछली मारने के लिए घर से निकले व्यक्ति अंगद चौहान (42) निवासी गेडहवा के रूप में हुई।
बताया जा रहा है कि गेडहवा निवासी अंगद चौहान (42) बीते 18 जनवरी को घर से जाल लेकर मछली पकड़ने के लिए निकला था। उसके बाद घर नहीं लौटा। परिजन अंगद की तलाश में जुटे थे। इसी बीच अंगद चौहान का शव तेरह चार नहर पुल के धोबहा श्मशान घाट के पास नहर में जाल में फंसा देखा गया। शव मिलने के बाद पत्नी रीमा और बेटा भोला व बेटी आरती का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों बच्चों की अभी शादी नहीं हुई है।
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अंगद चौहान दो भाइयों परशुराम और रामसेवक से बड़ा था। वह 10 साल से भाइयों से अलग रहता था। अंगद के पास कृषि कार्य के लिए कोई भूमि नहीं थी। वह गांव में मजदूरी करता था। थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वर्मा के अनुसार, शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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पुलिस ने मछुआरों की मदद से जाल में फंसे शव को बाहर निकलवाया और पहचान कराने में जुट गई। कुछ देर बाद शव की पहचान पांच दिन पहले मछली मारने के लिए घर से निकले व्यक्ति अंगद चौहान (42) निवासी गेडहवा के रूप में हुई।
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बताया जा रहा है कि गेडहवा निवासी अंगद चौहान (42) बीते 18 जनवरी को घर से जाल लेकर मछली पकड़ने के लिए निकला था। उसके बाद घर नहीं लौटा। परिजन अंगद की तलाश में जुटे थे। इसी बीच अंगद चौहान का शव तेरह चार नहर पुल के धोबहा श्मशान घाट के पास नहर में जाल में फंसा देखा गया। शव मिलने के बाद पत्नी रीमा और बेटा भोला व बेटी आरती का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों बच्चों की अभी शादी नहीं हुई है।
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अंगद चौहान दो भाइयों परशुराम और रामसेवक से बड़ा था। वह 10 साल से भाइयों से अलग रहता था। अंगद के पास कृषि कार्य के लिए कोई भूमि नहीं थी। वह गांव में मजदूरी करता था। थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वर्मा के अनुसार, शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।