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आजम के बोल से लेखपाल नाराज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2016 12:34 AM IST
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जिला मुख्यालय स्थित सदर तहसील परिसर में समस्याओं को लेकर लेखपाल संघ ने धरना दिया।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। आजम खां द्वारा मुरादाबाद में लेखपालों को समाज का सबसे गंदा व्यक्ति कहे जाने से नाराज लेखापालों ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार किया और धरना दिया। लेखपालों ने मुख्यमंत्री के नाम से प्रशासन को दिए ज्ञापन में इस प्रकार के बयानों पर कड़ा प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष रुदल प्रसाद ने कहा कि नगर विकास मंत्री आजम खां को अपना इलाज कराना चाहिए। कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष भागवत सिंह ने लेखपाल संघ के कार्यबहिष्कार को अपना समर्थन दिया। लेखपाल अनवर अली ने कहा कि कैबिनेट मंत्री आजम खां को अपनी मानसिक स्थिति ठीक कराने के लिए फातिहा पढ़वानी चाहिए। सदर तहसील अध्यक्ष लोकपति त्रिपाठी ने इस तरह के बयानों पर कड़ा प्रतिबंध लगाने की मांग की। रामबचन, सुदामा प्रसाद, इस्लाम अली, जमालुद्दीन, दीपक पाण्डेय, मुकेश सिंह, अशोक पटेल, ध्रुवनारायन तिवारी, सुबाष वर्मा, आशुतोष आदि मौजूद रहे।
फरेंदा प्रतिनिधि के मुताबिक, धरना प्रदर्शन में लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष रामप्रसाद पांडेय ने कहा कि लेखपाल संवर्ग राजस्व विभाग का सम्मानित संवर्ग है। लेखपाल शासन की किसानों व ग्रामीणों से संबधित समस्त योजनाओं व नीतियों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मंत्री जैनुद्दीन ने कहा कि नगर विकास मंत्री द्वारा लेखपाल को समाज का सबसे गंदा व्यक्ति कह कर लेखपालों को अपमानित करने का काम किया है। जबकि जिस आटो रिक्सा वितरण कार्य के सबंध में शिकायत कर रहे है उसमें लेखपालों की कोई भूमिका नहीं है। जिला उपाध्यक्ष कृष्ण मोहन यादव ने कहा कि मंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का कोई अधिकार नहींं है। इस दौरान श्रीराम गुप्ता, सराफत अली, टीपू सुल्तान, चंद्रमणि पांडेय, हरीहर यादव, हरीराम आदि रहे।
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निचलौल प्रतिनिधि के मुताबिक, नगर विकास मंत्री आजम खांन के बयान पर बौखलाए लेखपालों ने मंगलवार को तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन कर धरना दिया और सीएम से ऐसे मंत्रियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाने की नसीहत दी। तहसील अध्यक्ष गजेन्द्र भारती ने कहा कि नगर विकास मंत्री ने अमर्यादित आचरण से सरकार की छवि धूमिल करते हुए संवर्ग को अपमानित करने का काम किया है। जिसकी हम घोर निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि वे ऐसे मंत्रियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाएं। पूर्व अध्यक्ष श्यामा प्रसाद, मंत्री जनार्दन प्रसाद, रामचन्दर चौधरी व प्रभुनाथ गिरी आदि ने संबोधित किया। कृष्णमुरारी लाल, श्रीभगवान, हेमंत कुमार और रामबचन प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष रुदल प्रसाद ने कहा कि नगर विकास मंत्री आजम खां को अपना इलाज कराना चाहिए। कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष भागवत सिंह ने लेखपाल संघ के कार्यबहिष्कार को अपना समर्थन दिया। लेखपाल अनवर अली ने कहा कि कैबिनेट मंत्री आजम खां को अपनी मानसिक स्थिति ठीक कराने के लिए फातिहा पढ़वानी चाहिए। सदर तहसील अध्यक्ष लोकपति त्रिपाठी ने इस तरह के बयानों पर कड़ा प्रतिबंध लगाने की मांग की। रामबचन, सुदामा प्रसाद, इस्लाम अली, जमालुद्दीन, दीपक पाण्डेय, मुकेश सिंह, अशोक पटेल, ध्रुवनारायन तिवारी, सुबाष वर्मा, आशुतोष आदि मौजूद रहे।
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फरेंदा प्रतिनिधि के मुताबिक, धरना प्रदर्शन में लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष रामप्रसाद पांडेय ने कहा कि लेखपाल संवर्ग राजस्व विभाग का सम्मानित संवर्ग है। लेखपाल शासन की किसानों व ग्रामीणों से संबधित समस्त योजनाओं व नीतियों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मंत्री जैनुद्दीन ने कहा कि नगर विकास मंत्री द्वारा लेखपाल को समाज का सबसे गंदा व्यक्ति कह कर लेखपालों को अपमानित करने का काम किया है। जबकि जिस आटो रिक्सा वितरण कार्य के सबंध में शिकायत कर रहे है उसमें लेखपालों की कोई भूमिका नहीं है। जिला उपाध्यक्ष कृष्ण मोहन यादव ने कहा कि मंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का कोई अधिकार नहींं है। इस दौरान श्रीराम गुप्ता, सराफत अली, टीपू सुल्तान, चंद्रमणि पांडेय, हरीहर यादव, हरीराम आदि रहे।
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निचलौल प्रतिनिधि के मुताबिक, नगर विकास मंत्री आजम खांन के बयान पर बौखलाए लेखपालों ने मंगलवार को तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन कर धरना दिया और सीएम से ऐसे मंत्रियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाने की नसीहत दी। तहसील अध्यक्ष गजेन्द्र भारती ने कहा कि नगर विकास मंत्री ने अमर्यादित आचरण से सरकार की छवि धूमिल करते हुए संवर्ग को अपमानित करने का काम किया है। जिसकी हम घोर निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि वे ऐसे मंत्रियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाएं। पूर्व अध्यक्ष श्यामा प्रसाद, मंत्री जनार्दन प्रसाद, रामचन्दर चौधरी व प्रभुनाथ गिरी आदि ने संबोधित किया। कृष्णमुरारी लाल, श्रीभगवान, हेमंत कुमार और रामबचन प्रसाद आदि मौजूद रहे।