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Maharajganj News: बसों में उमड़ी भीड़...दुश्वारियों के बीच बहनों ने की यात्रा
Sun, 10 Aug 2025 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 10 Aug 2025 12:51 AM IST
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रोडवेज परिसर में बस के चढ़ने के लिए धक्का मुक्की करते यात्री।
महराजगंज। रक्षाबंधन पर बहनों को मुफ्त यात्रा की सौगात तो दी गई, लेकिन व्यवस्था बदहाल नजर आई। बसों में भीड़ अधिक होने के कारण आने-जाने में असुविधा हुई। दुश्वारियों के बीच बहनों ने यात्रा पूरी की।
वहीं कुछ तो बस नहीं मिलने से रकम खर्च कर सफर की। शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक स्टेशन पर भीड़ लगी रही।
शनिवार को स्टेशन परिसर में ज्ञानती देवी बदहाल व्यवस्था पर नाराज दिखीं। उन्होंने बताया कि सरकार ने तो व्यवस्था ठीक की है, लेकिन जिम्मेदार इसे ठीक ढंग से संचालित करने में लापरवाही करते हैं।
वह फरेंदा भाई को राखी बांधने जा रहीं थी। उनके साथ दो बच्चे भी थे। परिसर में बहादुर मिले। वह पत्नी चंदनी को स्टेशन छोड़ने आए थे। भीड़ देखकर किनारे बैठ गए।
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उन्होंने बताया कि दो बस तो छोड़ दिया, अब तीसरी बस आई है। इसमें बैठने के लिए जगह बनानी पड़ेगी।
बस रुकते ही वह तेजी से आगे बढ़े और खिड़की से झोला सीट पर रख दिए। इसके बाद भीड़ में उनकी पत्नी को बस में चढ़ना दुश्वार हो गया। किसी तरह से वह बस के अंदर दाखिल हुईं तो उन्होंने राहत की सांस ली। भीड़ में एक दिव्यांग युवती भी नजर आई।
लोगों ने भीड़ को किनारे करते हुए उसे अंदर जाने दिया। ऐसी तस्वीर दिन भर स्टेशन पर दिखती रही। लोकल रूटों पर दावे बेदम नजर आए।
बहनों को टेंपो टैक्सी से सफर करना पड़ा। उधर, स्टेशन पर भीड़ के कारण सड़क पर रूक-रूककर जाम लगता रहा। इस बीच यातायात पुलिस को परेशान होना पड़ा।
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वहीं कुछ तो बस नहीं मिलने से रकम खर्च कर सफर की। शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक स्टेशन पर भीड़ लगी रही।
शनिवार को स्टेशन परिसर में ज्ञानती देवी बदहाल व्यवस्था पर नाराज दिखीं। उन्होंने बताया कि सरकार ने तो व्यवस्था ठीक की है, लेकिन जिम्मेदार इसे ठीक ढंग से संचालित करने में लापरवाही करते हैं।
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वह फरेंदा भाई को राखी बांधने जा रहीं थी। उनके साथ दो बच्चे भी थे। परिसर में बहादुर मिले। वह पत्नी चंदनी को स्टेशन छोड़ने आए थे। भीड़ देखकर किनारे बैठ गए।
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उन्होंने बताया कि दो बस तो छोड़ दिया, अब तीसरी बस आई है। इसमें बैठने के लिए जगह बनानी पड़ेगी।
बस रुकते ही वह तेजी से आगे बढ़े और खिड़की से झोला सीट पर रख दिए। इसके बाद भीड़ में उनकी पत्नी को बस में चढ़ना दुश्वार हो गया। किसी तरह से वह बस के अंदर दाखिल हुईं तो उन्होंने राहत की सांस ली। भीड़ में एक दिव्यांग युवती भी नजर आई।
लोगों ने भीड़ को किनारे करते हुए उसे अंदर जाने दिया। ऐसी तस्वीर दिन भर स्टेशन पर दिखती रही। लोकल रूटों पर दावे बेदम नजर आए।
बहनों को टेंपो टैक्सी से सफर करना पड़ा। उधर, स्टेशन पर भीड़ के कारण सड़क पर रूक-रूककर जाम लगता रहा। इस बीच यातायात पुलिस को परेशान होना पड़ा।