{"_id":"58b3256f4f1c1bcd56831182","slug":"to-register-murder-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रक चालक की हत्या का केस दर्ज करे पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ट्रक चालक की हत्या का केस दर्ज करे पुलिस
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Mon, 27 Feb 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
court shimla
लक्ष्मीपुर। पुरंदरपुर थाना के देवपुर निवासी ट्रक चालक की मौत के मामले में सात माह बाद सीजेएम कोर्ट ने पिता-पुत्र समेत तीन के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने का आदेश एसओ पुरंदरपुर को दिया है। ट्रक चालक की पत्नी ने 22 अगस्त को सीजेएम महराजगंज के कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर केस दर्ज कराने की मांग की थी।
ट्रक चालक की पत्नी शीला ने कहा था कि उसके पति विंध्याचल 2500 रुपये प्रतिमाह की पगार पर गांव के ही विद्यासागर का ट्रक चलाते थे। बकाया मजदूरी को लेकर विद्यासागर हीलाहवाली करता रहता था। विंध्याचल एक जुलाई को ट्रक पर सामान लाद कर नेपाल गए थे। ट्रक के साथ विद्यासागर के दो पुत्र हरिनाथ व अमन भी थे।
आरोप लगाया कि दो जुलाई को नेपाल से लौटते समय रास्ते में जूस में नशीला पदार्थ पिला दिया। बेहोशी की हालात में विद्यासागर व उनके दोनों पुत्रों ने लोहे के रॉड से सिर व कमर में प्रहार किया तथा मृत समझ गांव के बाहर फेंक दिया। गंभीर अवस्था में विंध्याचल को सीएचसी बनकटी में भर्ती कराया गया। वहां से मेडिकल कालेज गोरखपुर फिर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
10 जुलाई 2016 को उनकी मौत हो गई। पति के अंतिम संस्कार के बाद शीला ने थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक का दरवाजा खटखटाया किंतु मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। मामले में अधिवक्ता के बहस पर न्यायिक दंडाधिकारी रामकुमार ने एसओ पुरंदरपुर को अमनमणि, हरिनाथ व विद्यासागर के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
ट्रक चालक की पत्नी शीला ने कहा था कि उसके पति विंध्याचल 2500 रुपये प्रतिमाह की पगार पर गांव के ही विद्यासागर का ट्रक चलाते थे। बकाया मजदूरी को लेकर विद्यासागर हीलाहवाली करता रहता था। विंध्याचल एक जुलाई को ट्रक पर सामान लाद कर नेपाल गए थे। ट्रक के साथ विद्यासागर के दो पुत्र हरिनाथ व अमन भी थे।
विज्ञापन
आरोप लगाया कि दो जुलाई को नेपाल से लौटते समय रास्ते में जूस में नशीला पदार्थ पिला दिया। बेहोशी की हालात में विद्यासागर व उनके दोनों पुत्रों ने लोहे के रॉड से सिर व कमर में प्रहार किया तथा मृत समझ गांव के बाहर फेंक दिया। गंभीर अवस्था में विंध्याचल को सीएचसी बनकटी में भर्ती कराया गया। वहां से मेडिकल कालेज गोरखपुर फिर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
10 जुलाई 2016 को उनकी मौत हो गई। पति के अंतिम संस्कार के बाद शीला ने थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक का दरवाजा खटखटाया किंतु मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। मामले में अधिवक्ता के बहस पर न्यायिक दंडाधिकारी रामकुमार ने एसओ पुरंदरपुर को अमनमणि, हरिनाथ व विद्यासागर के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज करने का आदेश दिया है।