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फर्जी ई चालान भेजकर चूना लगाने में जुटे साइबर ठग

Sun, 16 Oct 2022 11:34 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 16 Oct 2022 11:34 PM IST
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Cyber thugs engaged in cheating by sending fake e-challan
फर्जी ई चालान भेजकर चूना लगाने में जुटे साइबर ठग
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यातायात विभाग ने लोगों को सचेत रहने को दिया सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
केस एक - सरोजनी नगर के प्रभात ने बताया कि एक सप्ताह पहले मोबाइल पर संदेश आया। उसमें नीचे दिए लिंक पर रकम जमा कराने के लिए कहा गया था। यातायात विभाग के कार्यालय में पता किया तो चालान नहीं होने की जानकारी मिली।
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केस दो - लोहिया नगर के आलोक ने बताया कि पंद्रह दिन पहले बाइक का चालान होने का संदेश मोबाइल फोन पर आया। नीचे दिए लिंक पर पांच हजार रुपये जमा कराने के लिए कहा गया था। संदेह होने पर पता लगाया तो फर्जी निकला।
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महराजगंज। साइबर ठगों से सावधान रहने की जरूरत है। फर्जी ई चालान भेज कर रकम हड़पने की फिराक में हैं। बीते एक माह में करीब 12 लोगों के पास फर्जी ई चालान का संदेश आया। विभाग से जानकारी लेने पर पता चला कि कोई चालान नहीं हुआ है। यातायात विभाग की तरफ से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। चालान होने के बाद कोई लिंक मोबाइल पर विभाग की ओर से नहीं भेजा जाता है।
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साइबर ठग मोबाइल नंबर एकत्र कर किसी के भी मोबाइल पर संदेश भेज दे रहे हैं। संदेश में लिंक पर आनलाइन चालान जमा करने के लिए कहा जाता है। आपने अपने दो पहिया वाहन पर तीन सवारियों को बैठा रखा था, दो पहिया वाहन को आप बिना हेलमेट लगाए चला रहे थे। कार चलाते समय आपने सीट बेल्ट नहीं नहीं लगा रखी थी। आपकी गाड़ी ओवर स्पीड थी। कुछ ऐसे ही मैसेज इन दिनों लोगों के मोबाइल फोन पर आ रहे हैं।
संदेश में कहा जाता है कि आपका ई- चालान किया गया है। आपको पांच हजार रुपये नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर ऑनलाइन जमा करना है। लिंक से जुर्माने का भुगतान होने के बाद पता चलता है कि उनके वाहन का चालान ही नहीं हुआ था और वह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। जिले में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। आजकल वाहनों के नंबर के आधार पर ही उसके मालिक के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने वाले कई एप इंटरनेट पर मौजूद हैं। साइबर ठग वाहनों के नंबर से वाहन स्वामी की डिटेल के साथ ही उसका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी ले लेते हैं। इसके बाद संदेश भेजकर चूना लगाने की कोशिश कर करते हैं।

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कोट---
साइबर ठगों से सचेत रहने की जरूरत है। चालान होने के दौरान कोई लिंक नहीं भेजा जाता है। विभाग की तरफ से लोगों को जागरूक किया जाता है। ऐसा कोई भी लिंक मोबाइल पर आए तो तुरंत विभाग से जानकारी प्राप्त करें।
- हरि सिंह, यातायात निरीक्षक
साइबर ठगी से बचने के प्रमुख उपाय
- अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में राशि डालें।
- फेसबुक, ट्विटर आईडी का पासवर्ड स्ट्रांग रखें, सरल पासवर्ड न रखें।
- कोई रकम की मांग के लिए लिंक भेजे तो भुगतान न करें।
- बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर डिटेल्स नहीं मांगते हैं।
- किसी भी तरह के ऑफर और लालच में न आएं
-अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर उसे कोई जानकारी न दें
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