{"_id":"5bf1be90bdec2269724a8a83","slug":"surveillance-on-the-boundary-ignoring-the-trail","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमा पर चौकसी, पगडंडी की अनदेखी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सीमा पर चौकसी, पगडंडी की अनदेखी
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:03 AM IST
विज्ञापन
सीमा पर चौकसी, पगडंडी की अनदेखी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नौतनवां (महराजगंज)। एक तरफ जहां सोनौली बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां चौकस हैं वहीं दूसरी तरफ भारत-नेपाल सरहद के पगडंडी रास्तों पर सुरक्षा के कुछ खास इंतजाम नहीं है। जिसका फायदा उठाकर तस्कर खाद, बीज व खाद्यान्नों को तस्करी के माध्यम से नेपाल पहुंचा दे रहे हैं।
लोगों के मुताबिक सोनौली कोतवाली क्षेत्र का खनुआ, कैथवलिया उर्फ बरगदही, हरदीडाली, शेषफरेंदा व केवटलिया के पगडंडी रास्ते तस्करी के लिए सेफ जोन बन गए हैं। इन गांवों में खाद व बीज के गोदाम तक स्थापित कर लिए गए हैं। सबसे अधिक तस्करी नो मेंस लैंड के पिलर संख्या 518 से 529 के बीच के पगडंडी रास्तों से हो रही है। जहां एसएसबी की अस्थायी कैंप से करीब 10 मीटर की दूरी पर साइकिल व बाइक के जरिए तस्करी कर माल नेपाल भेजे जा रहे हैं। इस संबंध में एसएसबी 66वीं वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट एसपी टुंडोप का कहना है तस्करी होने की जानकारी मिली है। उनका कहना था कि पगडंडी के रास्ते से तस्करी पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
लोगों के मुताबिक सोनौली कोतवाली क्षेत्र का खनुआ, कैथवलिया उर्फ बरगदही, हरदीडाली, शेषफरेंदा व केवटलिया के पगडंडी रास्ते तस्करी के लिए सेफ जोन बन गए हैं। इन गांवों में खाद व बीज के गोदाम तक स्थापित कर लिए गए हैं। सबसे अधिक तस्करी नो मेंस लैंड के पिलर संख्या 518 से 529 के बीच के पगडंडी रास्तों से हो रही है। जहां एसएसबी की अस्थायी कैंप से करीब 10 मीटर की दूरी पर साइकिल व बाइक के जरिए तस्करी कर माल नेपाल भेजे जा रहे हैं। इस संबंध में एसएसबी 66वीं वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट एसपी टुंडोप का कहना है तस्करी होने की जानकारी मिली है। उनका कहना था कि पगडंडी के रास्ते से तस्करी पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन