{"_id":"6ff43f028dbaf117ff85a0a5840e6cb2","slug":"pakistani-javed-court-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तानी नागरिक जावेद कोर्ट में पेश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पाकिस्तानी नागरिक जावेद कोर्ट में पेश
अमर उजाला ब्यूरो /महराजगंज
Updated Tue, 05 Jan 2016 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तानी नागरिक जावेद को सोमवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। उसने कबूल किया कि वह गलत तरीके से भारत में प्रवेश कर रहा था। जावेद के अधिवक्ता ने कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया जल्द रिहा किए जाने की अपील की।
पाकिस्तानी नागरिक जावेद को 23 अक्टूबर को पुलिस के सहयोग से सुरक्षा एजेंसियों ने सोनौली बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। उसके पास ने तो वीजा था न ही पासपोर्ट। तलाशी के दौरान उसके पास से विदेशी मुद्रा, मोबाइल चार्जर और लैपटॉप भी मिला था। पुलिस ने मामले में विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था।
पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने जावेद पर आईएसआई एजेंट के शक में 28 अक्टूबर को रिमांड पर लिया था। पांच दिन तक पुलिस लाइंस में ‘रा’ समेत कई सुरक्षा एजेंसियों ने उससे पूछताछ की थी। इस बीच बीएचयू के प्रोफेसर डॉ. राजेश सिंह का भी आमना सामना कराया गया था।
विज्ञापन
पूछताछ में आईएसआई एजेंट की पुष्टि न होने पर उसे जेल भेज दिया गया था। जावेद के अधिवक्ता एटी पांडेय ने बताया कि सोमवार को उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के वहां पेश किया गया। जहां उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एक जुर्म स्वीकारोक्ति प्रार्थना पत्र कोर्ट को दिया। जिसमें उसने कबूल किया कि वह गलत तरीके से भारत में प्रवेश कर रहा था। अधिवक्ता ने जावेद के बीमारी का हवाला देकर कम से कम सजा की मांग की है।
विज्ञापन
पाकिस्तानी नागरिक जावेद को 23 अक्टूबर को पुलिस के सहयोग से सुरक्षा एजेंसियों ने सोनौली बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। उसके पास ने तो वीजा था न ही पासपोर्ट। तलाशी के दौरान उसके पास से विदेशी मुद्रा, मोबाइल चार्जर और लैपटॉप भी मिला था। पुलिस ने मामले में विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने जावेद पर आईएसआई एजेंट के शक में 28 अक्टूबर को रिमांड पर लिया था। पांच दिन तक पुलिस लाइंस में ‘रा’ समेत कई सुरक्षा एजेंसियों ने उससे पूछताछ की थी। इस बीच बीएचयू के प्रोफेसर डॉ. राजेश सिंह का भी आमना सामना कराया गया था।
विज्ञापन
पूछताछ में आईएसआई एजेंट की पुष्टि न होने पर उसे जेल भेज दिया गया था। जावेद के अधिवक्ता एटी पांडेय ने बताया कि सोमवार को उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के वहां पेश किया गया। जहां उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एक जुर्म स्वीकारोक्ति प्रार्थना पत्र कोर्ट को दिया। जिसमें उसने कबूल किया कि वह गलत तरीके से भारत में प्रवेश कर रहा था। अधिवक्ता ने जावेद के बीमारी का हवाला देकर कम से कम सजा की मांग की है।