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बाबा की हत्या में नाती को उम्रकैद की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Aug 2016 12:38 AM IST
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महराजगंज। परसा मलिक थाना क्षेत्र की ग्राम सभा पिपरवास के पास वर्ष 2002 में गोली मार कर गिरीश प्रसाद शुक्ल की हत्या के मामले में सगे नाती सुनील कुमार शुक्ला को दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम गोविन्द वल्लभ शर्मा ने सश्रम आजीवन कारावास एवं 17 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
जय प्रकाश शुक्ल निवासी विशुनपुर थाना बरहज जनपद देवरिया ने परसामलिक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी खेती बारी देवरिया के अलावा महराजगंज जिले के थाना परसामलिक क्षेत्र में भी है। 7 मई 2002 को समय करीब 12.30 बजे दिन में वादी अपने खेत का गेहूं बेचकर ग्राम पिपरवास से जमुहानी जा रहा था।
गांव के बाहर सड़क के किनारे पहले से बैठा सुनील कुमार शुक्ला ने जमीन की रंजिश के कारण वादी के पिता गिरीश प्रसाद शुक्ला को गोली मार दी। गिरीश प्रसाद शुक्ला की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
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मुकदमा की सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता अजीत कुमार सिंह ने तमाम सबूत पेश कर कठोर सजा की मांग की। न्यायालय ने सबूतों व गवाहों के बयान के आधार पर अपने 50 पृष्ठीय विस्तृत फैसले में सुनील कुमार शुक्ला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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जय प्रकाश शुक्ल निवासी विशुनपुर थाना बरहज जनपद देवरिया ने परसामलिक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी खेती बारी देवरिया के अलावा महराजगंज जिले के थाना परसामलिक क्षेत्र में भी है। 7 मई 2002 को समय करीब 12.30 बजे दिन में वादी अपने खेत का गेहूं बेचकर ग्राम पिपरवास से जमुहानी जा रहा था।
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गांव के बाहर सड़क के किनारे पहले से बैठा सुनील कुमार शुक्ला ने जमीन की रंजिश के कारण वादी के पिता गिरीश प्रसाद शुक्ला को गोली मार दी। गिरीश प्रसाद शुक्ला की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
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मुकदमा की सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता अजीत कुमार सिंह ने तमाम सबूत पेश कर कठोर सजा की मांग की। न्यायालय ने सबूतों व गवाहों के बयान के आधार पर अपने 50 पृष्ठीय विस्तृत फैसले में सुनील कुमार शुक्ला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।