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सूरत से चला, बीच से लापता
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Sep 2016 12:44 AM IST
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रेलवे स्टेशन पर यात्री।
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फरेंदा। मथुरानगर टोला निरहुपुर का एक युवक दो माह पहले कमाने के लिए गुजरात के सूरत शहर में गया हुआ था। शनिवार को गांव वापस आने के लिए ट्रेन पर बैठा। लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी गांव नहीं पहुंचा। परिजन किसी अनहोनी की आशंका से भयभीत हैं और खोज में लगे हुए हैं।
फरेंदा थाना क्षेत्र के ग्राम मथुरानगर टोला निरहुपुर निवासी राजमन प्रसाद का 30 वर्षीय पुत्र शिवकुमार दो-तीन वर्षो से गुजरात के सूरत शहर में पालिश का काम करता है दो-तीन वर्षों के बीच वह कई बार सूरत आया गया अभी दो महीने पहले फिर से कमाने के सिलसिले में वह सूरत गया था लेकिन एक हफ्ते पहले सूरत में ही उसकी तबियत खराब हुई। उसने वहां इलाज कराया लेकिन वह ठीक नहीं हुआ।
वहां मौजूद गांव के ही उसके दोस्तों ने उसे घर जाने की सलाह दी तब वह शनिवार की रात 3 बजे अवध एक्सप्रेस में वेटिंग टिकट लेकर बैठा और अपने परिजनों को मोबाइल से घर आने की बात बताई। अगले दिन रविवार की सुबह युवक के पिता ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो फोन स्विच आफ आ रहा था। दो दिन बीतने के बाद जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजन बहुत परेशान हुए और उसके दोस्तों से जानकारी की।
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उन्होंने बताया कि हम ट्रेन पर बैठा दिए थे हमको लगा कि वह घर पहुंच गया होगा परिजन परेशान होकर मंगलवार को जीआरपी गोरखपुर में शिकायत किए लेकिन अभी तक युवक की कोई सूचना नहीं मिली। शिवकुमार की पत्नी निशा का रो-रो कर बुरा हाल है वह रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी उसके तीन बच्चे श्लोक 7 वर्ष, बंटी 5 वर्ष व एक 15 दिन की लड़की निशा की गोद में थी बच्चे बार-बार पापा कब आयेंगे यही पूछ रहे थे।
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फरेंदा थाना क्षेत्र के ग्राम मथुरानगर टोला निरहुपुर निवासी राजमन प्रसाद का 30 वर्षीय पुत्र शिवकुमार दो-तीन वर्षो से गुजरात के सूरत शहर में पालिश का काम करता है दो-तीन वर्षों के बीच वह कई बार सूरत आया गया अभी दो महीने पहले फिर से कमाने के सिलसिले में वह सूरत गया था लेकिन एक हफ्ते पहले सूरत में ही उसकी तबियत खराब हुई। उसने वहां इलाज कराया लेकिन वह ठीक नहीं हुआ।
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वहां मौजूद गांव के ही उसके दोस्तों ने उसे घर जाने की सलाह दी तब वह शनिवार की रात 3 बजे अवध एक्सप्रेस में वेटिंग टिकट लेकर बैठा और अपने परिजनों को मोबाइल से घर आने की बात बताई। अगले दिन रविवार की सुबह युवक के पिता ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो फोन स्विच आफ आ रहा था। दो दिन बीतने के बाद जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजन बहुत परेशान हुए और उसके दोस्तों से जानकारी की।
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उन्होंने बताया कि हम ट्रेन पर बैठा दिए थे हमको लगा कि वह घर पहुंच गया होगा परिजन परेशान होकर मंगलवार को जीआरपी गोरखपुर में शिकायत किए लेकिन अभी तक युवक की कोई सूचना नहीं मिली। शिवकुमार की पत्नी निशा का रो-रो कर बुरा हाल है वह रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी उसके तीन बच्चे श्लोक 7 वर्ष, बंटी 5 वर्ष व एक 15 दिन की लड़की निशा की गोद में थी बच्चे बार-बार पापा कब आयेंगे यही पूछ रहे थे।