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महिला की मौत मामले में उपेक्षा का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Sep 2016 12:15 AM IST
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हत्याकांड की जांच करती पुलिस
- फोटो : AmarUjala
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महराजगंज(ब्यूरो)। कोठीभार थाना क्षेत्र के हरपुर पकड़ी के बलुआ टोले पर हुई गर्भवती महिला की हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए पिता थाने का चक्कर काट रहे हैं। कोई न कोई बहाना बनाकर उनको पुलिस लौटा दे रही है।
कोतवाली क्षेत्र के अमरूतिया निवासी राम प्रसाद ने आरोप लगाया है कि उन्होंने तीन वर्ष पहले अपनी पुत्री पूनम का विवाह हरपुर पकड़ी के दीपेंद्र से किया था। विवाह के समय मांग के अनुसार दहेज के तौर पर ढाई लाख रुपये दिया गया था। सिर्फ सोने की चेन नहीं दे पाए थे। अप्रैल 2014 में गवना के समय चेन के लिए कुछ दिन का समय मांगा था। इसी 23 अगस्त शाम को पूनम ने अपने मायके वालों को मोबाइल फोन से सूचना दी की उसकी ससुराल वाले सोने की चेन न मिलने से मारपीट रहे है और साथ ही आग्रह किया कि ससुराल आकर इस मामले को सुलटा दें।
उन्होंने कहा कि वह दूसरे दिन हरपुर पकड़ी जाने की तैयारी में ही था कि एक व्यक्ति का फोन आया कि पूनम की हत्या कर दी गई है। पूनम गर्भवती थी।
रामप्रसाद ने बताया कि जब वह परिवार व गांव के लोगों के साथ पूनम की ससुराल पहुंचे तो उसकी लाश दरवाजे पर थी और उसके दाह संस्कार की तैयारी हो चुकी थी। उन्होंने वहीं से एसपी को सूचना दी तो कोठीभार पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को पीएम के लिए भेज दिया।
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रामप्रसाद का कहना है कि इस संबंध में कोठीभार थानाध्यक्ष को बीते शुक्रवार को प्रार्थना पत्र दिया गया परंतु अभी तक एफआईआर तक नहीं दर्ज हुई। कहा कि पोस्टमार्टम की छायाप्रति भी नहीं दे रहे हैं। वहीं आरोपियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई न होने से वे खुलेआम घूम रहे हैं।
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कोतवाली क्षेत्र के अमरूतिया निवासी राम प्रसाद ने आरोप लगाया है कि उन्होंने तीन वर्ष पहले अपनी पुत्री पूनम का विवाह हरपुर पकड़ी के दीपेंद्र से किया था। विवाह के समय मांग के अनुसार दहेज के तौर पर ढाई लाख रुपये दिया गया था। सिर्फ सोने की चेन नहीं दे पाए थे। अप्रैल 2014 में गवना के समय चेन के लिए कुछ दिन का समय मांगा था। इसी 23 अगस्त शाम को पूनम ने अपने मायके वालों को मोबाइल फोन से सूचना दी की उसकी ससुराल वाले सोने की चेन न मिलने से मारपीट रहे है और साथ ही आग्रह किया कि ससुराल आकर इस मामले को सुलटा दें।
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उन्होंने कहा कि वह दूसरे दिन हरपुर पकड़ी जाने की तैयारी में ही था कि एक व्यक्ति का फोन आया कि पूनम की हत्या कर दी गई है। पूनम गर्भवती थी।
रामप्रसाद ने बताया कि जब वह परिवार व गांव के लोगों के साथ पूनम की ससुराल पहुंचे तो उसकी लाश दरवाजे पर थी और उसके दाह संस्कार की तैयारी हो चुकी थी। उन्होंने वहीं से एसपी को सूचना दी तो कोठीभार पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को पीएम के लिए भेज दिया।
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रामप्रसाद का कहना है कि इस संबंध में कोठीभार थानाध्यक्ष को बीते शुक्रवार को प्रार्थना पत्र दिया गया परंतु अभी तक एफआईआर तक नहीं दर्ज हुई। कहा कि पोस्टमार्टम की छायाप्रति भी नहीं दे रहे हैं। वहीं आरोपियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई न होने से वे खुलेआम घूम रहे हैं।