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प्रेम संबंध में गई थी पीपीगंज के युवक की जान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:20 AM IST
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हत्यारोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जंगलबारी भैंसी में तीन दिन पहले बोरे में फेंके गए युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। गोरखपुर जनपद के पीपीगंज थाना क्षेत्र के जंगल झझवा टोला बनकटवा निवासी सोनू के रूप में शव की शिनाख्त के अगले ही दिन घटना का पर्दाफाश हो गया। आरओ प्लांट में काम करने वाले सोनू की हत्या एक महिला से प्रेम संबंध उजागर होने पर उसके पति ने की थी। गोरखपुर के कांशीराम आवास में दुपट्टा से गला कस कर हत्या के बाद शव को जंगल में फेंक दिया था। 24 घंटे के अंदर पर्दाफाश करने वाली टीम को पांच हजार इनाम देने की घोषणा की गई है।
पुलिस कार्यालय में पत्रकार वार्ता में एसपी भारत सिंह ने बताया कि बीते बुधवार को फरेंदा थाना क्षेत्र के जंगलबारी भैंसी में बोरे में एक युवक की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आई थी। पुलिस शिनाख्त में जुटी थी कि घटना के अगले दिन गोरखपुर जनपद के पीपीगंज थाना क्षेत्र के जंगल झझवा टोला बनकटवा निवासी तुलसी प्रसाद फरेंदा थाना पहुंचा और फोटो देखकर शव की शिनाख्त अपने बेटे सोनू के रूप में की।
उसने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसका बेटा पीपीगंज के एक आरओ प्लांट में ड्राइवर था। छह सितंबर को सुबह छह बजे वह प्लांट पर काम करने के लिए गया। उसी समय किसी के मोबाइल पर फोन आया और वह चला गया। तब से वापस नहीं लौटा। तहरीर में उसने पीपीगंज के राजकिशोर से पूर्व में हुए विवाद का भी जिक्र किया था। पुलिस उसी विवाद को आधार मानकर जांच आगे बढ़ाई। शुक्रवार को पुलिस ने राजकिशोर और उसकी पत्नी को पीपीगंज से गिरफ्तार कर लिया।
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सीओ फरेंदा चंद्रदेव प्रसाद के नेतृत्व में एसओ सत्येंद्र पांडेय ने राजकिशोर से पूछताछ की तो सारी सच्चाई सामने आ गई। पूछताछ में पता चला कि राजकिशोर मूल रूप से सहजादपुर थाना कैंपियरगंज का है। एक साल पहले दुबई चला गया था। इस बीच उसकी पत्नी का संबंध सोनू से हो गया था। दुबई से लौटने के बाद जब उसे इसकी जानकारी हुई तो वह गांव छोड़कर गोरखपुर के कांशीराम आवास में पत्नी व बच्चों के साथ रहने लगा। सोनू को मौत के घाट सुलाने के लिए उसने एक साजिश रची। अपनी पत्नी से कहकर सोनू को छह सितंबर की रात कांशीराम आवास बुलाया और दुपट्टा से गला कसकर हत्या कर दी। उसी रात अपने टेंपो पर शव को बोरे में रखकर पत्नी के साथ जंगल में फेंक दिया था।
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पुलिस कार्यालय में पत्रकार वार्ता में एसपी भारत सिंह ने बताया कि बीते बुधवार को फरेंदा थाना क्षेत्र के जंगलबारी भैंसी में बोरे में एक युवक की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आई थी। पुलिस शिनाख्त में जुटी थी कि घटना के अगले दिन गोरखपुर जनपद के पीपीगंज थाना क्षेत्र के जंगल झझवा टोला बनकटवा निवासी तुलसी प्रसाद फरेंदा थाना पहुंचा और फोटो देखकर शव की शिनाख्त अपने बेटे सोनू के रूप में की।
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उसने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसका बेटा पीपीगंज के एक आरओ प्लांट में ड्राइवर था। छह सितंबर को सुबह छह बजे वह प्लांट पर काम करने के लिए गया। उसी समय किसी के मोबाइल पर फोन आया और वह चला गया। तब से वापस नहीं लौटा। तहरीर में उसने पीपीगंज के राजकिशोर से पूर्व में हुए विवाद का भी जिक्र किया था। पुलिस उसी विवाद को आधार मानकर जांच आगे बढ़ाई। शुक्रवार को पुलिस ने राजकिशोर और उसकी पत्नी को पीपीगंज से गिरफ्तार कर लिया।
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सीओ फरेंदा चंद्रदेव प्रसाद के नेतृत्व में एसओ सत्येंद्र पांडेय ने राजकिशोर से पूछताछ की तो सारी सच्चाई सामने आ गई। पूछताछ में पता चला कि राजकिशोर मूल रूप से सहजादपुर थाना कैंपियरगंज का है। एक साल पहले दुबई चला गया था। इस बीच उसकी पत्नी का संबंध सोनू से हो गया था। दुबई से लौटने के बाद जब उसे इसकी जानकारी हुई तो वह गांव छोड़कर गोरखपुर के कांशीराम आवास में पत्नी व बच्चों के साथ रहने लगा। सोनू को मौत के घाट सुलाने के लिए उसने एक साजिश रची। अपनी पत्नी से कहकर सोनू को छह सितंबर की रात कांशीराम आवास बुलाया और दुपट्टा से गला कसकर हत्या कर दी। उसी रात अपने टेंपो पर शव को बोरे में रखकर पत्नी के साथ जंगल में फेंक दिया था।