चरस बरामदगी मामले में दस साल की सजा
सोनौली थाना के उपनिरीक्षक फणींद्र यादव ने नवंबर में छपवा के पास अपनी टीम के साथ गश्त कर रहे थे।
तभी मुखबिर से सूचना मिली कि नेपाल से एक कार में एक तस्कर भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर भारत में प्रवेश कर रहा रहा है। इस सूचना पर विश्वास करके वे अपनी टीम के साथ संदिग्धों की चेकिंग करने लगे।
तभी एक शख्स कार से आते दिखाई दिया। तलाशी के दौरान शर्ट व कार के सीट के नीचे छिपाकर रखा गया साढ़े चार किलोग्राम चरस मिला।
पूछताछ में उसने अपना नाम राजकमल पूरी निवासी सोनौली बताया।
मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने अभियुक्त को जेल भेज दिया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। जहां कार्यवाहक शासकीय अधिवक्ता राही मासूम रजा ने अभियुक्तों को कड़ी से कड़ी सजा की मांग किया।
जिस पर एडीजे प्रथम गोविंद वल्लभ शर्मा ने गवाहों व सारे कागजातों के आधार पर अभियुक्त को दस साल की सजा सुनाई और एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित दिया।