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दाम नहीं तो काम नहीं का नारा बुलंद किया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:29 AM IST
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सदर ब्लाक में दाम नहीं तो काम नहीं की तर्ज पर आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने बैठक का बहिष्कार कर सीडीपीओ के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। सदर सीडीपीओ के खिलाफ बृहस्पतिवार को आंगनबाड़ी कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सौंपे जा रहे कार्य के बदले मेहनताना मांगने पर सीडीपीओ के तल्ख लहजे से नाराज आंगनबाड़ी कार्यकर्ता धरने पर बैठ गईं।
सदर ब्लाक सभागार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक सदर सीडीपीओ ने बुलाई थी। स्वास्थ्य विभाग के एचयू श्रीभागवत सिंह ने कहा कि उन लोगों को सप्ताह में एक दिन पांच वर्ष तक के बच्चों में कीड़ी मारने वाली दवा बांटनी है। इस पर एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने पूछा कि इसके बदले में कार्यकर्ताओं को क्या मिलेगा? इस पर सीडीपीओ ने उठ कर कहा कि काम नहीं करोगी तो पद से हटा दिया जाएगा।
दूसरी कार्यकर्ता ने कहा कि वे काम से कहां पीछे हट रही हैं। लेकिन, बदले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पारिश्रमिक तो दिया ही जाना चाहिए। उनका कहना था कि बार बार स्वास्थ्य विभाग अपना काम हमसे से करा लेता है मगर पारिश्रमिक कुछ नहीं देता है। जब कि चुनाव आयोग भी कार्य कराने पर भुगतान करता है। इस पर सदर सीडीपीओ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निलंबित करने की धमकी दे दी। इस पर मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
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सीडीपीओ विमला मिश्रा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गईं। उनकी मांग थी की सात माह से मानदेय का भुगतान किया जाए, स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराए गए कार्यों का भी पारिश्रमिक दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेंटर पर ही इतना कार्य सौंप दिया गया है कि वही समय से पूरा नहीं कर पा रहा है। अन्य विभागों का कार्य कैसे किया जाए।
इस दौरान सदर अध्यक्ष छाया भारती, कमलेश कुमारी, यशोदा, बाबी सिंह, उमा चौरसिया, नूरी पांडे, कुसुमलता, चंद्रावती, कमला, मनोरमा, रेखा, रैना बानो, मानसुनी, सीमा, रीता, पुष्पा, मीरा, कालिंदी, विंध्यवासिनी, राधा, शांति, पुष्पा आदि मौजूद रहीं।
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सदर ब्लाक सभागार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक सदर सीडीपीओ ने बुलाई थी। स्वास्थ्य विभाग के एचयू श्रीभागवत सिंह ने कहा कि उन लोगों को सप्ताह में एक दिन पांच वर्ष तक के बच्चों में कीड़ी मारने वाली दवा बांटनी है। इस पर एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने पूछा कि इसके बदले में कार्यकर्ताओं को क्या मिलेगा? इस पर सीडीपीओ ने उठ कर कहा कि काम नहीं करोगी तो पद से हटा दिया जाएगा।
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दूसरी कार्यकर्ता ने कहा कि वे काम से कहां पीछे हट रही हैं। लेकिन, बदले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पारिश्रमिक तो दिया ही जाना चाहिए। उनका कहना था कि बार बार स्वास्थ्य विभाग अपना काम हमसे से करा लेता है मगर पारिश्रमिक कुछ नहीं देता है। जब कि चुनाव आयोग भी कार्य कराने पर भुगतान करता है। इस पर सदर सीडीपीओ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निलंबित करने की धमकी दे दी। इस पर मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
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सीडीपीओ विमला मिश्रा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गईं। उनकी मांग थी की सात माह से मानदेय का भुगतान किया जाए, स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराए गए कार्यों का भी पारिश्रमिक दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेंटर पर ही इतना कार्य सौंप दिया गया है कि वही समय से पूरा नहीं कर पा रहा है। अन्य विभागों का कार्य कैसे किया जाए।
इस दौरान सदर अध्यक्ष छाया भारती, कमलेश कुमारी, यशोदा, बाबी सिंह, उमा चौरसिया, नूरी पांडे, कुसुमलता, चंद्रावती, कमला, मनोरमा, रेखा, रैना बानो, मानसुनी, सीमा, रीता, पुष्पा, मीरा, कालिंदी, विंध्यवासिनी, राधा, शांति, पुष्पा आदि मौजूद रहीं।