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नारायणी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन सतर्क
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2016 01:10 AM IST
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घरोही टोले से बीमार बच्चे को इलाज के लिए ले जाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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झुलनीपुर। मंगलवार की रात नेपाल से निकलने वाली नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ गया। नेपाली प्रशासन ने आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। एहतियात के तौर पर भारतीय प्रशासन ने भी नदी किनारे के गांवों के लोगों को सतर्क को कहा है।
नारायणी नदी में अचानक 3.50 लाख क्यूसेक पानी की सूचना पर बाढ़ बचाव में लगे प्रशासन के होश उड़ गये। ए गैप, बी गैप व नेपाल बांध की रखरखाव में लगे सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने बाढ़ से बचाव के संसाधनों के उपाय तलाशते और बांधों व ठोकरों की सुरक्षा में लगे रहे। नेपाली प्रशासन के अनुसार जलस्तर और बढ़ने की संभावना थी। जिसके चलते सिंचाई विभाग काफी मुस्तैद दिखा। जबकि बाढ़ बचाव की विभागीय तैयारियों पर नेपाल के लोगों ने सवाल भी खड़े किए हैं।
स्थानीय निवासी दूधनाथ गुप्ता, बलराज, खेम बहादुर, प्रेम चंद आदि ने कहा कि विभाग बांधों के रखरखाव में वर्ष भर करोड़ों का वारा न्यारा करता है। फिर भी आरपास के गांव पर प्रति वर्ष बाढ़ का खतरा बना रहता है। विभाग के लोग चार ट्राली बोल्डर रख कर बाढ़ से बचाने का दावा कर रहे हैं। नेपाली सूत्रों का कहना है कि अभी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी पानी से नारायणी का जल स्तर और बढ़ सकता है। नारायणी नदी के आसपास के गांवों में नेपाल प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
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सशस्त्र सेना व पुलिस को भी बाढ़ पर विशेष नजर रखने का दिशा निर्देश जारी किया है। निचलौल तहसील प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में प्रधानों के माध्यम से लोगों को जमीन पर न सोने, रात को जागने को कह दिया है। एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद ने बताया कि अभी राहत की जरूरत नहीं है। ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है। साथ ही प्रशासन को सूचना देने की ताकीद की गई है।
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नारायणी नदी में अचानक 3.50 लाख क्यूसेक पानी की सूचना पर बाढ़ बचाव में लगे प्रशासन के होश उड़ गये। ए गैप, बी गैप व नेपाल बांध की रखरखाव में लगे सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने बाढ़ से बचाव के संसाधनों के उपाय तलाशते और बांधों व ठोकरों की सुरक्षा में लगे रहे। नेपाली प्रशासन के अनुसार जलस्तर और बढ़ने की संभावना थी। जिसके चलते सिंचाई विभाग काफी मुस्तैद दिखा। जबकि बाढ़ बचाव की विभागीय तैयारियों पर नेपाल के लोगों ने सवाल भी खड़े किए हैं।
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स्थानीय निवासी दूधनाथ गुप्ता, बलराज, खेम बहादुर, प्रेम चंद आदि ने कहा कि विभाग बांधों के रखरखाव में वर्ष भर करोड़ों का वारा न्यारा करता है। फिर भी आरपास के गांव पर प्रति वर्ष बाढ़ का खतरा बना रहता है। विभाग के लोग चार ट्राली बोल्डर रख कर बाढ़ से बचाने का दावा कर रहे हैं। नेपाली सूत्रों का कहना है कि अभी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी पानी से नारायणी का जल स्तर और बढ़ सकता है। नारायणी नदी के आसपास के गांवों में नेपाल प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
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सशस्त्र सेना व पुलिस को भी बाढ़ पर विशेष नजर रखने का दिशा निर्देश जारी किया है। निचलौल तहसील प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में प्रधानों के माध्यम से लोगों को जमीन पर न सोने, रात को जागने को कह दिया है। एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद ने बताया कि अभी राहत की जरूरत नहीं है। ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है। साथ ही प्रशासन को सूचना देने की ताकीद की गई है।