फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   lack of tranquilizer, leopard dead

ट्रैंकुलाइजर गन के अभाव में तड़प कर मरा तेंदुआ

Wed, 10 Aug 2016 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 10 Aug 2016 12:31 AM IST
विज्ञापन
lack of tranquilizer, leopard dead
leopard - फोटो : AmarUjala
सोहगीबरवा। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के सीमावर्ती वाल्मीकि टाईगर रिजर्व (वीटीआर) के जंगलों में बाघों व अन्य जानवरों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। इसका परिणाम है कि आए दिन बाघ व तेंदुआ आदि संरक्षित जीव बेमौत मर रहे हैं। इसके पहले भी मदनपुर वन क्षेत्र के नौरंगिया वन परिसर में रॉयल टाइगर की मौत आयरन ट्रैप में फंस कर हो गई थी।
विज्ञापन


उस समय भी वन विभाग के तमाम आला अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे। लेकिन संसाधन के अभाव में उसे नहीं बचाया जा सका। ट्रेेंकुलाइजर गन के अभाव में तेंदुए को बेहोश नहीं किया जा सका। पटना से जब तक गन मंगाया गया तबतक तेंदुए ने दम तोड़ दिया था। सोमवार को एक बार फिर से वहीं कहानी दोहराई गई। मदनपुर वन  क्षेत्र के कांटी जंगल के पास रिहायसी इलाके में जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए लगाए गये तार में तेंदुआ फंस गया था। यदि ट्रैंकुलाइजर गन होत तो तेंदुए की जान बचाई जा सकती थी। 
विज्ञापन


वन विभाग का दावा है कि खेत में तार फंदा किसानों ने लगाया था। जबकि लोगों का कहना है कि फसल बचाने के लिए किसान किसी प्रकार का जाल या फंदा नहीं लगाते हैं। किसान फसल की रक्षा स्वयं करते हैं। इसके लिए वे खेत में रात भर जागते हैं। इस तरह का काम केवल शिकारियों द्वारा ही किया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि स्थानीय शिकारियों द्वारा सुअर या हिरण को मारने के लिए खेत के किनारे फंदा लगाया गया था। संयोग से जिस जगह पर फंदा  लगाया गया था उस रास्ते से तेंदुआ चला गया। जिसमें वह फंस कर जान गंवा बैठा।
विज्ञापन
विज्ञापन


 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed