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खेत की आड़ में नदी से निकाल रहे बालू
Mon, 17 Dec 2018 12:32 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:32 AM IST
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खेत की आड़ में नदी से निकाल रहे बालू
- फोटो : अमर उजाला
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घुघली (महराजगंज)। नदी के समीप खेत का पट्टा कराकर अनधिकृत तरीके से बालू खनन कराया जा रहा है। खेतों में 2 से 3 घन मीटर गहराई तक खोदाई की स्वीकृति लेकर 10 फीट गहराई तक गड्ढा तो खोद दे रहे हैं लेकिन इसकी आड़ में समीप स्थित नदी से बालू खनन भी कर ले रहे हैं।
दरअसल, खेत से रेत निकालने के नाम पर खोदाई की अनुमति लेकर प्रशासन को दिखाने के लिए लोग गड्ढा तो खोद रहे हैं लेकिन उसकी आड़ में बालू खनन भी कर रहे हैं। रोहिन नदी से बालू खनन कर खेत मंे बनाए गए गड्ढे मंे डंप करा दिया जा रहा है। इसके बाद उसी गड्ढे से बालू वाहनों से दूसरे क्षेत्रों मंे भेज जा रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा बालू की निकासी कोटिया, बाला क्षत्र घाट, त्रिमुहानी, टेड़वा आदि जगहों पर हो रही है। कोटिया व बाला क्षत्र घाट से हर दिन सैकड़ों ट्रैक्टर ट्राली, बैलगाड़ी एवं ट्रकों पर बालू लादकर भेजा जाता है। मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर अवैध बालू खनन की शिकायत समाज सेवी सीताराम पांडेय ने की है। उन्होंने बताया कि पट्टा कहीं और का है और खनन कहीं और हो रहा है। खनन के लिए स्वीकृत खेत में लगभग 10 फीट गहराई तक खुदाई कराई जा रही है। यह काम प्रशासन को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है। खनन इंस्पेक्टर शिवदयाल ने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अवैध बालू खनन नहीं होने दिया जाएगा।
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दरअसल, खेत से रेत निकालने के नाम पर खोदाई की अनुमति लेकर प्रशासन को दिखाने के लिए लोग गड्ढा तो खोद रहे हैं लेकिन उसकी आड़ में बालू खनन भी कर रहे हैं। रोहिन नदी से बालू खनन कर खेत मंे बनाए गए गड्ढे मंे डंप करा दिया जा रहा है। इसके बाद उसी गड्ढे से बालू वाहनों से दूसरे क्षेत्रों मंे भेज जा रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा बालू की निकासी कोटिया, बाला क्षत्र घाट, त्रिमुहानी, टेड़वा आदि जगहों पर हो रही है। कोटिया व बाला क्षत्र घाट से हर दिन सैकड़ों ट्रैक्टर ट्राली, बैलगाड़ी एवं ट्रकों पर बालू लादकर भेजा जाता है। मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर अवैध बालू खनन की शिकायत समाज सेवी सीताराम पांडेय ने की है। उन्होंने बताया कि पट्टा कहीं और का है और खनन कहीं और हो रहा है। खनन के लिए स्वीकृत खेत में लगभग 10 फीट गहराई तक खुदाई कराई जा रही है। यह काम प्रशासन को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है। खनन इंस्पेक्टर शिवदयाल ने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अवैध बालू खनन नहीं होने दिया जाएगा।
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